हिले ना झूले खोपा मडवा में मारे धका हिले ना झूले खोंपा...डोमकच गीत
ग्राम-कोटेया, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक डोमकच गीत सुना रहे हैं:
हिले ना झूले खोपा मडवा में मारे धका हिले ना झूले खोंपा-
मडवा में मारे धका छुटले तिरिया गे नई हरे धाका मार-
चले तिरियागे नई धरे धाका मारल-
तोला मोला दुनो झन ला कोनों नई बलाले होले-
हाथ में हाथकड़ी लागे फिर से मुस्किले सोना-
फिरे से मुस्किले सोना, फिरे से मुस्किले...
Posted on: May 02, 2018. Tags: MEWALAL DEWANGN SONG VICTIMS REGISTER
दीपक के देवना बिना जगा अंधियार...सरगुजिया गीत
ग्राम-कोटेया, जिला-सरगुजा, (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक गीत सुना रहे हैं :
दीपक के देवना बिना जगा अंधियारा-
राम के भजन बिना डूबे संसारा-
दिया बिना बाती कैसे पानी बिना मीना-
गुरु के चरण बिना परहों अधिना-
राम जी ला पूछे रवना करे भोरे-
येही करन हवे धनुस काहे तोड़-
छोटे-छोटे तगा दिकर बड़े बड़े बाना...
Posted on: May 02, 2018. Tags: MEWALAL DEWANGN SONG VICTIMS REGISTER
नशा न करना, मान लो कहना, प्यारी भाई बहना, होगी बड़ी खराबी...नशा जागृति गीत
गंगोत्री, ग्राम-कुप्पा, तहसील-ओड़गी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से ललिता एक नशा जागृत गीत सुना रही है:
नशा न करना, मान लों कहना, प्यारी भाई बहना-
होगी बड़ी खराबी-
नशा में डर है, नशा जहर है, मान लो कहना-
होगी बड़ी खराबी-
नशा न करना मान लो कहना, जीते जी मर जाना-
होगी बड़ी खराबी...
Posted on: May 01, 2018. Tags: LALITA ODGI SONG VICTIMS REGISTER
सुंदर-सुंदर प्यारी प्यारी, देखो इस धरती की क्यारी...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ीयारी एक कविता सुना रहे है:
सुंदर-सुंदर प्यारी प्यारी, देखो इस धरती की क्यारी-
किसी में उगता धान गेंहू, उसी की करो रखवारी-
किसी में उगता चना उड़द, कहीं उगता मूंगफली दाना-
आलू प्याज लहसून कांदा, धरती माता का सुंदर गहना-
कहीं कहीं मौसम्बी आम, अमरूद का बगीचा-
सेंव अंगूर कहीं कहीं, केला और पपीता-
गन्ना भुट्टा रक्सी का, धरती पर है भरमार...
Posted on: May 01, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADHIYARI SONG VICTIMS REGISTER
आहा करोंदा ला, कोन बनी भेटों रे...छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम-कोट्या, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे है:
आहा करोंदा ला, कोन बनी भेटों रे-
पूछत हवे मुरेरत हवे, छूटत हवे प्राण-
आहा करोंदा ला, कोन बनी भेटों रे-
इक दिन खोंजो दुई दिन खोंजो, ख़ोज दारो दिन चार-
खोजत-खोजत लोरी छोला गई, आँखे हो गई अंधियार-
आहा करोंदा ला, कोन बनी भेटों रे...
