सुप्रीम कोर्ट के रोक के बावजूद हमारे गाँव के पास बहने वाली नदी में रेत खनन हो रहा है...
ग्राम-मंदालिया, पोस्ट-दोसरा, तहसील-फ़ागी, जिला-जयपुर (राजस्थान) से प्रधान सैनी बता रहे है, बजरी (रेत) उत्खनन पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा रखी है, बावजूद इसके खनन विभाग की अनदेखी के कारण हमारे गाँव के पास बहने वाली मासी और बांडी नदी में बहुत ज्यादा खनन हो रहा है| इसका खामियाज़ा आम जनता को उठाना पड़ रहा है, क्योंकि यहाँ पर गाँव वालो को बहुत महंगे दामों पर खरीदना पड़ता है|गाँव में शाम के समय ऐसा नज़ारा होता है जैसे कोई मंडी लगी है, रात के समय में हजारों ट्रकों में लादकर रेत को बाहर पहुचाया जाता है, और प्रशाशन, खनन विभाग कुछ नही कर रहा है. प्रधान सैनी@9772321370
Posted on: May 08, 2018. Tags: PRADHAN SAINI SONG VICTIMS REGISTER
जडगी के पियर, पियर फूल दय्या, जाबे स्कूल...सरगुजिहा साक्षरता गीत
ग्राम-खर्रा, पोस्ट-ओड़गी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सरोज रजवाड़े सरगुजिहा भाषा में एक साक्षरता गीत सुना रही है:
जडगी के पियर, पियर फूल दय्या, जाबे स्कूल-
ये छोटू तहु न जाबे, ये मोटू तहु न जाबे-
और खोजे अंगा पहिरे फ़ुर पेंट बाबू ,जाबे स्कूल-
ये सीता तहु न जाबे, ये गीता तहु न जाबे-
और पाबे पिंधे बफा रात छंगा दूर दय्या, जाबे स्कूल-
और फारे सेमिनार फारे धुरे गुले दय्या, जाबे स्कूल...
Posted on: May 08, 2018. Tags: SAROJ RAJWADE SONG VICTIMS REGISTER
कौने बरन के गजरा हो मोहे नीके ना लागे...बघेली लोकगीत
ग्राम, पोस्ट-उलहीखुर्द, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से रमेश कुमार गुप्ता एक बघेली लोकगीत सुना रहे हैं :
कौने बरन के गजरा हो मोहे नीके ना लागे-
मइके के निक लागे भईया भतिजवा-
ससुरे लहुरा देवरवा हो मोही नीके ना लागे-
मइके के नीक लागे घरवा दुवरवा-
ससुरे के कतका महलवा हो मोही नीके ना लागे-
कौने बरन के गजरा हो मोहे नीके ना लागे...
Posted on: May 08, 2018. Tags: RAMESH KUMAR GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
हे शारदे माँ, हे शारदे माँ, अज्ञानता से हमें तार दे माँ...सरस्वती वंदना
जिला-शिवपुरी, (मध्यप्रदेश) से अखिलेश कुमार पारश सरस्वती वंदना गीत सुना रहे है:
हे शारदे माँ, हे शारदे माँ, अज्ञानता से हमें तार दे माँ-
तू शल की देवी, ये संगीत तुझसे, हर शब्द तेरा हर गीत तुझसे-
हम अकेले हम है अधूरे, विद्द्या का हमको भी अधिकार दे माँ-
मुनियों ने समझी, गुणियों ने जानी, वेदों की भाषा, पुराणों की वाणी-
हम भी तो समझे, हम भी तो जाने-
तेरी शरण हम, हमें प्यार दे माँ, हे शारदे माँ-
हे शारदे माँ, हे शारदे माँ, अज्ञानता से हमें तार दे माँ...
Posted on: May 07, 2018. Tags: AKHILESH KUMAR PARAS SONG VICTIMS REGISTER
जिसने सूरज चाँद बनाया, जिसने चिड़ियों को चहकाया...कविता
भोपाल (मध्यप्रदेश) से सुरेश शर्मा एक कविता सुना रहे है:
जिसने सूरज चाँद बनाया-
जिसने चिड़ियों को चहकाया-
जिसने तारों को चमकाया-
जिसने फूलों को महकाया-
जिसने सारा जगत बनाया,
हम उसी ईश्वर के गुण गाए-
हम उसी प्रेम से शीश झुकायें...
