मेरी मणि मेरे अच्छे विचार है, इन्ही विचारों के कारण मै हमेशा प्रसन्न रहता हूँ: संत...कहानी
एक संत थे वह हमेशा प्रसन्न रहते थे| चारो ओर चर्चा थी, उनके पास कोई मणि है. एक बार चोर उन्हें पकड़ कर जंगल ले गये और बोले बताओ मणि कहा है, जिसके कारण हमेशा मुस्कुराते रहते हो. संत मुस्कुराते हुए बोले मेरे पीछे आते जाओ और जहा-जहा पेड़ दिखे गड्डा खोदते जाओ मणि मिल जायेगी, संत ने जैसे बोला वैसे ही चोरों ने किया, रात होने को आई परन्तु चोरों को मणि नही मिली, फिर संत ने चोरो को पास बुलाकर कहा मेरे पास कोई मणि नही है, मेरी मणि मेरे मष्तिक में रहने वाले अच्छे विचार है| इन्ही विचारों के कारण मै हमेशा प्रसन्न रहता हूँ. संत की बात सुन चोरो को अपराधबोध हुआ और चोरी छोड़ ईमानदारी से जीवन बिताना शुरु कर दिया.
Posted on: May 01, 2018. Tags: SONG USHA SINGH VICTIMS REGISTER
गाँव गवाई हर शहर मा, बदल जाहि का रे संगवारी...छत्तीसगढ़ी कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ीयारी छत्तीसगढ़ी में एक कविता सुना रहे है:
गाँव गवाई हर शहर मा, बदल जाहि का रे संगवारी-
खेत खार मा बुता करय्या, नौकरी करे बर जाबो-
धान, चावल कहा ले पाबो, काला खा के प्राण ला बचाबो-
आनी बानी के कम्पनिया आवत है, उर्रा धुर्रा म खेत खार बेचावत है-
इत्ती उत्ती रेल पटरी, बिछावत है-
गाँव गवाई हर शहर मा, बदल जाहि का रे संगवारी...
Posted on: May 01, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADHIYARI SONG VICTIMS REGISTER
मड़वा बइठले पापा जंघिया अंजन पापा थरथर कांपल हे... सरगुजिया विवाह गीत
ग्राम-बलोर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से एक ग्रामीण महिला सरगुजिया भाषा में एक गीत प्रस्तुत कर रही हैं, यह गीत विवाह के समय गाया जाता है:
मड़वा बइठले पापा जंघिया अंजन पापा थरथर कांपल हे-
हथवा लगावल दुलहा अनजान दुलहा अवदा निहामण हे-
धीरे रहु हे बाबू धीरे रहु और गम्भीरे रहु ना-
जब पापा कुशल संकल जन करिहें तब गनिराउर हे-
मड़वा बइठले पापा जंघिया अंजन बेटी थरथर कांपल हे...
Posted on: Apr 30, 2018. Tags: GHANSHYAM MARSAKOLE SONG VICTIMS REGISTER
आना मेरे गाँव तुम्हें मैं दूंगी फूल कनेर के...गीत
ग्राम पंचायत- चित विश्रामपुर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से एक छात्र सुनील सिंह एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
आना मेरे गाँव तुम्हें मैं दूंगी फूल कनेर के-
कुछ कच्चे कुछ पक्के घर एक साल पुरान के-
सड़क बनेगी सुनती हूं इनका नंबर साल है-
चकते आन टीड़े ऊपर कई पेड़ हैं बेर के-
आना मेरे गाँव तुम्हें मैं दूंगी फूल कनेर के...
Posted on: Apr 30, 2018. Tags: GHANSHYAM MARSKOLE SONG VICTIMS REGISTER
जागेगा इंसान ज़माना देखेगा, नवयुग का निर्माण ज़माना देखेगा...जागृति गीत
ग्राम-झल्पी, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से अमरदीप गुप्ता एक जागृति गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
जागेगा इंसान ज़माना देखेगा, नवयुग का निर्माण ज़माना देखेगा-
देवता बनेंगे मेरे धरती के प्यारे, हम सुधरे तो जग को सुधारें-
जागेगा इंसान ज़माना देखेगा, नवयुग का निर्माण ज़माना देखेगा-
चमकेगा देश हमारा मेरे साथी रे, आँखों में कल का नजारा मेरे साथी रे-
धरती पर भगवान ज़माना देखेगा, नवयुग का निर्माण ज़माना देखेगा-
मिलजुलकर होंगे सारे खुशियों के मेले, कोई ना रो पाएगा दुःख में अकेले-
जागेगा देश हमारा मेरे साथी रे, आँखों में कल का नजारा मेरे साथी रे-
कल का हिन्तुस्तान ज़माना देखेगा, नवयुग का निर्माण ज़माना देखेगा...
