स्वास्थ्य स्वर : मुंह के छाले का घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी आज हमें मुंह के छाले का एक घरेलू उपचार बता रहे हैं, छोटी हरण जिसे बाल हरण भी कहा जाता है, 250 ग्राम लें और 50 ग्राम घी में भून लें, सौंफ 250 ग्राम लेकर साफ कर लें, सेंधा नमक 50 ग्राम लें, सभी को मिलाकर चूर्ण बनाकर सुरक्षित रख लें और एक-एक चम्मच चूर्ण भोजन के बाद गर्म पानी से दिन मे दो बार सेवन करें, इससे लाभ हो सकता हैं, मिर्च, मसाला, तेल खटाई का प्रयोग कम करें, नशा ना करें, हल्का भोजन करें, मैदा, शक्कर और नमक का प्रयोग कम करें, छाले में शहद और हरण के चूर्ण को मिलाकर लगाकर सोएं पानी ज्यादा पीए, मठा का भी प्रयोग कर सकते हैं :
एच डी गांधी@7879751110.
Posted on: Sep 11, 2018. Tags: CG HD GANDHI RAIPUR SONG SWARA SWASTHYA VICTIMS REGISTER
खाले मूढा ऊपर मूढा, कारीबंद नागर मुढ़ा...छत्तीसगढ़ी किसानी गीत
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक छत्तीसगढ़ी किसानी गीत सुना रहे हैं:
खाले मूढा ऊपर मूढा, कारीबंद नागर मुढ़ा-
धान होत रहिस कूढा-कूढा, जम्मो ला ले गई बोरी जिंदल बुढा-
सरदार दीपा, जमनी खार, तेलाई खार, साव मूडा-
बराही खार छोटे सेमरिया, बड़े सेमरिया कुदरी-
बेल पथरा जभा नार, जम्मो होगिस नार खार-
बूचा जरिया कदम मुड़ा, नारी खार केरा मुड़ा-
टीपा खार किसिम किसिम के धान होत रहिस...
Posted on: Sep 11, 2018. Tags: CG CHHATTISGARHI FARMER KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
अरपा पयरि के धाम महानदी है अपार...छत्तीसगढ़ी गीत-
जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से सपना एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रही हैं :
अरपा पयरि के धाम, महानदी है अपार-
इंद्रावती हा पखारे तोर पईयां, महूं पांव परो तोर भुईयां-
जय हो, जय हो छत्तीसगढ़ मईयां-
सोहे बिंदिया सही, घाटे डोंगरी पहार-
चंदा सुरुज बने तोर नयना-
सोनहा धान के अंग लुगरा हरियर है रंग-
तोर बोली हवै सुघर मैना, अचरा तोर डोलावै पुरवाईया...
Posted on: Sep 11, 2018. Tags: CG CHHATISGARHI RAIGARH SAPNA SONG VICTIMS REGISTER
मेरे लगाए गये पेड़ का फल मेरे आने वाले पीढ़ी के लोग और पशु-पक्षी खायेंगे...कहानी
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) कन्हैयालाल पडियारी एक कहानी सुना रहे हैं;
एक राजा उसका नाम मानसिंह था वह बडा ही ज्ञानवान धर्मात्मा था, वह प्रतिदिन सभा से लौटने के बाद किसान के वेश में हाथ में कुदाल, फलदार पौधा और पानी के बाल्टी लेकर रोज सड़क के किनारे उन पौधों को लगाता और पौधे में पानी डालने के लिए जड़ के पास मेड भी बनाता था, एक दिन उनके यहाँ एक विदेशी आया, उसे वहां के राजा से मिलना था, पर वह दूसरे दिन मिलना है सोचकर किसी भोजनालय गृह में रुक गया वह शाम के समय अच्छे कपड़े पहन कर घूमने निकल गया, वह उस राजा के पास पहुंचा और बोला बाबा इस उमर में पौधा क्यों लगा रहे हैं, क्या इनका फल आप खा पाएंगे तो उसने जवाब दिया कि अब तक मै दूसरों के द्वारा लगाये गये पौधों के फल को खाते आ रहा हूँ, मेरे लगाए गये पेड़ का फल मेरे आने वाले पीढ़ी के लोग और पशु-पक्षी खायेंगे, विदेशी मन ही मन सोचता हुआ वापस आ गया, दूसरे दिन वह राज दरबार में गया और वह राजा को देखकर आश्चर्य हो गया और बोला मै आपको कही देखा हूँ, राजा ने कहा हाँ देखे होंगे, वह वहां इतना बोलकर चला गया और बाद में बिदेशी को पता चला कि राजा ही थे जो पौधे लगा रहे थे तब वह भी अपने देश में जाकर पौधा लगाने लगा...
Posted on: Sep 10, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER
ए भगत सिंह तू जिन्दा है, हर एक लहू के कतरे में...आन्दोलन गीत-
रायपुर (छत्तीसगढ़) में सामाजिक कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज के रिहाई के समर्थन में अलग-अलग प्रदेश से भिन्न-भिन्न जनसंगठनो के लोग एकजुट होकर धरना प्रदर्शन के दौरान एक गीत सुना रहे हैं :
ए भगत सिंह तू जिन्दा है, हर एक लहू के कतरे में-
हर एक लहू के कतरे में, हर इंकलाब के नारों में-
तू ने तो तब ही बोला था, ये आजादी नहीं धोखा है-
ये पूरी मुक्ति नहीं है यारों ये गोरों के संग सौदा है-
इस झूठे जश्न के रौनक में, फ़से हुए किसानों में, रोये हुए जवानो में...
