किलेपाल से सामुराम जी अपनी खेती के गुर साझा कर रहे हैं...
कमलुपारा, ग्राम पंचायत- किलेपाल नं. 1, ब्लाक- बास्तानार, जिला- बस्तर (छतीसगढ़) से सामुराम बारिश के फसल के बारे में बता रहे हैं। केवल बारिश पे निर्भर हो कर ही धान की फसल लगाई जाती है। जिस किस्म की धान यह लगाते हैं, अगर बारिश अच्छे से नहीं होती तो इसकी फसल अच्छी तरह नहीं पक पाती। धान के अलावा कोसरा व तिल्ली भी बोया जाता है। बारिश कम होने की वजह से वे मक्का नहीं बोते हैं। संपर्क@ 6268973790.
Posted on: Oct 24, 2021. Tags: AGRICULTURE BASTANAR BASTAR FARMING KILEPAL SAAMURAM
जिओ नेटवर्क की बेहद समस्या; टॉवर लगाने में कृप्या मदद की अपील ....
ग्राम-पंचायत बड़े काकलूर कोलापारा,विकास-खण्ड बास्तानार जिला-बस्तर छत्तीसगढ़ से विजय कुमार पोयाम बता रहें हैं कि उनके गाँव में नेटवर्क की समस्या से लोग बहुत परेशान हैं,उनका गाँव अंदर जगह चारों ओर से पहाड़ियों से गिरा हैं जिसके कारण दूर का टॉवर नहीं पहुँच पाता हैं,वहाँ किसी भी प्रकार की बाहरी जानकारी नहीं पहुँचता हैं,नेटवर्क से संबंधित वहाँ कोई कार्य नहीं होता हैं|वहाँ के विद्यार्थी इस लॉकडाउन की स्थिति में ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर पातें हैं,इसलिए वहाँ के अधिकतर विद्यार्थी स्कूल जाना छोड़ देतें हैं और दुष्कर्मों की ओर कदम बढ़तें हैं,इसलिए लोग अशिक्षित हैं|यह जानकर आश्चर्य होगा कि वहाँ 12 वीं पास विद्यार्थियों की संख्या मात्र 4 हैं,उस गाँव में करीब 90 से अधिक घर हैं|हम कई बार जिओ-टॉवर की माँग के लिए जनपद पंचायत में और छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री माननीय भूपेश सरकार को आवेदन किये थे,परन्तु हमारा आवेदन बीच में ही रुक जातें हैं,इस पर कोंई ध्यान नहीं देतें हैं|इसलिए आपसे अनुरोध हैं कि आप हमारे इस जिओ-टॉवर की माँग कों पूरा करने में सहयोग करें|वहाँ के सरपंच महोदय@9409019041,सचिव महोदय@9406073934,बास्तानार सीईओ साहब@9406016762,बस्तर कलेक्टर@8458956694.
Posted on: Oct 24, 2021. Tags: BASTANAR BASTAR CG JIO KUMAR NETWORK PROBLEM VIJAY
हमारे पारा में बिजली की बहुत समस्या हैं, लोगों को अंधेरे में रहना पड़ रहा हैं, कृपया मदद की अपील-
ग्राम पंचायत-रतेंगा, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से धनसिंह कश्यप बता रहे हैं बीजाकासापारा में बिजली की बहुत समस्या हैं, बिजली नही होने से लोगो को लाईट की सुविधा नहीं मिल पा रही हैं| रात को अंधेरे में रहना पड़ता है| आधुनिक सुविधओं से दूर हैं| इसलिये वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं| दिये नंबरों पर बात कर गाँव में लाईट की समस्या को हल कराने में मदद करें : संपर्क नंबर@9430313721, कलेक्टर@8458956694.
Posted on: Oct 24, 2021. Tags: BASTAR BIJALI CG DHNASING KASHYAP PROBLEM
1 साल पहले मटेरियल मिल गया था लेकिन आज तक शौचालय नहीं बना...
