हाय रे हाय रे का बोली बोले यार...सरगुजिया गीत-
ग्राम-सारासाल, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सुमित्रा श्याम एक सरगुजिया गीत सुना रही है:
हाय रे हाय रे का बोली बोले यार-
ये पिंजड़ा के मैना हा का बोली बोले ना-
हिली-हिली, झूली-झूली कुदरगढ़ का धाम-
हिली-हिली, सोने-सोने घर के देवी देवता-
आमा डार ले कोयली बोले कूहू-कुहू करे गा-
हाय रे हाय रे का बोली बोले यार...
Posted on: Jun 24, 2018. Tags: SONG SUMITRA SHYAM VICTIMS REGISTER
दिल्ली करे छूटना रे, जिया मोर धक-धक करे ला रे...नागपुरी गीत-
ग्राम-भगवानपुर, पोस्ट-कला बरती, थाना-चलगली, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से चंदरसाय एक नागपुरी गीत सुना रहे हैं :
दिल्ली करे छूटना रे, जिया मोर धक-धक करे ला रे-
ऐ गोरिया आय जा रे, ऐ गुईंया आय जा रे-
दिले करे छूटना रे, जिया मोर धक-धक करे ला रे-
कहा था आऊंगा जल्दी सनम, मिल के चलेंगे दिल्ली हम...
Posted on: Jun 24, 2018. Tags: CHANDARSAI BALRAMPUR SONG VICTIMS REGISTER
हम उजाला जगमगाना चाहते हैं...कविता-
ग्राम-करौंटी, पोस्ट-बिहारपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से देवप्रताप सिंह एक कविता सुना रहे हैं :
हम उजाला जगमगाना चाहते हैं-
अब अंधेरे को हटाना चाहते हैं-
हम सबो को सम बनाना चाहते हैं-
सब बराबर पर बिठाना चाहते हैं-
जो वहां सोना उगना चाहते हैं...
Posted on: Jun 24, 2018. Tags: DEVPRATAP SINGH SONG VICTIMS REGISTER
13 साल से विधवा पेंशन के लिए आवेदन कर रही हूँ, अभी तक नही मिला, कृपया मदद करें...
आश्रित ग्राम-मन्नाविदी, पंचायत-सरेखा, ब्लोक बोडला, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से बिसाहिन बाई धुर्वे बता रही हैं वे 13 साल से विधवा है, अपने घर की मुखिया है पूरी जिम्मेदारी उठाती हैं, उन्होंने कई बार संबंधित कार्यालय में विधवा पेंशन के लिए आवेदन किया, लेकिन अभी तक उन्हें विधवा पेंशन नही मिला रहा है अधिकारी आश्वासन देते है लेकिन आज तक कोई कारवाही नही हुई, इसलिए वे सीजीनेट के सुनने वाले सभी सांथियो से अपील कर रहे है कि इन नंबरों पर अधिकारियों से बात कर समस्या का निराकरण करने में मदद करें : CEO@9669725077, कलेक्टर@9424136900, सचिव@7089858694. संपर्क@6260781574.
Posted on: Jun 24, 2018. Tags: LAKSHMAN SHRIWAS SONG VICTIMS REGISTER
माटी के महल उगे, कठवा के गोला...गीत-
ग्राम-कोटया, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक गीत सुना रहे हैं :
माटी के महल उगे, कठवा के गोला-
कैसन जीव लागे उठाय लेजेंव तोला-
सीयावर राम चंद्र की जय-
माटी के महला उगे कठवा कर गोला-
कईसन जीवा लागे उठाए लेजेवं तोला...
