जिसने सूरज चाँद बनाया, जिसने चिड़ियों को चहकाया...कविता
भोपाल (मध्यप्रदेश) से सुरेश शर्मा एक कविता सुना रहे है:
जिसने सूरज चाँद बनाया-
जिसने चिड़ियों को चहकाया-
जिसने तारों को चमकाया-
जिसने फूलों को महकाया-
जिसने सारा जगत बनाया,
हम उसी ईश्वर के गुण गाए-
हम उसी प्रेम से शीश झुकायें...
Posted on: May 07, 2018. Tags: SONG SURESH SHARMA VICTIMS REGISTER
हमारे गाँव में बड़े के बदले छोटा ट्रांसफार्मर लगाने से किसानो के मोटर पम्प नहीं चल रहे है...
ग्राम-कुर्रेडीह, पोस्ट-विश्रामपुरी, तहसील-बड़ेराजपुर, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से मंगल मंडावी बता रहे है, पहले यहाँ पर बड़ा ट्रांसफार्मर लगा था जिससे बोरिंग ट्यूबवेल मोटर पम्प सब चलते थे, जिससे यहाँ के किसान मोटर पम्प चलाते थे, लेकिन बड़ा ट्रांसफार्मर निकालकर छोटा लगा दिया है जिससे अब पम्प नही चल रहे है, जिसके कारण यहाँ के किसानो की फसले सूखने लगी है. सीजीनेट के साथियों से मदद की अपील कर रहे है, कृपया इन नम्बरों पर फोन कर मदद करे: बिजली विभाग नेताम@9584085973, जिला कलेक्टर@
9424200202. मंगल मंडावी जानकारी के लिए@8120473865.
Posted on: May 07, 2018. Tags: MANGAL MANDAVI SONG VICTIMS REGISTER
बना के रहेंगे शोषण मुक्त झारखंड...झारखण्ड आन्दोलन के शहीदों पर गीत
बोकारो, झारखंड से लोकगायक नरेश महतो झारखण्ड आन्दोलन के शहीदों को समर्पित एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
बना के रहेंगे शोषण मुक्त झारखंड-
चले चाहे गोली चले चाहे बम-
बना के रहेंगे शोषण मुक्त झारखंड-
कहके गए हैं वाणी विनोद बिहारी-
झारखंड हमको सबसे है प्यारी-
इसे जो भी लूटेगा, मिटा देंगे हम-
बनाके रहेंगे शोषण मुक्त झारखंड-
वीरशक्ति महतो ने दी है कुर्बानी-
मिट गई यहाँ पे मीरमल की जवानी-
इन्हीं वीर शहीदों का खाते हैं कसम-
बनाके रहेंगे शोषण मुक्त झारखंड...
Posted on: May 07, 2018. Tags: JM RANGEELA SONG VICTIMS REGISTER
भाचा बखानों मैं जय हनुमाना...सरगुजिहा भक्ति गीत
ग्राम- कोटेया, जिला- सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक गीत सुना रहें हैं:
भाचा बखानों मैं जय हनुमाना-
जा भाचा लेआना सजुवन गझा-
सजुवन गझा ला नहीं न पाय-
भाचा बखानों मैं बीरा हनुमाना-
जा भाचा लेआना सजुवन गझा-
सजुवन गझा ला चीन्ही न पाय-
बोटे कर बटा लानि मढ़ायें...
Posted on: May 07, 2018. Tags: MEWALAL DEWANGAN SONG VICTIMS REGISTER
घर दुवार खार-खार रुख राई डार-डार बगरे है चंदा अंजोर...छत्तीसगढ़ी कविता
ग्राम-पसेलखार, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से कक्षा 5 के छात्र देवीचंद एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे हैं :
घर दुवार खार-खार रुख राई डार-डार बगरे है चंदा अंजोर-
तरिया के पार-पार, लईका पारए गोहर-
चंदैनी सुरतावाथे पानी मा पांव बोर, बगरे है चंदा अंजोर-
गीत गवाए लहरा मा, बरस बारी बहरा मा-
लवकुस के अंतल मा लामे हे माया के डोर-
हस-हस के खेलथे पुरवईहा पेलथे रिदमई दास कर तरिहा कहे हिलोर...

