चिरय बनों मा, चिरय बोले रे...छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम-कुठया, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे है:
चिरय बनों मा, चिरय बोले रे-
अभी चुग के दिना टर गयें, हमार देश के-
कंचा बोरी बास हो गए, हो गए थे होशियार-
लाभ मिली जाई भय्या, रोयो रोज़गार-
अभी चुग के दिना टर गयें, हमार देश के-
चिरय बनों मा, चिरय बोले रे...
Posted on: Apr 29, 2018. Tags: MEVALAL DEVANGAN SONG VICTIMS REGISTER
भजन भगवान के कर लो, समय बीत जाती है...भजन गीत
ग्राम-सारंगपुर, पोस्ट-तातापानी, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से नन्दलाल सिंह एक भजन गीत सुना रहे है:
भजन भगवान के कर लो, समय बीत जाती है-
साल तुमने खेल में खोया, आये जवानी नींद भर सोया-
आये बुढ़ापे में नींद ले कर रोया, जवानीपन में नींद भर सोया-
भजन भगवान के कर लो, समय बीत जाती है-
आये बुढ़ापे में नींद के कर रोया, जवानीपन में नींद भर सोया-
भजन भगवान के कर लो, समय यह बीत जाती है...
Posted on: Apr 29, 2018. Tags: NANDLAL SINGH SONG VICTIMS REGISTER
हलत नहिये जी, ढोलत नहिये जी...छत्तीसगढ़ी कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे है:
हलत नहिये जी, ढोलत नहिये जी-
का हो गए बुढवा बाबनला बोलत नहिये जी-
चप्पर-चप्पर मंतर बोलत रहे जी-
अब तो मुंह लगे कछु कहत नहिये जी-
काहित मने मन म गुनत हवे जी-
बिहाव के भावर ला गिन्जारत नहिये जी...
Posted on: Apr 29, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
रेल चली भाई रेल चली, लेकर अपना मकसद ख़ास...बाल कविता
तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़)से कन्हैयालाल पड़ीयारी एक कविता सुना रहे है:
रेल चली भाई रेल चली, लेकर अपना मकसद ख़ास-
घुमा फिरा कर फ़िर ले आया, रख अपना ख़ास विश्वाश – दिल्ली दिखाया बम्बई दिखाया, कलकत्ता से ले गया मद्रास-
छोटा बड़ा सभी जगह दिखाया, पटरी पर ले अपना हास-
स्टेशनों का कर जायेजा, कर सिटी पर अपना विश्वाश-
माल ढ़ोया सवारी चढ़ाया, फ़िर भी न खोया अपना स्वास्थ्य-
रोज़ चलता फ़िर भी नही थकता, वह देखता नही अपने आस-पास...
Posted on: Apr 29, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADHIYARI SONG VICTIMS REGISTER
बेटी तै जाथस ससुराल वो, बने-बने रहबे...बेटियों पर छत्तीसगढ़ी कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी बेटियों से सम्बंधित एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे है:
बेटी तै जाथस ससुराल वो-
बने-बने रहबे-
मुंह ला रख बे संभाल के-
सांस ससुर ला-
दाई दादा के सम्मान बे-
नन्द देवर ला भाई बहन वो-
जेट जेठानी ला भाई-
बहुजाई के सम्मान बे वो...
