चल पड़ा पोषण अभियान...गीत-
जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से विरेंद्र गंधर्व पोषण को लेकर एक गीत सुना रहे हैं:
चल पड़ा पोषण अभियान-
सुनो श्रीमती सुनो श्री मान-
कुपोषण को दूर भगाओ-
कुपोषण को दूर भगाओ-
संतानों को स्वच्छ बनाओ-
बच्चो का भोजन उत्तम होगा-
नहीं जीवन में कोई गम होगा...
Posted on: Mar 19, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHARW
स्वास्थ्य स्वर : खासी का घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी खासी का घरेलू उपचार बता रहे हैं, अजवाइन 2 ग्राम और छोटी पीपली आधा चम्मच मिलाकर 10 ग्राम की मात्रा में सेवन करने से लाभ हो सकता है, ठण्डी से बचे और ठण्डी चीजों का सेवन न करें संबंधित विषय पर जानकारी लेकर नुस्खा उपयोग कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9111061399.
Posted on: Mar 19, 2020. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : कान दर्द का घरेलू उपचार...
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी कान दर्द का घरेलू उपचार बता रहे हैं, अजवाइन 10 ग्राम और तीली का तेल 50 ग्राम लेकर, मिलाकर पकायें जब अजवाइन जल जाये तो उसे छान लें और गुनगुना रहने पर सीसी में रख लें, 3 – 4 बूंद दिन 3 बार कान में डालें इससे कान दर्द में आराम मिल सकता है, कान की सफाई करते रहें और ठण्डी से बचें, संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: एच डी गाँधी@9111061399.
Posted on: Mar 19, 2020. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : पीलिया बीमारी का घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी पीलिया बीमारी का घरेलू उपचार बता रहे हैं, त्रिफला, गिलोय, कुटकी, चिरायता, नीम की अंदर की छाल 50 -50 ग्राम और अडूसा 20 ग्राम लें, सभी को पीसकर चूर्ण बना लें, उसके बाद एक- एक चम्मच चूर्ण शहद के साथ दिन में दो बार सेवन करें लाभ हो सकता है, ठण्डी चीजो से बचें| संबंधित विषय पर जानकारी लेकर नुस्खा उपयोग कर सकते हैं: संपर्क नंबर@9111061399.
Posted on: Mar 18, 2020. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
बुद्धि का उपयोग नहीं करने से इंसान जो मिलने वाला होता है उसे खो देता है...कहानी
एक समय की बात है जब दिल्ली में सिराजुदौला का शासन हुआ करता था, उनके राज्य में एक ब्राम्हण था जो बहुत गरीब था, उसको भीख मिलती नहीं थी तो एक दिन उसकी पत्नी ने कहा सिराजुदौला के दरबार में जाओ और कहना “जिसको न दे मौला उसको दे सिराजुदौला” ब्राम्हण ऐसा ही किया और जाकर राजा के दरबार में बोलने लगा, ये सुनकर राजा बहुत खुस हुये और उसको पास बुलाकर एक तरबूज दे दिया, तो उसने सोचा राजा सोना चांदी देने के जगह ये क्या दे दिया और उसको रास्ते में एक राही को दे दिया और पूछने पर बताया राजा ने दिया है तो राही डर गया और उस तरबूज को दरबार में लेकर दे दिया, राजा ये देखकर बोला मैंने तो ब्राम्हण को मालामाल करने के लिये तरबूज दिया था लेकिन उसने इसकी कीमत नहीं समझी, वास्तव में तरबूज के अंदर हीरे मोती थे, कहानी का तात्पर्य है इंसान कई बार अपनी बुद्धि का उपयोग नहीं करता और जो मिलने वाला होता है उसे खो देता है|
