सूर्य से न कहता कोई धूप यहाँ पर मत फैलाओ : बाल कविता

ग्राम केरकेट्टा, पोस्ट जोगा, प्रखंड उतारी रोड जिला पलामू झारखंड से अकलेश कुशवाहा एक बाल कविता सुना रहे हैं :
सूर्य से न कहता कोई धूप यहाँ पर मत फैलाओ-
कोई नहीं चाँद से कहता उठा चांदनी को ले जाओ-
कोई नहीं हवा से कहता खबरदार जो अन्दर आई-
कोई नहीं बादल से कहता क्यों यहाँ जलधार बरसाई-
फिर क्यों हमसे भैया कहते यहाँ ना आओ भागो जाओ-
अम्मा कहती है घर भर में खिलौने मत फैलाओ...
पापा कहते बाहर खेलो खबरदार जो अन्दर आये-
हम पर ही सबका बस चलता जो चाहे वह बात बताये-

Posted on: Feb 08, 2017. Tags: AKLESH KUSHWAHA

छोडके तू गहिले माहि, बेटवा के घर से...भोजपुरी गीत

ग्राम-लोकटिया, पंचायत-पुरेना, ब्लॉक-अमृतपुर, जिला-बहराइच (उत्तरप्रदेश) से रामनाथ कुशवाह एक भोजपुरी गीत सुना रहे है:
छोडके तू गहिले माहि, बेटवा के घर से-
तोला का बताईबू तिरु आईबू बाई-
अपना बेटवा के घर होला का बताईबू बाई...

Posted on: Feb 06, 2017. Tags: RAMNATH KUSHWAH SONG VICTIMS REGISTER

विजय विश्व तिरंगा प्यारा झंडा ऊचा रहे हमारा...झंडा वंदना गीत

ग्राम-छवाई, पोस्ट-गढ़वाई, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से
नीरज सिंह कुशराम एक झन्डा वंदना गीत सुना रहे है:
विजय विश्व तिरंगा प्यारा झंडा ऊचा रहे हमारा-
सदा शक्ति बरसाने वाला प्रेम सुधा सर शाने वाला-
वीरो को हरसाने वाला मात्र भूमि का तन मन सारा-
झंडा ऊचा रहे हमारा...

Posted on: Feb 03, 2017. Tags: NEERAJ SINGH KUSHRAM SONG VICTIMS REGISTER

बाबूजी से बापू कहे,बाबूजी से बापू कहे...भोजपुरी शिक्षा गीत

ग्राम-करकेटा, पोस्ट-जोगा, थाना-उटारी रोड, जिला-पलामू,(झारखण्ड) से अकलेश कुशवाह एक गीत सुना रहे है:
बाबूजी से बापू कहे,बाबूजी से बापू कहे-
लेदा फोन चनिया, करिके-
भोजनिया तो मारवे से स्कूल जाइब-
बाबूजी से बापू कहे,लिखवाईदा हो नामवा-
करिके भोजनिया तो मारवे से स्कूल जाइब-
बाबूजी से बापू कहे,बाबूजी से बापू कहे-
लेजा हो बेकवा बाबूजी से बापू कहे-
करिके भोजनिया तो मारवे से स्कूल जाइब-
बाबूजी से बापू कहे,बाबूजी से बापू कहे-
लेदा कौने कापिया,लेदा कौने कापिया-
करिके भोजनिया तो मारवे से स्कूल जाइब-
बाबूजी से बापू कहे,बाबूजी से बापू कहे-
लिखवाईदा नामवा...

Posted on: Feb 03, 2017. Tags: AKLESH KUSHWAHA SONG VICTIMS REGISTER

नाम है उसका ककु, ककु माने कोयल होता...कविता

ग्राम-करकेटा, पोस्ट-जोगा, थाना-उटारी रोड, जिला-पलामू,(झारखण्ड) से अकलेश कुशवाह एक कविता सुना रहे है:
नाम है उसका ककु, ककु माने कोयल होता-
लेकिन यह तो जिन्दा रहता-
इसलिए हम इसे चिड़ाते कहते इसको शकू-
नाम है इसका ककु कोयल माने मिश्रित जैसी
मीठी जिसकी बोली अच्छी...

Posted on: Feb 02, 2017. Tags: AKLESH KUSHWAH SONG VICTIMS REGISTER

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