डामाँ-डामाँ डमरू बाजे बाबा के दुवारे हएरे केलाश पहारे...भजन गीत
ग्राम- बटई, ब्लाक- प्रतापपुर, जिला- सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल एक भजन गीत सुना रहे हैं :
डामाँ-डामाँ डमरू बाजे बाबा के दुवारे हएरे केलाश पहारे-
केलाश पहार उपरे बसे बाबा हैं तोरे बसे है बाबा तोरे-
नारियल अगरबती से ये भर झोली मोरे-
डामाँ-डामाँ डमरू बाजे बाबा के दुवारे हएरे केलाश पहारे...
Posted on: May 23, 2018. Tags: DURGESH PATEL SONG VICTIMS REGISTER
ऊँचा मस्तक का हिमालय खड़ा हुआ पहरेदार बना...कविता
ग्राम- बगईडाड, पोस्ट- बिहारपुर, जिला- सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से धरती सिंह एक कहानी सुना रहें हैं :
ऊँचा मस्तक का हिमालय, खड़ा हुआ पहरेदार बना-
उत्तर में सीमा पर है अड़ा हुआ-
आंधी तूफानों में इसनें सदा अटल रहना सीखा-
इन की ठंठी वर्षा को भी वे चुप रहकर सहना सीखा-
हमभी सत्य पर अडिग रहें हिमगिरी का संदेश यही-
Posted on: May 22, 2018. Tags: DHARTI SINGH SONG VICTIMS REGISTER
ओला ला लो ओला ला आखी खोखल के दरवाजा खोलते ही, आंगन बुलाती हे ओ लाला...गीत
ग्राम-कुप्पी, विकासखण्ड-ओड़गी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से ललिता एक गीत सुना रही हैं:
ओला ला लो ओला ला आखी खोल के दरवाजा खोलते ही,आंगन बुलाती हे ओ लाला-
आंगन को झार कर मुह तो धोते ही, नला बुलाती हो लाला नला बुलाती ओ लाला-
नाला से पानी भर के लाइ तो, नानी बुलाती हैं हो लाला नानी बुलाती है ओ लाला-
नानी की सेवा करती रही तो सासु पुकारती हैं,ओ लाला सासु पुकारती हे ओ लाला-
सासु की सेवा करती रहू तो ससुर बुलाता है, ओ लाला ससुर बुलाता है ओ लाला-
ओला ला ओला ले आखी खोखल के दरवाजा खोलते ही, आंगन बुलाती हे ओ लाला...
Posted on: May 22, 2018. Tags: LALITA SONG VICTIMS REGISTER
सीजीनेट में आजा, पिता भाई बहना, समस्या के सन्देश रिकॉर्ड कराई के ना हो...सीजीनेट गीत
खुसन पारा, ग्राम-शारदापुर, तहसील-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से मेहीलाल एक गीत सुना रहे है:
सीजीनेट में आजा, पिता भाई बहना-
समस्या के सन्देश रिकॉर्ड कराई के ना हो, ज़िन्दगी ला सवार लेवा हो-
गाँव घर तोला तारा के, समस्या ला करी हा पुकार-
सीजीनेट के साथी भाई बहिन मन, करे तोर उद्धार-
नय लागे रुपया पैसा, नय लागे आना जाना-
08050068000 में फोन लगाना हो, ज़िन्दगी ला सवार लेवा हो...
Posted on: May 22, 2018. Tags: MEHILAL SONG VICTIMS REGISTER
गढ़ा सुन भजे रे, कोने हर पोसे जीव धरईया...सरगुजिया कर्मा गीत
ग्राम-कोट्या, जिला- सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक सरगुजिया कर्मा गीत सुना रहे हैं :
गढ़ा सुन भजे रे, कोने हर पोसे जीव धरईया-
कोने हर पोसे ढ़ेला की, चार्रया गढ़ा सुन भगे रे-
कोने हर पोसे जीव धरईया, गढ़ा सुन भगे रे-
राजा की बेटा पोसे ढ़ेला की चार्रया, गढ़ा सुन भगे रे-
रानी की बेटी पोसे जीव धरईया, गढ़ा सुन भगे रे-
गढ़ा सुन भगे रे, कोने हर पोसे जीव धरईया...
