बेटी तै जाथस ससुराल वो, बने-बने रहबे...बेटियों पर छत्तीसगढ़ी कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी बेटियों से सम्बंधित एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे है:
बेटी तै जाथस ससुराल वो-
बने-बने रहबे-
मुंह ला रख बे संभाल के-
सांस ससुर ला-
दाई दादा के सम्मान बे-
नन्द देवर ला भाई बहन वो-
जेट जेठानी ला भाई-
बहुजाई के सम्मान बे वो...
Posted on: Apr 29, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
कृष्णा मारे गुलेल से फूटे गगरी, फूटे गगरी जी भींगे चुनरी...भोजपुरी गीत
ग्राम-धनेशपुर, पंचायत-विश्रामनगर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से आशा कुमारी, ज्योति कुमारी, बिन्दू कुमारी व अनीता कुमारी एक क्षेत्रीय गीत प्रस्तुत कर रही हैं:
कृष्णा मारे गुलेल से फूटे गगरी, फूटे गगरी जी भींगे चुनरी-
घर में सासू पूछे बहुआ का बिगड़ी-
बिगड़ी से बिगड़ी हमार बिगड़ी-
राउर बेटा अलबेला की का बिगड़ी-
कृष्णा मारे गुलेल से फूटे गगरी...
Posted on: Apr 28, 2018. Tags: SARLA SHRIWAS SONG VICTIMS REGISTER
एई प्रीथिबीर पन्थोशालाय केहो आसे केहो जाए...बांग्ला गीत
ग्राम-जवाहरनगर, पंचायत-सुर्रा, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से प्रहलाद बांग्ला भाषा में एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं. गीत के माध्यम से यह बताया जा रहा है कि पृथ्वी पर जितने भी जीव हैं सबको एक दिन समाप्त होना है:
एई प्रीथिबीर पन्थोशालाय केहो आसे केहो जाए-
कान्ना हंसी बोल ना मिलाय निकट नीरवतार-
हाय हाय केहो आसे केहो जाए...
Posted on: Apr 28, 2018. Tags: PAHLAD BALRAMPUR SONG VICTIMS REGISTER
हाय रे ये खलकत य धंद वातो...सरगुजिया भाषा में अंगनई गीत
ग्राम-बनौर, पंचायत-चित विश्रामपुर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से एतवाराम सरगुजिया भाषा में एक अंगनई गीत प्रस्तुत कर रहे हैं, गीत में अकाल की स्थितियों का वर्णन है:
हाय रे ये खलकत य धंद वातो-
ई भना चित विश्राम गाँव में बहुतई कालनी बुचू-
पांच रुपइया लेके भइया गली-गली घुमई लगनी-
बनौर, चित विश्राम गाँव में नइखे मिलत मुठाभर धान...
Posted on: Apr 28, 2018. Tags: GOVIND PANDRO SONG VICTIMS REGISTER
इस धरती का स्वर्ग यहाँ पर अपनी भारत माता है...देशभक्ति गीत
ग्राम-जाबड़खाण, पोस्ट-महाराजगंज, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से आनंद कुमार मेहता एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
इस धरती का स्वर्ग यहाँ पर अपनी भारत माता है-
इस धरती पर जन्म लिया है इससे अपना नाता है-
हम भारत माँ के बच्चे हैं माँ की शान बढ़ाएंगे-
इसकी गौरव, सदाचार दुनिया को बतलाएंगे-
देश के हित जो जीता-मरता यहाँ अमर हो जाता है-
इस धरती का स्वर्ग यहाँ पर अपनी भारत माता है-
गंगा-यमुना जैसी नदियां बहती कल-कल धारा है-
स्वयं प्रभु ने अपने हाथों मानो इसे संवारा है-
तीन और से सागर इस धरती की रक्षा करता है-
इस धरती का स्वर्ग यहाँ पर अपनी भारत माता है-
इस धरती पर जन्म लिया है इससे अपना नाता है...
