स्वागत करेला हम तन मन से, नैना जुडाई गईली दर्शन से...गीत-
ग्राम पंचायत-कोटराही, तहसील-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से पानपति मरावी एक गीत सुना रही हैं:
फूल बनकर मुस्कुराना हम जनाते हैं-
मुस्कुरा के गम भुलाना हम जानते हैं-
मिल जुलकर लोग खुश हैं तो क्या हुआ-
बिना मिले रिश्ते निभाना हम जानते हैं-
स्वागत करेला हम तन मन से-
नैना जुडाई गईला दर्शन से...
Posted on: Apr 01, 2019. Tags: BALRAMPUR CG PANPATI MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
येदे होरी रे हाय गा मै तो होली खेले...होली गीत-
ग्राम-बरपटिया, तहसील, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से धनसाय मरावी अपने साथी हीरा के सांथ एक होली गीत सुना रहे हैं :
येदे होरी रे हाय गा मै तो होली खेले-
आजा रे पिरिया तोरे मंगनी-
घुमे तो काहे रोंजोदीना आबे रे-
कोना पंद्रह दीन, कोन कहे छव महीना में-
हाय गा कोन कहे, झनी आय...
Posted on: Mar 22, 2019. Tags: CG DHANSAI MARAVI HOLI SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
हम जैसा संस्कार देते हैं वैसा ही आगे बढ़ता है...कहानी-
मोहन की मम्मी मोहन की दादी माँ को मिट्टी के बर्तन में खाना देती है| मोहन प्रतिदिन ये सब देख रहा था| एक दिन मोहन अपनी दादी से पूछ पड़ा कि दादी माँ मम्मी आपको मिट्टी के बर्तन में खाना क्यों देती है| दादी ने जवाब दिया बेटा मै बूढी हो गई हूँ इसलिये| मोहन बोला दादी कल आप खाने को हांथ में लेकर छोड़ देना तब मै आपको जोर से डाटूंगा लेकिन आप बुरा मत मानना| अगले दिन दादी ने वैसा ही किया| तब मोहन दादी को चिल्लाकर बोला दादी आप मिट्टी के बर्तन को तोड़ दिए अब मै मम्मी पापा को बूढ़े होने पर किसमे खाना दूंगा| ये सारी बात मोहन की मम्मी सुन रही थी| इस कहानी ये सीख मिलती है हम जैसा संस्कार देंगे वैसा ही आगे बढ़ता जायेगा|
Posted on: Mar 09, 2019. Tags: BALRAMPUR CG SONG VICTIMS REGISTER VIJAY MARAVI
वाती ते वातिंतो द झालर झालर...गोंडी
ग्राम-माड पखांजुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से रमदे और अदेबाई एक गोंडी गीत सुना रहे हैं :
रे रेला, रेला, रेला, रेला-
वाती ते वातिंतो द झालर झालर-
बोड़ी ते वाती ते वातिंतो द झालरे झालरे-
वाती ते वातिंतो द झालरे झालरे...
Posted on: Mar 06, 2019. Tags: CG GONDI KANKER MONIKA MARAVI SONG
ये लेले किलेंकारे गोटूल...गोंडी गीत-
ग्राम-माड पखांजूर, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मोनिका मरावी ग्राम वासियों से एक गोंडी गीत सुना रही हैं:
ये लेले किलेंकारे गोटूल-
ये लेले किलेंकारे गोटूल...
