ओलिया कसन ठगत है, जोन हर बनथ है हमर सरकार...छत्तीसगढ़ी कविता
तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ीयारी एक छत्तीसगढ़ी में एक कविता सुना रहे है:
ओलिया कसन ठगत है, जोन हर बनथ है हमर सरकार-
नित्ता नित्ता उमन खात है, कमैय्या के जिन्दगी बेकार-
बैला कमाथ है, घुड़वा खात है, बैला के जीना हवे बेकार-
दिनभर नेहना तोड़ के बैलाहा पाएं खाये भर, भैरा रुखा सुखा-
और घोड़ा खाये दाने चबेना, खड़े खड़े मजा ले पोगराये-
वईसन हमर देश में हवे, ठगवा नित्ता नित्ता ला खाये-
और खेत खार में कमैय्या किसान, दाना दाना बर ललाय...
Posted on: Apr 09, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADHIYARI SONG VICTIMS REGISTER
14 साल में एकबार होने वाले करसाड मेला का आयोजन 2-3 अप्रैल को किया गया (गोंडी भाषा में)
जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से नेमालाल कुमरा आज गोंडी भाषा में देव कलियान के बारे में बता रहे है वे बता रहे है कि देव कलियान में 7 मंडा और 18 पुजारी रहते है उसमे एक बाबा है जो करसाड मेला के प्रमुख है अभी करसाड का मेला हुआ 2-3 अप्रैल 2018 को और यह मेला 14 साल में एक बार होता है उसमे उस बाबा का पूरा परिवार आया था इस मेले में सभी लोग एक दूसरे से मिले जो दूर- दूर से आए थे, बहुत से साथी अन्य राज्यों से और बहुत दूर से आए थे. वहां पर लिंगो बाबा और परमा मुदियाल सहित सभी देवी देवताओ की पूजा 18 गाजे बाजे के साथ किया गया और यह कार्यक्रम बहुत अच्छे से किया गया | यह कार्यक्रम अगली बार फिर 14 साल बाद होगा
Posted on: Apr 09, 2018. Tags: NEMALAL KUMRA GONDI SONG VICTIMS REGISTER
जन्मे है राम रघुरय्या, अवधपुर बाजे बधाईया...भक्ति गीत
ग्राम-छुलकारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से मन्दाकिनी मिश्रा एक भक्ति गीत सुना रही है:
जन्मे है राम रघुरय्या, अवधपुर बाजे बधाईया-
कौन के घर में जन्मे है राम जी,कौन के घर कन्हैया-
अवधपुर, बाजे बधाईया, जन्मे है राम रघुरय्या-
दशरथ के घर जन्मे, राम रघुरय्या,
देवकी के लाल कन्हैया,अवधपुर बाजे बधाईया-
क्या खाये श्रीराम रघुरय्या,क्या रे कन्हैया,अवधपुर बाजे बधाईया...
Posted on: Apr 09, 2018. Tags: MANDAKINI MISHRA SONG VICTIMS REGISTER
तोर पायल बाजे छामा छम, दाई तोर पाचल वाये झामा झम...देवी वंदना -
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक देवी वंदना सुना रहे है:
तोर पायल बाजे छामा छम, दाई तोर पाचल वाये झामा झम-
लढा बैगा तोला पूजे वो ओरगी देखाके वो-
नरियल भेला तोला चढाथे पथरा मा फोरी फोरी के-
सिंदूर कुम-कुम तोला चढाथे अपन हाथे जोड़ी के वो-
कारी गाय के गोरस मांगा के तोला वो नहाये वो-
गुमाडीन क्योंटिन घर ले लाइ मांगा के जोगर बनाये वो-
जोगर ला चढ़ाके दाई गान के रक्षा बर दुआ मांगे वो-
चिंतामणि गाँवटीया दाई तोरे मंदिर ला बांये वो...
Posted on: Apr 09, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
ओला वृष्टि से किसानो को भारी नुकसान: पर्यावरण को बेहतर बनाने अभियान चलाने की जरूरत...
अभी हाल ही में जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) के कई क्षेत्र में भारी वर्षा और ओला वृष्टि से लोगो को काफी नुकसान हुआ है, पहली बार मुजफ्फरपुर में ऐसा नजारा सामने आया है जिसमे हृदयाघात से लेकर मानसिक संतुलन खोने की स्थिति हो गई है, किसानो की साल भर की मेहनत बेकार हो गई है, खेतों मे बर्फ ही बर्फ, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, शादी-विवाह से लेकर कई कार्यो में लोगों को आर्थिक समस्याएं होंगी, समय रहते पर्यावरण पर ध्यान नहीं दिया गया तो दिन पर दिन कठिनाईयां बढ़ती जाएगी, जिस तरह हम लोग सामाजिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक परिवर्तन के लिए जागरूकता अभियान चलाते है, उसी तरह पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए भी तीव्र गति से अभियान चलाने की जरूरत हैं तभी हम प्राकृतिक कहर से बच सकते हैं...

