ऐ मालिक तेरे बन्दे हम, ऐसे हों हमारे करम...प्रार्थना गीत
ग्राम-कुंड, पोस्ट-कुमराहा, थाना-दिनरा, तहसील-कनेरा, जिला-शिवपुरी (मध्यप्रदेश) से अकलेश कुमार पारस एक प्रार्थना गीत सुना रहे है:
ऐ मालिक तेरे बन्दे हम-
ऐसे हों हमारे करम-
नेकी पर चलें और बदी से टलें-
ताकि हंसते हुए निकले दम-
ये अँधेरा घना छा रहा-
तेरा इंसान घबरा रहा-
हो रहा बेखबर, कुछ न आता नज़र-
सुख का सूरज छुपा जा रहा है...
Posted on: Apr 14, 2018. Tags: AKLESH KUMAR PARAS SONG VICTIMS REGISTER
सागर है स्वामी, बादल से पानी बरसेला...किसान गीत
ग्राम-बसेराकला, पंचायत-गिरिवारगंज, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से हीरामोती एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
सागर है स्वामी, बादल से पानी बरसेला-
नारंगी-नारंगी चम्पार भीगेला-
छोटा सा भइया छैला-छबीला-
तुमसे मैं हूँ ज्यादा रंगीला-
सागर है स्वामी, बादल से पानी बरसेला...
Posted on: Apr 14, 2018. Tags: SARLA SHRIWAS SONG VICTIMS REGISTER
मोर छत्तीसगढ़ महान गा संगी मोर छत्तीसगढ़ महान...छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम-तातापानी, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से आशा किरण दीवान एक छत्तीसगढ़ी गीत प्रस्तुत कर रही हैं:
मोर छत्तीसगढ़ महान गा संगी मोर छत्तीसगढ़ महान-
इहां ताल-पोखरा, नदी-नरवा खल-खल बहत है पानी-
छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया गुरुथुर बोल-बानी-
कर्मा-सुआ-शैला महांदे यही छत्तीसगढ़ के गान-
गा संगी मोर छत्तीसगढ़ महान-
ये माटी मा सोना उगले, उगले हीरा-मोती-
इहां धान बुन ला गेहूं बुन ला चाहे कर ला कौनों खेती-
ये माटी मा बाक्साईट आहे अउ यही मा कोइला के खान-
गा संगी मोर छत्तीसगढ़ महान गा संगी मोर छत्तीसगढ़ महान...
Posted on: Apr 14, 2018. Tags: MONIKA MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
आओ जिंदगी को उन्नति दें, शान्ति दें...युवा गीत
ग्राम पंचायत- झल्पी, जिला- बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से अमरदीप गुप्ता एक युवा गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
आओ जिंदगी को उन्नति दें, शान्ति दें-
आओ जिंदगी को हम नई जिंदगी दें-
आओ सजाएं देश विशाल, आओ चलें हम लेके मशाल-
आओ हर नगर को हर किसी को दोस्ती दें-
आओ प्यार बाँटें हर किसी को दोस्ती दें-
आओ मिटा दें जुल्म की रात, आओ सुना दें प्यार की बात-
आओ जो दुखी है उसी दिल को हम ख़ुशी दें-
आओ फूल बनकर इस चमन को ताजगी दें-
आओ जिंदगी को हम उन्नति दें...
Posted on: Apr 14, 2018. Tags: AMARDEEP GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
ए दादा बचवा दोपागुरितोल हो....कुडुक गीत
ग्राम-मुरका, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से सैलेस्टीना कुडुक भाषा में एक गीत सूना रही हैं, गीत में पुराने जमाने के बाजार व्यवस्था के विषय में बताया जा रहा है कि कैसे व्यापारी लोग उस समय घोड़े पर लादकर हल्दी-मिर्ची-मसाला-नमक इत्यादि बेचा करते थे:
चावल-चावल गुपी तू गोलवा मएल हो-
ए दादा बचवा दोपागुरितोल हो-
निया दारे सुरिया की तानक हो-
ए दादा बचवा दोपागुरितोल हो...
