मनमोहन बिनती करूँ दिन रैन...भक्ति गीत
प्रिया, ग्राम-रामपुर, जिला-कटनी, मध्यप्रदेश से एक कृष्ण भजन सुना रही है :
मनमोहन बिनती करूँ दिन रैन-
राह तके मेरे नैन-
अब तो दरश देदो कुञ्ज बिहारी-
मनवा है बेचैन-
नेह की रोरी तुम संग जोड़ी-
हमसे जायेगी न ये तोड़ी-
हे मुरलीधर कृष्ण मुरारी-
मनवा है बेचैन-
मनमोहन विनती करूँ...
Posted on: Dec 07, 2017. Tags: Priya Katni SONG VICTIMS REGISTER
सुनो-सुनो ए नौजवानों ये संकल्प करना है...युवा सुधार गीत
सुनील कुमार ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर, बिहार से युवा सुधार पर आधारित गीत सुना रहे हैं:
सुनो-सुनो ए नौजवानों ये संकल्प करना है – चारो ओर शांति फैलाना है-
आपस में हो ख़त्म लड़ाई-
दुनिया वासी भाई-भाई-
आतंकी गतिविधि छोड विकल्प को अपनाना है-
जाति-धर्म सब इसी जहाँ पर-
मजहब-पंथ सब इसी जहाँ पर-
इंसान का धर्म अपनाना है-
देश की ताकत नौजवान-
दुनिया की ताकत नौजवान-
सही दिशा को अपनाना है-
चारो ओर शांति फैलाना है-
सुनो-सुनो ए नौजवानों ये संकल्प करना है...
Posted on: Dec 07, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
झिमिर-झिमिर पानी बरसे, जोते खेत-खलिहान...वर्षा गीत
रूपलाल मरावी ग्रामपंचायत-धुमाडांड, विकासखंड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर, छत्तीसगढ़ से एक वर्षा गीत सुना रहे है :
झिमिर-झिमिर पानी बरसे-
जोते खेत-खलिहान-
रेंगरेगो लोवा बरधा दिरहे तिनगारी देह-
साईत को रोके नागर-जुआ-
काट को रोके नागर जुआ-
ऊंह देशन बिहनिया धान-
बाढ़े-फूले होए धान-
ओला खाथे लरका ओजे मोसियान-
झिमिर-झिमिर पानी बरसे-जोते खेत-खलिहान...
Posted on: Dec 07, 2017. Tags: Rooplal Marawi SONG VICTIMS REGISTER
सावन-भादों की झरिया...सरगुजिया कर्मा गीत
कैलाश सिंह पोया ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर, छत्तीसगढ़ से एक सावन गीत सुना रहे हैं यह गीत सावन भादों में डांड गाड़ते समय सभी किसान गाते और नाचते हैं:
रे हो मत भिजू रे गोरिया-
सावन-भादों की झरिया-
कहाकर भीजे भाई लाली पगरिया-
काकर भीजे रेशम डोरिया-
कौंडा का भीजे लाली पगरिया-
ससिया कर भीजे रेशम डोर-
कहाँ सुखावे लाली पगरिया-
कहाँ सुखावे रेशम डोरिया-
घोरना सुखावे लाली पगरिया-
कनिहा सुखावे रेशम डोरिया-
मत भिजू रे गोरिया-
सावन-भादों की झरिया...
Posted on: Dec 07, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
छत्तीसगढ़ का प्रयाग : राजिम की कहानी...
राजिम का प्रचीन नाम कमलक्षेत्र पदमावतीपुरी था वहां पर मंदिरों का समूह है उसे छत्तीसगढ़ का कुम्भ भी कहा जाता है राजिम रायपुर से 45 दूर महानदी संगम स्थल पर स्थित है राजिम का नाम एक महिला के नाम पर पड़ा है प्राचीन मान्यता के अनुसार एक महिला प्रतिदिन उस रास्ते से होकर तेल बेचने जाया करती थी एक दिन अचानक एक शिलाखण्ड से महिला का पैर टकरा गया जिससे सर पर रखी तेल की हांड़ी गिर गई जिस पर वह दुखी होकर रोने लगी तभी तेल की हांड़ी एकाएक भर जाती है, तब से उसका पात्र कभी खाली नही हुवा। इस घटना की जानकारी जा के पास पहुंची जिस पर राजा ने उस जगह की खुदाई कराई जिसमे विष्णु जी की चतुर्भुजी प्रतिमा निकली, इस तरह से इस जगह का नाम राजिम पड़ा| राकेश कुमार@9617339569.

