हमारे स्कूल के सामने पक्की सड़क नहीं होने से बारिश के दिनों में बहुत कीचड़ हो जाता है...
स्कूल पारा, ग्राम-भंगी टोला, पंचायत-पोलमी, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम,
(छत्तीसगढ़) से संतोष बता रहे है, गाँव के पटेल पारा से स्कूल पारा तक सीसी रोड़ नही है| इस समस्या को लेकर ग्राम पंचायत में कई बार बोला है, परन्तु ध्यान नही देते| बरसात के दिनों चिकनी मिट्टी होने के कारण बहुत परेशानी होती है. बरसात में स्कूली बच्चों समेत समस्त ग्राम वासियों को परेशानी झेलनी पड़ती है, सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे है. कृपया इन नम्बरों पर फ़ोन कर मदद करे: सरपंच@8085079476, विधायक@9522898888. संपर्क-स्कूल अध्यापक भंगी टोला@9755134418.
Posted on: Apr 29, 2018. Tags: MITHILESH MANIKPURI SONG VICTIMS REGISTER
ईटा ला काट-काट चौड़ा चबावे रे...सरगुजिहा डोमकच गीत
ग्राम-सोनगरा, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मनिया बाई एक सगुजिहा डोमकच गीत सुना रही है:
ईटा ला काट-काट चौड़ा चबावे रे-
झाले कुटा आयो रे मडमडा व् तना-
मैं का जानूं सुना रे मडमडा व् तना-
भलेर-भलेर निबोय रे-
दातिला काट-काट चौड़ा चबावे रे...
Posted on: Apr 29, 2018. Tags: MANIYA BHAI SONG VICTIMS REGISTER
बेटी तै जाथस ससुराल वो, बने-बने रहबे...बेटियों पर छत्तीसगढ़ी कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी बेटियों से सम्बंधित एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे है:
बेटी तै जाथस ससुराल वो-
बने-बने रहबे-
मुंह ला रख बे संभाल के-
सांस ससुर ला-
दाई दादा के सम्मान बे-
नन्द देवर ला भाई बहन वो-
जेट जेठानी ला भाई-
बहुजाई के सम्मान बे वो...
Posted on: Apr 29, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
कृष्णा मारे गुलेल से फूटे गगरी, फूटे गगरी जी भींगे चुनरी...भोजपुरी गीत
ग्राम-धनेशपुर, पंचायत-विश्रामनगर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से आशा कुमारी, ज्योति कुमारी, बिन्दू कुमारी व अनीता कुमारी एक क्षेत्रीय गीत प्रस्तुत कर रही हैं:
कृष्णा मारे गुलेल से फूटे गगरी, फूटे गगरी जी भींगे चुनरी-
घर में सासू पूछे बहुआ का बिगड़ी-
बिगड़ी से बिगड़ी हमार बिगड़ी-
राउर बेटा अलबेला की का बिगड़ी-
कृष्णा मारे गुलेल से फूटे गगरी...
Posted on: Apr 28, 2018. Tags: SARLA SHRIWAS SONG VICTIMS REGISTER
एई प्रीथिबीर पन्थोशालाय केहो आसे केहो जाए...बांग्ला गीत
ग्राम-जवाहरनगर, पंचायत-सुर्रा, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से प्रहलाद बांग्ला भाषा में एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं. गीत के माध्यम से यह बताया जा रहा है कि पृथ्वी पर जितने भी जीव हैं सबको एक दिन समाप्त होना है:
एई प्रीथिबीर पन्थोशालाय केहो आसे केहो जाए-
कान्ना हंसी बोल ना मिलाय निकट नीरवतार-
हाय हाय केहो आसे केहो जाए...

