झिरमिठा जीरामीठा पानी बरिसे झिरमिठा जीरामीठा...दुमकच करमा गीत
ग्राम-देवरी, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिह पोया एक दुमकच करमा गीत सुना रहे है:
झिरमिठा जीरामीठा पानी बरिसे झिरमिठा जीरामीठा-
पानी बरसे रे सावर गोह्नी रे बड़ा निलो रे जा-
सावर गोह्नी रे बड़ा निलो रे जा-
झिरमिठा जीरामीठा पानी...
Posted on: Jan 15, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
आवेदन करने पर अधिकारी कहते हैं हमारा गाँव सड़क से जुड़ा है, हमारे यहां एक इंच भी रोड नहीं है...
ग्राम-खरिहारी, तहसील-त्योंथर, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से रामसिंह द्विवेदी बता रहे है कि उनके गाँव में लगभग 1000 आबादी है और रोड नहीं होने के कारण आने जाने में बहुत दिक्कत होती है जब उन्होंने इसके लिए आवेदन किया तो जवाब आया कि वह गाँव पहले से ही डामर रोड से जुड़ा हुआ है जबकि गाँव में एक इंच भी कोई रोड नहीं हैं. इसके लिए इन्होने C.M हेल्पलाइन में भी शिकायत किये थे पर शिकायत को क्लोज कर दिया और प्रधानमंत्री सड़क के महाप्रबंधक और कलेक्टर को आवेदन किये पर उन्होंने कोई कार्यवाही नहीं किया | कृपया इनको फोन कर मदद करें प्रमुख अभियंता@9425300296, प्रधानमंत्री सड़क महाप्रबंधक@9407021465, कलेक्टर रीवा@9425903973. रामसिंह@9826903301.
Posted on: Jan 14, 2017. Tags: RAM SINGH DWIVEDI SONG VICTIMS REGISTER
झन्डा मोरो झंडा-झंडा रे, मोला बड़ा नेक लागे रे...राष्ट्रभक्ति गीत
ग्राम-ताराडांड, जिला-अनूपपुर मध्यप्रदेश से प्रेम सिंह एक राष्ट्रभक्ति गीत सुना रहे हैं:
झन्डा मोरो झंडा-झंडा रे, मोला बड़ा नेक लागे रे-
झंडा मोरे लहर-लहराये, मोला बड़ा नेक लागे रे-
तीन रंग के झंडा मोला बड़ा सुहाना लागे रे-
झन्डा मोरो झंडा-झंडा रे...
Posted on: Jan 13, 2017. Tags: PREM SINGH SONG VICTIMS REGISTER
जागो रे जागो न, जागो रे जागो न...गोंडवाना गीत
ग्राम-नयेगवा रैयत, पंचायत-नंदराम, विकासखंड-मवई, जिला-मंडला (मध्यप्रदेश) से धन सिंह परते एक गोंडी गीत सुना रहे है:
जागो रे जागो न, जागो रे, जागो न-
जागो आदिवासी, जागो गोंडवाना वासी-
जागो आदिवासी मूल निवासी-
दादा हिरा के आवाज-
अरे भाषा धर्म इतिहास-
संस्कृति ढूंढेंला हो अपना राज-
अरे धरम भुलाये भाषा भुलाये-
भुलाये अपना समाज-
दादा जी के वाणी सुनो-
सब ह्रदय में करो विराज...
Posted on: Jan 12, 2017. Tags: DHAN SINGH PARTE SONG VICTIMS REGISTER
आदिवासी समाज में जनवरी में भी दीवाली का त्यौहार मनाया जा रहा है : एक भीली दीवाली गीत...
हिन्दू धर्म के अनुसार दीवाली तो एक ही दिन अक्टूबर-नवम्बर माह में मनाई जाती है पर आदिवासी समाज में दीवाली की कोई निश्चित तिथि नहीं होती । हर गाँव में लोग मिलजुल कर यह तय करते हैं कि उनके गाँव में दीवाली कब मनाई जाएगी । वे आसपास के गाँव के लोगों को भी अपनी दीवाली में साथ बुलाते हैं इसलिए इन गाँवों में जनवरी-फरवरी माह तक दीवाली का त्यौहार चलता रहता है । ग्राम-साकडी, तहसील-सोंडवा, जिला-अलीराजपुर (मध्यप्रदेश) की दीवाली में भुवन सिंह चौंगड के साथ में केलता दादा एक भीली गीत सुना रहे है. वे बता रहे हैं कि
पूरे गाँव के लोगों द्वारा सामूहिक रूप से तय कर अपने रीति-रिवाज के साथ बड़े धूमधाम के साथ पारम्परिक रूप से दीवाली यहां मनाया जाता है| भुवन@9174623789
