वनांचल स्वर : वन समितियां बैगा आदिवासियों से वनोपज समर्थन मूल्य में नहीं खरीद रही हैं...

जिला-कवर्धा (छत्तीसगढ़) से अनिल बामने बता रहे है कि छार, चिरोंजी, महुआ, लाख, हर्रा बेहडा और भी बहुत सारे वनोपज है जो बैगा आदिवासी लोग संग्रहित करते है और उसको बेचकर अपना जीवन यापन करते है. उसके सम्बन्ध में छत्तीसगढ़ सरकार ने समर्थन मूल्य भी घोषित किया है| लेकिन उस समर्थन मूल्य पर खरीदी नहीं कर रहे है| आदेश के बाद भी वन समिति नहीं खरीद रहे है. और बिचौलिए चिरोंजी एक किलो शकरकंद या एक किलो आलू या कनकी ( टूटा चावल) उसके बराबर वजन में दिया जाता है बिचोलिए उसी चिरोंजी को लाकर समिति में बेचते है और समर्थन मूल्य का चेक लेकर मोटी कमाई कर रहे है| बामने@9977161570.

Posted on: Jun 03, 2018. Tags: ANIL BAMNE SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

हमारे पारा में एक भी हैण्डपम्प नहीं, 1 किलोमीटर दूर से पानी लाकर पीते है, कृपया मदद करें...

ग्राम पंचायत-शंकरपुर, पोस्ट-रघुनाथनगर, तहसील-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से रामसाय बता रहें हैं कि उनके पारा में एक भी हैण्डपम्प नहीं हैं वे लोग एक किलोमीटर दूर से पानी लाकर पीते है| 10 घर की बस्ती है, वे कह रहे हैं कि उनके पारा में एक हैण्डपम्प खुदवा देते तो उनको पानी की सुविधा हो जाती| इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि इन नम्बरों में बात कर उनके पारा में हैण्डपम्प लगवाने में मदद करें: P.H.E@7566869978, S.D.O.9826603461, तिवारी@8878359171, C.E.O.@9009630583. जीतसिंह आयम@9713577241.

Posted on: Jun 03, 2018. Tags: RAMSAY BALRAMPUR SONG VICTIMS REGISTER

तोर चरण ढोला मोर चन्दन बनगे मईया...छत्तीसगढ़ी गीत

ग्राम-सेमरा, ब्लाक-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रितु सिंह, सोना और सीता कुँवर एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
तोर चरण ढोला मोर चन्दन बनगे मईया-
जय हो मोर सोनचिरैया-
छत्तीसगढ़ीन दाई गजब सुहाथे ओ तोर कोरा-
दुनिया पालन हारी तोला कईथे धान कटोरा-
बड़े मयारू मया के गठरी ओ दुःख पीर गढ़रईया-
तोर कोरा माँ नदियाँ नरवा पर्वत जंगल रुख राइ-
महानदी शिवनाथ आगे अरपा बहथे है दाई...

Posted on: Jun 03, 2018. Tags: REETU SINGH SONA SEETA SONG VICTIMS REGISTER

हम आधे किमी से नाले का पानी लाकर पीते हैं शिकायत करने पर कोई ध्यान नहीं देते है...

ग्राम-मोहली, ब्लाक-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से देवप्रसाद,राजेश, मानसाय, शंकर, ज्ञानचंद जयसवाल बता रहें हैं कि वार्ड क्रमांक 07 में पानी की बहुत समस्या हैं, वहां की आबादी 100 से ज्यादा है आधा किलोमीटर दूर डोढी से पानी लाते हैं, इसके लिए उन्होंने ग्रामसभा में सभी लोग मिलकर आवेदन किये है तो बोलते हैं आयेगा लेकिन अभी तक नहीं आया है और कोई ध्यान देते नहीं है| इसीलिए साथी सीजीनेट के साथियों से मदद कि अपील कर रहे है, इन नम्बरों में बात कर हैण्डपम्प लगवाने में मदद करें: P.H.E.@958934842, सरपंच@9754760084, कलेक्टर@9826443377. अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क@9111308956.

Posted on: Jun 03, 2018. Tags: DEVPRASAD RAJESH MANSAAI SHANKAR GYANCHAND SONG VICTIMS REGISTER

चीटी ने हाथी से कहा, हाथी दादा जमाना बदल गया है, हाथी ने सूंड उठाकर हामी भरी: कहानी

ग्राम-सिंगपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से ओमकार मरकाम चीटी और हाथी की कहानी सुना रहे है, एक रानी चीटी थी वह रोज भोजन की तलाश में जंगल जाती थी सभी चीटियाँ उस चीटी के साथ जाती | उस जंगल में एक हाथी रहता था| वह दिनभर घूमते रहता था| कभी इस पेड़ को तोड़ता कभी उस पेड़ को तोड़ता, कुछ खाता कुछ फेक देता सूंड में पानी भरता और नहाता दूसरे जानवरों को पानी से भिगोता, जानवरों से धक्का मुक्की भी करता, चीटियों को मसल देता, सभी उससे डरते थे| उससे कोई कुछ न कहता, हाथी से सभी तंग थे | एक दिन की बात है रानी चीटी हाथी से मिली वह बोली तुम दूसरो को सताते हो | यह ठीक नहीं, हाथी बोला चुप रह छोटी से जान बित्ता भर जुबान मेरी मर्जी मैं चाहूँ जो करूँ. रानी चीटी बोली शेर जी कह दूंगी. हाथी हंसकर बोला शेर से क्या कहोगी वह मेरे दम पर मुखिया है| रानी चीटी चुप हो गई वह घास में जाकर छिप गई | हाथी इधर उधर घूम रहा था रानी चीटी चुपके से उसके सूंड में घुस गई | हाथी अपनी मौज में था चीटी सूंड के अन्दर घुसती ही गई| अब रानी चीटी ने हाथी की सूंड को काटना शुरू किया हाथी परेशान होने लगा उसने जोर-जोर से सूंड पटकी फूंक लगाईं कोई जुगत काम न आई रानी चीटी ने काटना बंद नहीं किया | तब रानी चीटी बोली अब आया मजा बच्चू अब क्यूँ रोते हो आई नानी याद? रानी चीटी हाथी को काटती रही. हाथी गिर पड़ा बोला चीटी रानी माफ़ करो-माफ़ करो. अब किसी को नहीं सताऊंगा. किसी को छोटा न मानूंगा रानी चीटी ने सोचा हाथी को अब आई अकल. रानी चीटी सूंड से बाहर आई बोली हाथी दादा, हाथी दादा जमाना बदल गया है हाथी ने सूंड उठाकर हामी भरी | ओमकार मरकाम@9575248234.

Posted on: Jun 03, 2018. Tags: OMKAR MARKAM SONG VICTIMS REGISTER

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