वनांचल स्वर: जो मनुष्य रोज कड़वी नीम का पत्ती चबाकर खाता है, उसे कोई बीमारी नहीं होती है...

कडवा नीम हर जगह मिल जाता है, उसका फूल अभी खिला हुआ है| उसका फूल सब्जी बनाने के काम में आता है, उसे बडी, भटा के साथ बनाया जाता है| वह शरीर के लिए बहुत लाभदायक है| पेट और खून को साफ़ करता है, नीम के पत्ते को पीसकर भी पीया जाता है उससे शुगर को नष्ट करता है| जो मनुष्य रोज नीम का पत्ती चबाकर खाता है| उसे कोई बीमारी नहीं होता है इसलिए नीम हमारे जीवन के लिए बहुत फायदेमंद वृक्ष है| नीम का दातून भी किया जाता है वह हर जगह मिल जाता है| नीम के निबोली (फल) को भी खाया जाता है| उसे चिड़िया भी बहुत चाव से खाते है. नीम के पत्तो से धुंआ करने मच्छर भाग जाते है| इसलिए नीम का पेड़ हमारे लिए बहुत उपयोगी है| कन्हैयालाल पडियारी@9981622548

Posted on: Apr 11, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

इस साल भी वन अधिकार और पेसा कानून के तहत हम लोग खुद तेंदूपत्ता तुड़ाई करवाए (गोंडी भाषा में)

ग्राम-मोहगाँव, तहसील-धनोरा, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से बावसू पावे गोंडी भाषा में बता रहे है कि उनके गाँव में वे लोग ग्राम सभा और देव संस्कृति के ऊपर आधारित काम कर रहे है और आदिवासी समाज में पेसा, वन अधिकार कानून को सपोर्ट करके अपनी संस्कृति, अपना रीति रिवाज, रुढी प्रथा, परम्परा और अपना जो पुराना परम्परागत सिस्टम को मजबूत करना जरुरी है, उस पर काम कर रहे हैं| उसी काम को आगे बढ़ाते हुए इस साल भी वन अधिकार कानून और पेसा कानून के तहत हम लोग खुद तेंदूपत्ता तुड़ाई करवाए और ग्राम सभा से लेकर गोडाउन और वहां से दूसरे राज्य को हम लोगो ने भिजवाये इस तरह के काम हमारे गाँव में हम आदिवासी ग्रामीण खुद से करते है|

Posted on: Apr 11, 2018. Tags: BAVSU PAAVE GONDI SONG VICTIMS REGISTER

रे रेला रे रे लोयो रे रेला...गोंडी रेला गीत

ग्राम-चाचड़, पोस्ट-कोदापाखा, विकासखंड-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से रमेश दुग्गा के साथ कंचन वड्डे है जो एक गोंडी गीत सुना रही है:
रे रेला रे रे लोयो रे रेला-
रे रेला साय रे रेला रे लोयो रेला-
केन्जा निमा कोया गोंडी पाटा रो-
लिंगो न वारिले गोंडी पाटा रो-
पाटा ता गुरु लिंगो बाबा आन्दुल-
रे रेला रे रे लोयो रे रेला...

Posted on: Apr 11, 2018. Tags: KANCHAN WADDE GONDI SONG VICTIMS REGISTER

40 वर्षो में बढ़ी महंगाई का असर: ग्रामीण भारत पहले से अब कम भोजन कर पा रहा, कुपोषित है...

40 सालों में बढ़ी महंगाई का ग्रामीण आहार पर बहुत बुरा असर पड़ा है, नेशनल न्यूट्रीशन मॉनीट्रिंग ब्यूरो के सर्वे के अनुसार देश की करीब 70% आबादी यानी 84 करोड़ लोगों को जितना भोजन जरुरी है उपलब्ध ही नही है, 3 साल से कम उम्र बच्चों को 300 मिलीलीटर दूध रोजाना की ज़रूरी है जो सिर्फ 80 मिलीलीटर ही उपलब्ध है। गाँव में 35% पुरुष और महिलाएं कमजोर हैं 42% बच्चे कुपोषित हैं। आजीविका ब्यूरो नाम की संस्था ने गरीबी रेखा से नीचे की 500 महिलाओं पर सर्वे किया, जिससे सामने आया है, भोजन में सब्जी, फल, अंडा जैसे पोषण युक्त भोजन लगभग गायब ही हो गया है। हर तीन में से एक महिला के बच्चे कुपोषण के शिकार थे। 2015 में वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के अनुसार न्यूट्रीशन की कमी का भारत की अर्थव्यवस्था पर काफी बुरा असर पड़ने वाला है। इससे सरकार की मेक इन इंडिया और स्किल इंडिया योजना प्रभावित होंगे। भारत में कुपोषित बच्चों की बड़ी आबादी है, ब्राजील और चीन दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं।

Posted on: Apr 11, 2018. Tags: RAKESH KUMAR SONG VICTIMS REGISTER

ये तुलसी की बानी है, राम की अमर कहानी है...भजन गीत

ग्राम-पेंग्नी, पोस्ट-गिरिज़ापुर, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर से विमला नायक एक भजन गीत निशा नायक से सुन रही है:
ये तुलसी की बानी है, राम की अमर कहानी है-
इतना हा तरहिजा ही ना, तय राम के नाम जपि जा रे-
संदेसा ले जा रे, संदेसा ले जाना-
ये तुलसी की बानी है, राम की अमर कहानी है-
संदेसा ले जा रे, संदेसा ले जाना-
ये तुलसी की बानी है, राम की अमर कहानी है-
इतना हा तरहिजा ही ना, तय राम के नाम जपि जा रे...

Posted on: Apr 11, 2018. Tags: SONG VICTIMS REGISTER VIMALA NAYAK

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