सन्तान कहलाने के लायक नहीं, फिर भी संतान कहलाते हैं...कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
सन्तान कहलाने के लायक नहीं, फिर भी संतान कहलाते हैं-
अपने ही धुन में मस्त हो मस्ती करने चले जाते हैं-
मना करो जिन राहो में जाने को, उसी राह में चले जाते हैं-
सोचते हैं मन में क्या क्यों मना किया गया, चलो थोड़ा देख कर आते हैं-
वहां देखने क्या जाते है, वहां की भव्यता देख वहीँ रह जाते हैं-
अपने धुन में उसे पता नही चलता कि ये भयानक दलदल है-
फंसते-फंसते इतना फंस जाता है कि फिर वह निकल नहीं पाता है-
तब याद आता है उसे कि माता पिता ने क्यों रोका था...
Posted on: Sep 09, 2018. Tags: CG KANHAILAL PADHIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
ज्यादा घूमा फिरा न करो शैतान घूमते है...चुटकुला
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़,(छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक चुटकुला सुना रहे हैं:
पिता: बेटा अँधेरी रात में ज्यादा घूमा फिरा न करो शैतान घूमते है-
बेटा : पिता जी आप रात-रात भर घूमा करते है, आपको शैतानो से डर नही लगता है-
पिता: बेटा अब तो मै बड़ा हो गया हूँ जब मै छोटा था, तो बहुत डरता था मेरा पिता तेरे दादा जी यही कहा करते थे-
बेटा : पिता जी आप डरते थे इसलिए आप भी मुझे डरा रहे हैं पर मै तो नया जमाने का हूँ आज शैतानों से कोई नही डरता है तो मै क्यों डरूं-
पिता : बेटा शैतानों से न दोस्ती करनी चाहिए न दुश्मनी करनी चाहिए दोनों ही महंगा पड़ता है-
बेटा : पिता जी शैतानों से दोस्ती ही करना चाहिए उससे लाभ ही लाभ है मैने उनसे दोस्ती की है...
Posted on: Sep 09, 2018. Tags: CG JOKE KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
खटमल रानी खटमल रानी मेरे घर पर न आना...बाल कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ) से कन्हैयालाल पडियारी एक बाल कविता सुना रहे हैं:
खटमल रानी खटमल रानी मेरे घर पर न आना-
मेरे घर पर आकर तुम मेरे बिस्तर में न चढ़ना-
मेरे खाट पर चढ़कर तुम घर न बनाना-
बड़ा आफत आती है तुम्हारा घुस कर काटना-
नींद नही आती है पड़ता है खुजलाना-
बच्चे मेरे रोते हैं करके खुजली का बहाना-
फोड़ा-फुंसी होता है तुम्हारा जो काटना-
डाक्टर घर जाना पड़ता है, पड़ता खजाना लुटाना...
Posted on: Sep 09, 2018. Tags: CG CHILDREN KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : तालमखाना या अश्वगंधा के पौधे का औषधीय गुण-
जिला-टीकमगढ़, (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय आज हमें तालमखाना या अश्वगंधा के पौधे का औषधीय गुण बता रहे है कि तालमखाना के पत्तो को पीसकर के लेप करने से संधि शूल (जोड़ो के दर्द) में लाभ होता है ताकत बढ़ाने के लिए तालमखाना के बीज और कौंच के बीज दोनों को पीसकर के चूर्ण बना ले और 1 चम्मच चूर्ण 1 चम्मच मिश्री के साथ मिला करके सुबह शाम सेवन करे चूर्ण खाने के बाद ऊपर से 1 गिलास दूध पी ले इससे बल पाप्त होगा लेकिन कौंच का बीज मिलाने से पहले उसको गाय के दूध में उबाल ले और बीज का छिलका निकाल कर पीसकर मिलाएं | राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.
Posted on: Sep 08, 2018. Tags: HEALTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI SONG SWASTHYA SWARA TIKAMGARH VICTIMS REGISTER
दादी और पोती के बीच वाद विवाद...चुटकुला
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक चुट्कुला सुना रहे है, एक दादी और पोती आपस में बात करते है-
दादी- तू दिनभर चपड़-चपड़ करती रहती है, एक मिनट चुप नही रहती-
पोती- आप भी तो दिनभर कुछ न कुछ बोलती रहती है, कभी मम्मी से, कभी पापा से, कभी भईया से, कभी मुझसे-
दादी- मै तेरे भलाई के लिए कह रही हूँ, जब तू शादी होकर ससुराल जाएगी तो तेरा सास ननद, ससुर, जेठ-जेठानी, देवरानी कहेंगे कि कहां से इसे उठा लाए-
पोती- मै तो ऐसे घर में बिहा कर जाउंगी, जहां आप जैसा कोई खूसठ बूढी-बुढा ना हो,
ना सास हो, ना ससुर, ना जेठ-जेठानी, ना ननद देवर हो-
उसके बाद दोनों चुप हो जाते हैं और अलग-अलग चले जाते हैं...