ग्राम पंचायत-बड़ेगुडरा, ब्लाक-बास्तानार, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से पांडूराम पोयाम बता रहे हैं, उनके घर में शौचालय नहीं बना है जिसके कारण शौच के लिये बाहर जाना पड़ता है| ये समस्या पूरे गाँव में है, उन्होंने इसके लिये आवेदन किया था, जिसके बाद उनके नाम से शौचालय स्वीकृत हुआ और 1 वर्ष पहले मटेरियल लाया गया था, लेकिन निर्माण काम शुरू नहीं हुआ है| आज भी शौचालय नहीं बना है| निवेदन करने पर ध्यान नहीं दे रहे हैं इसलिये वे सीजीनेट के श्रोताओं से निवेदन कर रहे हैं कि दिये नंबरों पर संपर्क कर शौचालय निर्माण कराने में मदद करें: संपर्क@नंबर9424162622. सरपंच@9479019041, सचिव@9406073934. (185945)
Posted on: Oct 24, 2021. Tags: BASTANAR BASTAR PROBLEM CG GUHAR TOILET
बस्तर का सिनेमा मुर्गा लड़ाई उत्सव;इस त्यौहार को आदिवासी पूर्वजों से मनाते आ रहें हैं....
बुल्लिपारा, ग्राम पंचायत कोडेनार 3, जिला बस्तर, छत्तीसगढ़ में वनवासी आदिवासियों का प्रसिद्ध मुर्गा लड़ाई का उत्सव आयोजन किया जाता हैं|यह उनका आनंद उठाने का उत्सव हैं,इसमें महिलाएँ पुरुष बच्चें बुजुर्ग सभी आते हैं |इस उत्सव का कोई शुरुआत नहीं हैं,कहीं अंत नहीं है,क्योंकि इस त्यौहार को साल के हर महीने में अच्छा समय देखकर करतें हैं|सबसे पहले इस त्यौहार को मनाने के लिए निर्णय लेते हैं,कि कब और कहाँ करना है उसके बाद उस जगह पर एक गोला 40 से 50 मीटर व्यास का बनाते हैं|मुर्गा लड़ाई उत्सव के दिन उस जगह पर धूप(गर्मी) कम होते ही जमा हो जाते हैं,महिलाएँ देशी मादक पदार्थ जैसे लंदा,कल,गोर्गा,फास अर्थात् क्रमशः लंदा,मंद सल्फी,सुरम लाते हैं|पुरुष लोग दो-दो मुर्गा का जोड़ी बराबर वजन या ऊंचाई के अनुसार करते हैं,उसके बाद एक-एक जोड़ी को उनके एक-एक पैर में छोटा चाकू बांध देते हैं और गोले के अंदर ले जाकर आपस में लड़ाते हैं,पुरुष लोग दो पक्ष में विभक्त हो जाते है,पहला पक्ष एक मुर्गा की ओर,दूसरा पक्ष दूसरे मुर्गा ओर होता हैं दोनों पक्ष आपस में अपने हिसाब से पैसा रखते हैं,जो मुर्गा जीतता है उस पक्ष के लोग पैसा ले जाते हैं,परन्तु ये पैसा किसी न किसी रूप में उन्हीं हारे हुए लोगों के पास पहुँच जाता है| जैसे- जीते हुए लोग उन्हीं पैसों से लंदा मंद आदि उनके हिसाब से पीते हैं,इस प्रकार उनकी पत्नियों बहनों के द्वारा ये पैसा पुनः हारे हुए लोगों के हाथ में पहुँच जाता हैं|इस प्रकार दोनों पक्ष खुश हो जाता हैं|इसके बाद रातभर चाँदनी रात में पुरुष महिलाऐं बच्चें सब दो पक्ष में विभक्त होकर पंक्तिबद्ध में नानो वेया आदि गाना से नाचते-गाते हैं|इस प्रकार बस्तर के आदिवासी उत्सव दिवस मनातें हैं|इसलिए मुर्गा लड़ाई उत्सव को बस्तर के आदिवासियों का सिनेमा कहना उचित होगा|जय जौहार,जय बस्तर!
