पेड़ो की झुरमुठों से आती है पैगाम...पेड़ पर कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी पेड़ो पर आधारित एक कविता सुना रहे हैं:
पेड़ो की झुरमुठों से आती है पैगाम-
मैं शांति की प्रतीक हूं उससे तुम महान-
तुमसे मैं नही मैं तो प्रकृति की देन हूँ-
पवन मुझे सुलाती है पवन मुझे उठाती है-
पवन के झोकों से बिखर कर अपने आप उगती हूँ-
मेघों को मैं ही बुलाकर जमकर बारिश कराती हूँ-
मुझसे भी ये ऊँचे-ऊँचे पर्वत में नदी नाला बनती हूँ...
Posted on: Aug 12, 2018. Tags: HINDI POEM KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : शहतूत के औषधीय गुण-
जिला-टीकमगढ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय शहतूत के औषधीय गुण बता रहे हैं, इसे गाँव के लोग तूत भी कहते हैं, 50 ग्राम पानी में एक चम्मच शक्कर और शहतूत के 10 से 12 फल पीसकर दोनो को मिलाकर सरबत बनाकर पीने से रक्त पित्त, सीने में जलन आदि समस्याओ में आराम मिल सकता है, शहतूत के पत्तो को पानी में उबालकर उस पानी से कुल्ला करने से मुंह के घाव, छाले और आवाज खराब होने जैसी समस्या में लाभ मिल सकता है, अधिक जानकारी के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. ऐसे ही हमारे आसपास पाए जाने वाले वनस्पतियों में बहुत औषधीय गुण हैं जिनसे हम मदद ले सकते हैं और धन की बचत भी कर सकते हैं : संपर्क नंबर @9424759941.
Posted on: Aug 10, 2018. Tags: HEALTH RAGHWENDRA SINGH RAI SONG TIKAMGADH MADHYA PRADESH VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : बबूल (कीकर) के औषधीय गुण-
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से राघवेन्द्र सिंह राय आज हम लोगो को बबूल (कीकर) के औषधीय गुणों के बारे में बता रहे है, अतिसार (दस्त, पेचिस) में इसका पत्तियों के रस आधा चम्मच में एक चम्मच छाछ (मही) के साथ सेवन करने से लाभ मिलता है, मुहं में छाले पड़ने पर बबूल के गोंद को मुंह में रखकर उसके रस चूसने से फायदा मिलता है, इसी तरह गले में सूजन आने से बबूल के छाल को 400 ग्राम पानी में उबाल लें, 100 ग्राम शेष रह जाए जिसमे क्वाक (काढा) शेष रहे उससे मुंह के गरारे करने से छाले जल्दी ठीक हो जाते है| गर्मी की अगर किसी को खांसी हो तो बबूल की पत्तियों को मुंह में रखकर चबाकर रस चूसने से और कंठ में उतार ले, तो इससे आराम मिलता है| राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.
Posted on: Aug 08, 2018. Tags: HINDI HEALTH RAGHVENDRA SINGH RAI SONG TIKAMGARH VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : मौलश्री के वृक्ष का औषधीय गुण-
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेंद्र सिंह राय मौलश्री वृक्ष के औषधीय गुण बता रहे हैं, हमारे आसपास पाए जाने वाले मौलश्री के पत्ते जामुन के पत्ते की तरह मोटे और थोड़े लम्बे होते हैं, और फल बेर की तरह के होते है, उसकी टहनी का दातून करने से दांत मजबूत होते हैं, इसके अलावा छाल को 400 ग्राम पानी में उबालें जब 100 ग्राम पानी रह जाए, तब उससे कुल्ला करने से हड्डी के बुखार में आराम मिलता है, इसके काढ़े को सुबह-शाम 4-4 चम्मच खाने के बाद सेवन करने से पूरा आराम मिल सकता है, उसके पके फल को खाने से दस्त और पेट मरोड़ ठीक हो सकता है, अधिक जानकारी के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9424759941.
Posted on: Aug 08, 2018. Tags: HEALTH MP RAGHWENDRA SINGH RAI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
चम-चम बिजली चमके, काले-काले बदल छाया...सावन कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी वर्षा ऋतु पर एक कविता सुना रहे हैं :
चम-चम बिजली चमके काले-काले बादल छाया-
उमड़-घुमड़कर बादल गरजा, सुहानी वर्षा ऋतु आया-
मोतियाँ टपके पानी बनकर, टप-टपाकर धरती माँ को नहलाया-
हरित हुआ नवपल्लव से, विविध जीव जंतु जनम पाया-
दूल्हन जैसी कर नवश्रंगार सबके मन को पुलक कर निभाया-
चले किसान हल बैला लेकर, धरती माँ को खूब उकसाया...
