स्वास्थ्य स्वर: आँख की समस्याओं का घरेलू उपचार
ग्राम-घोंघा, थाना-बोड्ला, तहसील-बोड्ला, जिला कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से वैद्य भगत राम लांझी आज हम सभी को आँख की सामान्य समस्याओं का घरेलू उपचार बता रहे हैं:
आँख में खुजली होना, आँख जलन करना, आँखों से आंसू आता है तो उसके लिए धनिया, बड़ा वाला(देशी धनिया) खड़े धनिया को मिटटी के बर्तन में कम से कम 10-20 मिनट तक उबाल लें और 3 बार से छान ले उसी पानी से आँख को दिन में 2 बार छीटा मारकर धोना हैं इससे आँख में खुजली होना, आँख जलन करना, आँखों से आंसू आना ठीक हो जाता हैं | सम्पर्क नम्बर @7389964276
Posted on: Sep 06, 2018. Tags: BHAGATRAM LANJHI BODLA CG HEALTH KABIRDHAM SONG SWASTHYA SWARA VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर: बेल के पत्ते से मधुमेह (शुगर) का घरेलू उपचार...
जिला-टीकमगढ़, (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय आज हमें लगभग आजकल हर घर में पाए जाने वाले मधुमेह या शुगर की बीमारी के एक घरेलू उपचार के बारे में बता रहे हैं, वे कह रहे हैं कि मधुमेह होने पर बेल के 5-7 पत्तों को चबाकर नियमित खायें और ऊपर से पानी पीने पर शुगर या डायबिटीज़ की बीमारी कम हो सकती है, इसके अतिरिक्त बेल गूदा (अंदर वाला भाग) और तिल को दोनों बराबर मात्रा में दही में मिलाकर कल्क (चटनी) बनाकर सेवन करने से आराम मिलता है| पसीना आने के बाद शरीर से बदबू आने पर उसके पत्तियों के रस को पूरे शरीर में लगाने से आराम मिलता है| यह प्रयोग सभी घर में आसानी से कर सकते हैं: वैद्य: राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.
Posted on: Sep 05, 2018. Tags: MP RAGHVENDRA SINGH RAI SONG SWASTHYA SWARA TIKAMGARH VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : जंगल से हमें बांस, करील, तेंदू, चार, महुआ, हर्रा और शाक सब्जी भाजी मिलता है...
ग्राम-भुरभुसी, पंचायत-तेकामेठा, तहसील-पखांजूर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से सत्तूराम यादव उनके गाँव के जंगल से क्या-क्या फायदे होते है उसके बारे में बता रहे है जैसे बांस, करील, तेंदू, चार, महुआ, हर्रा, टोरी और बेहडा इन चीजो का फायदा उन लोगो को जंगल से मिलता है और उसके साथ शाक सब्जी भाजी भी मिलता है जैसे- चिरोटा, खिलयारी भाजी, कोयलारी भाजी और चुनचुनिया भाजी भी मिलता है और यह बाजार वाला भाजी से जंगल वाला भाजी खाने में अच्छा लगता है और उससे समय और पैसा दोनों बचते है| जंगल से हमे शुद्ध हवा भी मिलता है उससे हमारा स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है|जंगल है तो बारिश होता है जंगल ख़तम हो जाएगा तो कुछ नहीं बचेगा...
Posted on: Sep 05, 2018. Tags: CG KANKER PAKHANJUR SATTURAM YADAV SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
किसान स्वर: जैविक खेती से स्वास्थ्य अच्छा रहता है पर हम सब रासायनिक खाद उपयोग करते हैं...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज ग्राम-भुरभुसी, पंचायत-जबेली, पोस्ट-तेकामेटा, तहसील-पखांजूर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) पहुँची है वहां से अमर मरावी को गाँव के किसान रैनू राम कोला बता रहे हैं कि उनके गाँव (क्षेत्र) में सबसे अधिक धान की खेती करते हैं इस खेती की शुरुआत जुलाई महीने से होती है, इसमें वे समय-समय पर कम्पोस्ट खाद, डी.ए.पी. यूरिया, पोटाश आदि देते हैं| कीटनाशक 2-4-D का छिडकाव भी करते हैं, जिससे किसी भी तरह का कीट नही लगते हैं, यद्यपि इस क्षेत्र में अधिकतर किसान अभी रासायनिक खाद का उपयोग करते है पर वे कह रहे हैं कि जैविक खाद में अधिक पोषक तत्व होने के कारण इसे खाने में भी स्वाद और शरीर स्वास्थ्य को वह भोजन अधिक ताकत प्रदान करता है...
Posted on: Sep 04, 2018. Tags: AGRICULTURE CG KANKER KISAN SWARA PAKHANJUR RAINURAM KOLA SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : यहां महिला-पुरुष एक साथ मिलकर खेती का सब काम करते हैं, हल भी चलाते हैं...
ग्राम-मेकावाही, पंचायत-शंकरनगर, प्रखंड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से अमर मरावी के साथ में आज गाँव की महिलाएं शांति, रमीता, प्रियंका और तुलसी बोगा हैं जो बता रहे हैं कि इस क्षेत्र में पुरुषों के साथ महिलाएं भी नागर फांदते हैं या हल चलाने का काम करती हैं, वे रोपा के समय में चिक्खल (जमीन रोपा लगाने योग्य जमीन बनाने) का काम भी करती हैं, सभी रोपा गाड़ने का काम भी करते हैं. घर में पुरुष होने के बाद भी महिलाएं जुताई करती हैं, वे प्रातः काल उठकर सभी तरह के काम झाड़ू लगाना, पानी भरना, खाना बनाना, उसके बाद हल चलाने और रोपा लगाने अपने-अपने खेतों में जाते हैं, ये सब, सभी महिला-पुरुष मिल जुलकर काम करते हैं |
