कौआ और चालाक लोमड़ी की कहानी...

जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से दिव्यांशु सिंह कौआ और लोमड़ी की कहानी सुना रहे है वे राजहंस स्कूल में यूकेजी के छात्र हैं: जंगल में एक आम का पेड था उसमे एक कौआ बैठा था, उसके चोंच में एक रोटी का टुकड़ा था. कौआ जैसे ही रोटी खाने वाला था कि वहां एक लोमड़ी पेड़ के नीचे आ गई और बोली कौवे भाई-कौवे भाई सुना है कि आप बहुत अच्छा गाते हो तो उन्होंने कहा हाँ तो मुझे भी गा के दिखाओ तो कौआ खुश हो गया और जैसे ही उसने गाने के लिए अपना मुंह खोला वैसे ही रोटी झट से नीचे गिर गयी और लोमड़ी उसे उठाकर चली गई और कौआ कावं-कावं करता रह गया | ये थी कौआ और लोमड़ी की कहानी, आप को कैसी लगी बताइयेगा। दिव्यांशु सिंह@9993866808

Posted on: Jan 22, 2017. Tags: DIVYANSHU SINGH SONG VICTIMS REGISTER

सीजीनेट के दोहाई, सीजीनेट के दोहाई...सीजीनेट पर कविता

जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया सीजीनेट पर एक कविता सुना रहे है:
सीजीनेट के दोहाई सीजीनेट के दोहाई-
हमके ला राह दिखाई सीजीनेट के दोहाई-
घर ले निकले अनुपपुर में आई-
अनुपपुर पाठशाला खुलवाई-
हमके दुनिया ला दिखाई-
सीजीनेट के दोहाई-
भाई सीजीनेट के दोहाई-
हमके दुनिया ला दिखाई...

Posted on: Jan 22, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में: पथरी का घरेलू उपचार

ग्राम देवरी, जिला-सूरजपुर ( छत्तीसगढ़ ) से कैलाश सिंह पोया पथरी की बीमारी का एक उपचार बता रहे है |वे बता रहे हैं पथरचट्टा पौधे का रंग हरा होता है, इस पौधे के पत्तोंके चारो ओर कांटे के समान होते है, यह जलाशय या गीली वाली जगहों पर अक्सर पाया जाता है. इसका वैज्ञानिक नाम bryophyllum pinnatum है. इसकी एक-एक पत्ती सुबह-शाम खाने से पथरी की बीमारी ठीक हो जाती है, ऐसे ही 5 दिन तक रोजाना लेने से पथरी समाप्त हो जाती है. गाँव के लोग इसका भरपूर उपयोग करते हैं और इससे किडनी और गाल ब्लैडर आदि के पथरी को गलाया जा सकता है. अधिक जानकारी के लिए आप कृपया सम्पर्क करें वैद्य रूपलाल मरावी@7089415537.कैलाश सिंह पोया@9575922217

Posted on: Jan 22, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

गोंडवाना का राज पुराना इतिहासकार बतलाते है...गोंडो के इतिहास पर कविता

ग्राम-जमुड़ी, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से कैलाश सिंह पोया गोंडो के इतिहास पर एक कविता सुना रहे हैं:
गोंडवाना का राज पुराना इतिहासकार बतलाते है-
महल किला ताल तलैया हमको याद कराते है-
बाग़ बगीचे देवी-देवता गोंडो के है शान-
जादू टोना मन्त्र तंत्र सब गोंडो के है ज्ञान...

Posted on: Jan 19, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

घोडा नाचे हाथी नाचे, नाचे सोन चिड़िया...जंगली जानवरों पर कविता

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (मध्यप्रदेश) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे है:
घोडा नाचे हाथी नाचे,नाचे सोन चिड़िया-
किलक-किलक बंदर नाचे भालू तातातैया-
सुन रे मोर काया,सुन रे मोर काया-
झूम-झूम कर खरह नाचे ऊंट में न गाया-
आ पहुंचे जब शेर नाचे मची हाय रे दया...

Posted on: Jan 18, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

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