गाँव गवाई हर शहर मा, बदल जाहि का रे संगवारी...छत्तीसगढ़ी कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ीयारी छत्तीसगढ़ी में एक कविता सुना रहे है:
गाँव गवाई हर शहर मा, बदल जाहि का रे संगवारी-
खेत खार मा बुता करय्या, नौकरी करे बर जाबो-
धान, चावल कहा ले पाबो, काला खा के प्राण ला बचाबो-
आनी बानी के कम्पनिया आवत है, उर्रा धुर्रा म खेत खार बेचावत है-
इत्ती उत्ती रेल पटरी, बिछावत है-
गाँव गवाई हर शहर मा, बदल जाहि का रे संगवारी...
Posted on: May 01, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADHIYARI SONG VICTIMS REGISTER
मड़वा बइठले पापा जंघिया अंजन पापा थरथर कांपल हे... सरगुजिया विवाह गीत
ग्राम-बलोर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से एक ग्रामीण महिला सरगुजिया भाषा में एक गीत प्रस्तुत कर रही हैं, यह गीत विवाह के समय गाया जाता है:
मड़वा बइठले पापा जंघिया अंजन पापा थरथर कांपल हे-
हथवा लगावल दुलहा अनजान दुलहा अवदा निहामण हे-
धीरे रहु हे बाबू धीरे रहु और गम्भीरे रहु ना-
जब पापा कुशल संकल जन करिहें तब गनिराउर हे-
मड़वा बइठले पापा जंघिया अंजन बेटी थरथर कांपल हे...
Posted on: Apr 30, 2018. Tags: GHANSHYAM MARSAKOLE SONG VICTIMS REGISTER
आना मेरे गाँव तुम्हें मैं दूंगी फूल कनेर के...गीत
ग्राम पंचायत- चित विश्रामपुर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से एक छात्र सुनील सिंह एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
आना मेरे गाँव तुम्हें मैं दूंगी फूल कनेर के-
कुछ कच्चे कुछ पक्के घर एक साल पुरान के-
सड़क बनेगी सुनती हूं इनका नंबर साल है-
चकते आन टीड़े ऊपर कई पेड़ हैं बेर के-
आना मेरे गाँव तुम्हें मैं दूंगी फूल कनेर के...
Posted on: Apr 30, 2018. Tags: GHANSHYAM MARSKOLE SONG VICTIMS REGISTER
जागेगा इंसान ज़माना देखेगा, नवयुग का निर्माण ज़माना देखेगा...जागृति गीत
ग्राम-झल्पी, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से अमरदीप गुप्ता एक जागृति गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
जागेगा इंसान ज़माना देखेगा, नवयुग का निर्माण ज़माना देखेगा-
देवता बनेंगे मेरे धरती के प्यारे, हम सुधरे तो जग को सुधारें-
जागेगा इंसान ज़माना देखेगा, नवयुग का निर्माण ज़माना देखेगा-
चमकेगा देश हमारा मेरे साथी रे, आँखों में कल का नजारा मेरे साथी रे-
धरती पर भगवान ज़माना देखेगा, नवयुग का निर्माण ज़माना देखेगा-
मिलजुलकर होंगे सारे खुशियों के मेले, कोई ना रो पाएगा दुःख में अकेले-
जागेगा देश हमारा मेरे साथी रे, आँखों में कल का नजारा मेरे साथी रे-
कल का हिन्तुस्तान ज़माना देखेगा, नवयुग का निर्माण ज़माना देखेगा...
Posted on: Apr 30, 2018. Tags: MONIKA MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
हई रे दई रे नार नदी बहे ललकारी...सादरी भाषा में देशवारी गीत
ग्राम-बनौर, पंचायत-चित विश्रामपुर, जिला-बलरामपुर, छत्तीसगढ़ से शांती सादरी भाषा में एक देशवारी करमा गीत प्रस्तुत कर रही हैं जिसे भादौं के महीने में गाया जाता है:
हई रे दई रे नार नदी बहे ललकारी-
करी नदी बहे ललकारी-
बीच के नदी बहे घरी घरी रे-
करी नदी बहे ललकारी...
