माटी के सुन्दर चोला माटी गडा दे ददा...गोंडवाना गीत

ग्राम-नयेगवा रैयत, पंचायत-नंदराम, विकासखंड-मवई, जिला-मंडला (म.प्र.) से धनसिंह परते एक गीत सुना रहे हैं :
माटी के सुन्दर चोला माटी गडा दे ददा-
माटी गढ़ा दे ना दीयो चिता में जलाय-
ऐ गा मोर कोया वंशी ऐ गा मोर गोंडवानावासी-
रोवा थे कंचन काया ना दियो चिता में जलाय-
अरे मिल जुल के जो अनगीन लकड़ी चिता बड़ी बनाय-
लाते ला रखे आगि लगा के धुआं ला-
उड़ाए माटी गढ़ा दे ना दीयो चिता में जलाय-
ऐ गा मोर कोया वंशी-
ऐ गा मोर गोंडवाना वासी रोवा थे-
कंचन काया ना दियो चिता में जलाय...

Posted on: Nov 07, 2016. Tags: DHAN SINGH PARTE SONG VICTIMS REGISTER

भूख से बचने का सवाल भैया, भूख से बचने का सवाल है...भुखमरी गीत

ग्राम-बाधकपुरा, तहसील-सतवास, जिला-देवास, (म.प्र.) से तारा सिंह अवायाम एक गीत सुना रहे है जो भुखमरी पर आधारित हैं:
भूख से बचने का सवाल भैया-
भूख से बचने का सवाल है-
ये खाने का सवाल हैं भैया-
ये खाने का सवाल हैं-
ये रोने का सवाल हैं भैया
ये रोने का सवाल हैं...

Posted on: Nov 04, 2016. Tags: SONG TARA SINGH AVAYAAM VICTIMS REGISTER

पिया बड़े बइमान खुदसी-खुद्सी जिव ला लेहे रे...फागुन गीत

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर, छत्तीसगढ़, से कैलाश सिंह पोया एक परम्परा होली का गीत सुना रहे हैं:
पिया बड़े बइमान खुदसी-खुद्सी जिव ला लेहे रे-
कहाँ छोड़े खंडा मछरी ला कहां हो-
कहां किसान, खुद्सी खुद्सी जिव ला लेहे-
पीया बहर बइमान खुद्सी-खुद्सी जिव ला लेहे-
कहां छोड़े खंडा मछरी कहाँ जग छोड़े कोरा बालक-
पीया बड़े बइमान खुद्सी-खुद्सी जिव ला लेहे...

Posted on: Nov 03, 2016. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

हमके सिंगरोली घुमाई दे ये साइयां...क्षेत्रीय बघेली लोकगीत

ग्राम पोड़ीपाट, तहसील माढा, जिला सिंगरोली (मध्यप्रदेश) से दरबारी सिंह के साथ उपस्थित है राजू, रोहित तथा संजय जो उनके गाँव और क्षेत्र पर आधारित एक बघेलखंडी बोली में स्थानीय लोक गीत सुना रहे है:
हमके सिंगरोली घुमाई दे ये साइयां-
हमके बैढन घुमाई दे ये साइयां-
हमके शक्तिनगर घुमाई दे ये साइयां-
हमके राला घुमाई दे ये साइयां-
शक्ति नाला घुमाई दे ये साइयां...

Posted on: Nov 02, 2016. Tags: DARBARI SINGH SONG VICTIMS REGISTER

दीपा जला गय रे ऐ-दीवाली के दीप जला गये रे...दीपावली गीत

ग्राम देवरी, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला- सूरजपुर, राज्य छत्तीसगढ़ से कैलाश सिंह बता रहे हैं उनके यहाँ दीपावली में लोग सामूहिक रूप से दीप जलाते हैं जहां आसपास के गाँव के लोग आते हैं सब मिल जुल कर के दीप जलाते हैं और आस पास के जगहों में सब गाँव के लोग भ्रमण करते हैं, वे उसी पर आधारित एक गीत गा रहे हैं :
दीपा जला गय रे ऐ-दीवाली के दीप जला गये रे-
दीप जल ला गय रे ऐ-दीप जल ला गय रे ऐ-
दिवाली के दीप जला गये रे-
की मुड मा कलशा, कलशा में पानी-
दीप जला गय रे ऐ, कलशा के ऊपर दीपा जला गये रे...

Posted on: Nov 01, 2016. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

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