रेला-रेला इन्दाना रेला इन्दाना...गोंडी गीत
विकासखंड-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से रमेश दुग्गा एक गोंडी गीत सुना रहे है:
रेला-रेला इन्दाना रेला इन्दाना-
लेंग लयोर उंदी सुल्ला कैक जहाना-
तह नाना मोर इन्दाना हुल्किंग इन्दाना-
लेंग लयोर टूंडसी मंजोल उर्री कुहाना-
उसावने रेला इंजोर हार एन्दाना-
लेंग लयोर निपसे धीरे-धीरे तिर्याना...
Posted on: Apr 16, 2018. Tags: RAMESH DUGGA GONDI SONG VICTIMS REGISTER
रेलों यो रेला रेलों यो रेला...गोंडी जतरा गीत
ग्राम-चाचड़, विकासखंड-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से रमेश दुग्गा के साथ एक साथी है जो एक करसाड़ जतरा गोंडी गीत सुना रहे है:
रेलों यो रेला रेलों यो रेला-
इपोर पारे दे पोपोर पारिन दीपू-
आया-आया रो बूबा रो-
यडिसातोड़ बेपो यडिसातोड़-
रेलों यो रेला रेलों यो रेला...
Posted on: Apr 14, 2018. Tags: RAMESH DUGGA SONG VICTIMS REGISTER
कबड्डी-कबड्डी इन्दाकट कबड्डी गरसकाट...गोंडी खेल गीत
ग्राम-चाहचड़, विकासखंड-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से रमेश एक गोंडी खेल गीत सुना रहे हैं :
कबड्डी-कबड्डी इन्दाकट कबड्डी गरसकाट-
देशे ता सेवा कीया मुने वायकट-
खो-खो इन्दाकट खो गरसकाट-
दुनिया ते पोरोय तुन कमय कीयाकट-
लेपराइट इन्दाकट ड्रेस कर्रीकट-
स्काउट गाइड ते पोरोय तकिकाट-
स्टम्प बोल्ड कीयाकट क्रिकेट गरसकाट-
देशे विदेश ते दौरा कीयाकट...
Posted on: Apr 13, 2018. Tags: RAMESH DUGGA GONDI SONG VICTIMS REGISTER
जाति हमर गोंड, जनसंख्या कई करोड़, मन्द तेला छोड़, मगर गोंडी धर्म ला झन छोड़...छत्तीसगढ़ी कविता
ग्राम-चाह्चढ़, विकासखण्ड-दुर्गुकोंदल, जिला-कांकेर, उत्तर बस्तर (छत्तीसगढ़) से रमेश दुग्गा छत्तीसगढ़ी में एक कविता सुना रहे है:
जाति हमर गोंड, जनसंख्या कई करोड़-
मन्द तेला छोड़, मगर गोंडी धर्म ला झन छोड़-
हमर बुढा देवता है, जात है जिन्हें न्योता है-
गाँव में शितला माँता है, मुखिया गाँव गायता है-
गोंडी हमर बोली है, आधी अंत की जोड़ी है-
मंदर में शखरी है, जेकर साथ कड़ी है,भीतर में डोकरा खाड़ी है-
मन में ठान लेवन हम, गोंडी हमर धर्म, और चलन बुढा देव के चरण...
Posted on: Apr 09, 2018. Tags: RAMESH DUGGA SONG VICTIMS REGISTER
मेरा भारत देश महान, संस्कृति और संस्कार का, मिलता यहां पे ज्ञान...कविता
ग्राम-चाह्चढ, विकासखंड-दुर्गुकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर, कांकेर (छत्तीसगढ़) से रमेश दुग्गा एक कविता सुना रहे हैं :
मेरा भारत देश महान, मेरा भारत देश महान-
संस्कृति और संस्कार का, मिलता यहां पे ज्ञान-
गंगा यमुना सरस्वती यहां बहते निर्मल धार-
गाँव शहर महानगर बसे हैं महिमा अपरंपार-
विश्व पटल पर इसका होता है गुणगान, मेरा भारत देश महान-
संत महात्मा ऋषि मुनि सब करते यहां पे ध्यान, मेरा भारत देश महान...
