सरकार शौचालय बनाने के लिए रूपए खर्च कर रही है, पर हम उसका उपयोग नहीं कर रहे...
हेमसिंह मरकाम बता रहे है कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत भारत सरकार द्वारा शौचालय निर्माण अभियान चलाया जा रहा है, ताकि खुले में शौच मुक्त भारत बन सके. एक तरफ अभी निर्माण अभियान जारी है दूसरी तरफ जहा शौचालय बन गयें है वहा के हालात अभी से जर्जर है| सरकार की मंशा है कि खुले में शौच मुक्त बनाया जाए परन्तु इसमें जब तक लोगो का सहयोग नही होगा तब तक अभियान सफल नहीं बन सकता| 12,000 रूपये सरकार का सहयोग और बाक़ी स्वयं हितग्राही को खर्च करना है| जब तक हर एक आम नागरिक सजग नही होगा तब अभियान सिर्फ दिखावा ही रह जायेगा लोगो से अपील है की शौचालय का ही उपयोग करे
Posted on: Apr 29, 2018. Tags: HEMSINGH MARKAM SONG VICTIMS REGISTER
हमारे गाँव में तीन साल से बिजली के खम्बे, तार लगे है, लेकिन बिजली आज तक नही पहुँचीं...
भलिन दादर, ग्राम-कान्दावानी, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से हुबलाल बता रहे है तीन साल पहले हमारे पारे में बिजली के खम्बे और तार लगा दिए परन्तु बिजली नही पहुचाई, 60 परिवार रहते है,अभी लाईट का एक मात्र साधन मिट्टी तेल से चिमनी जलाकर काम चलाना पड़ता है. अगर बिजली आ जाये तो कई समस्याओ से छुटकारा मिल जाये. सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे है कृपया बिजली व्यवस्था कराने में मदद करे. इन नम्बरों पर फोन कर मदद करे: बिजली विभाग A.E@9407767166, J.E@9407703899, 9425241671. हेमसिंह मरकाम@ 9575248234.
Posted on: Apr 29, 2018. Tags: HEMSINGH MARKAM SONG VICTIMS REGISTER
हलत नहिये जी, ढोलत नहिये जी...छत्तीसगढ़ी कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे है:
हलत नहिये जी, ढोलत नहिये जी-
का हो गए बुढवा बाबनला बोलत नहिये जी-
चप्पर-चप्पर मंतर बोलत रहे जी-
अब तो मुंह लगे कछु कहत नहिये जी-
काहित मने मन म गुनत हवे जी-
बिहाव के भावर ला गिन्जारत नहिये जी...
Posted on: Apr 29, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
रेल चली भाई रेल चली, लेकर अपना मकसद ख़ास...बाल कविता
तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़)से कन्हैयालाल पड़ीयारी एक कविता सुना रहे है:
रेल चली भाई रेल चली, लेकर अपना मकसद ख़ास-
घुमा फिरा कर फ़िर ले आया, रख अपना ख़ास विश्वाश – दिल्ली दिखाया बम्बई दिखाया, कलकत्ता से ले गया मद्रास-
छोटा बड़ा सभी जगह दिखाया, पटरी पर ले अपना हास-
स्टेशनों का कर जायेजा, कर सिटी पर अपना विश्वाश-
माल ढ़ोया सवारी चढ़ाया, फ़िर भी न खोया अपना स्वास्थ्य-
रोज़ चलता फ़िर भी नही थकता, वह देखता नही अपने आस-पास...
Posted on: Apr 29, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADHIYARI SONG VICTIMS REGISTER
जिस गाँव नगर में वास करो, उसको आदर्श तुम बनाओ...प्रेरणा गीत
जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से अमित साहू एक रचना सुना रहे है:
ऐ धरती के रहने वाले, धरती को स्वर्ग बनाओं-
जिस गाँव नगर में वास करों, उसको आदर्श तुम बनाओं
दुर्गन्ध, गंदगी दूर हटा के, विदद्य्या घर-घर फैलाओं-
अज्ञानी को हटाकर तुम, इसी आदेश को छोड़ दे-
भाई बहन मात पिता में, प्रेम की धारा बहाना सिखों-
चिंता को छोड़कर, लाभ हानी को भूलकर-
ऐ धरती के रहने वाले, धरती को स्वर्ग बनाओं...

