जागो हो आज आपन आदिवासी...जागरूकता गीत

ग्राम-भादल, जिला-बड़वानी, मध्यप्रदेश से राजू सोलंकी अपने स्थानीय भाषा में एक जागरूकता गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
जागो हो आज आपन आदिवासी-
आपना गांव में अपना अधिकार-
मांगो हो आज अपना अधिकार-
जल-जंगल मा अपना अधिकार-
मांगो हो आज अपना अधिकार-
स्कूल में शिक्षा पर अपना अधिकार-
पढ़ो हो आज अपनी पढ़ाई पूरी-
जागो हो आज आपन आदिवासी-
ग्रामसभा के जगह पर अपना अधिकार-
मांगो हो आज अपना अधिकार-
जागो हो आज आपन आदिवासी...

Posted on: Jun 07, 2018. Tags: RAJU SOLANKI SONG VICTIMS REGISTER

हैलो मुख्यमंत्री महोदय ! ये आपके शासन की पुकार है...कविता

ग्राम-बन्देली, तहसील-केवलारी, जिला-सिवनी, मध्यप्रदेश से राजेन्द्र सिंह सलाम भ्रष्टाचार के सन्दर्भ में एक कविता प्रस्तुत कर रहे हैं:
हैलो मुख्यमंत्री महोदय ! ये आपके शासन की पुकार है-
कोर्ट-कचहरी दफ्तर पर पैसों की भरमार है-
अगर जेब में नहीं हैं पैसे तो बाबू की कलम बीमार है-
हाल जानिए मुख्यमंत्री महोदय, आपके इस देश का-
चूहों के पेट में है अनाज देश का...

Posted on: Jun 07, 2018. Tags: RAJENDRA SINGH SALAM SONG VICTIMS REGISTER

अन मन भरल बा दौलत सुमरबिन...बघेली लोकगीत

ग्राम-उमरी, पोस्ट-उमरी, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से राघवजीत एक बघेली लोकगीत सुना रहे है:
अन मन भरल बा दौलत सुमरबिन
हरी के भजन बिना जिन्दगी बेकार वा-
गला बिना गल के बिजरी बिना तल के-
देवर बहुजाईल बिना बिलकुल बेकार है-
हरी के भजन बिना जिन्दगी बेकार वा...

Posted on: Jun 07, 2018. Tags: RAGHAVJEET REWA SONG VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर : पुराने ज़माने में जब धान कोदो पैदा नहीं होता था लोग महुआ आदि ही खाते थे...

ग्राम-पेंडारी, ब्लाक-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से ब्रेजलाल कुशवाह बता रहे है कि उनका गाँव जंगल के किनारे बसा हुआ है वहां से उनको जलाऊ लकड़ी मिलता है, आंवला, तेंदू, छार, बेलवा भी मिलती है पर्याप्त मात्रा में साल की लकड़ी मिलती है और उसके अलावा महुआ भी मिलता है उसका उपयोग दारु बनाने और उसको पीसकर लाटा बनाकर भी खाया जाता है और ढेकी से कूटकर लड्डू बनाकर सुखाया जाता है और फिर खाया जाता है| पुराने ज़माने जब धान कोदो पैदा नहीं होता था उस समय लोग महुआ खाकर जीवित रहते थे| महुआ का उपयोग आज भी किया जाता है. बाबूलाल नेटी@9669083404.

Posted on: Jun 07, 2018. Tags: BRIJLAL KUSHWAH SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

कैसे के आई तोहरे धमवा मईया बड़ी कटनी डगरिया...भजन गीत -

ग्राम-कोटाराही, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) लक्ष्मीनारयण कुशवाहा एक भजन गीत सुना रहे हैं:
कैसे के आई तोहरे धमवा मईया बड़ी कटनी डगरिया-
सन-सन के तरलू या सन-सन के तरलू-
अरे हमरा से तू फीर नजरियाँ मईया बड़ी कटनी डगरिया-
पूजा नहीं जानि हम भक्ती नहीं जनी अरे-
भक्तो पर फिर तू नजरियाँ ये मईया बड़ी कटनी-
हमरें जिन्दगियाँ में आके दर्स की अरे दर्शन के पूरा कर...

Posted on: Jun 07, 2018. Tags: LAXMINARAYAN KUSHWAHA SONG VICTIMS REGISTER

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