बाहन किती निवा चमत्कार महोर भीमू रे...गोंडी गीत
ग्राम-पिट्टेगुमरा, इन्द्रवेली, जिला-आदिलाबाद (तेलंगाना) से वेट्टी गणेश एक गोंडी गीत सुना रहे है:
बाहन किती निवा चमत्कार महोर भीमू रे-
निवा बिगर सिल्ले माता दारी कुमरम भीमू रे-
लिंगो राजा न वैसात रोपो चम्बल बाई न कोड़ोत रोपो-
हीरा मोती न जन्म निवा आता रो-
निवा बिगर सिल्ले माता दारी कुमरम भीमू रे-
भूमि लासी लड़ाई निम्मा किती-
नईजम सरकार तुन दूड धाड़ किती-
बोरय गरीबन सर्री खुल्ला किती रो-
निवा बिगर सिल्ले माता दारी कुमरम भीमू रे...
Posted on: Aug 01, 2018. Tags: ADILABAD GANESH WETTI GONDI SONG
हमारे गोंडी आदिवासी गाँव समाज में गोंडी धर्म रीति रिवाज से शादी होती है (गोंडी भाषा में)
ग्राम-गोविंदपुर, तालुका-राजोरा, जिला-चंद्रपुर (महाराष्ट्र) से श्यामराव उइके उनके गाँव की कहानी बता रहे है कि वे एक छोटे से गाँव के रहने वाले है और उनकी भाषा गोंडी है उनके गाँव के सभी लोग गोंडी बोलते है| उनके गाँव में पहले पूरा जंगल था| उनके गाँव में गोंडी धर्म रीति रिवाज से शादी होती है| उनके गाँव में गोंडी धर्म से देवी देवताओ की पूजा करते है| उन लोगो ने सोचा इतनी बड़ी गोंडी संस्कृति है उसके लिए उन्होंने एक कैसट निकाला उसका नाम है बाईन सुडा वातोड़, इसका अर्थ- चार बहने रहती है उसमे से बड़ी बहन की शादी करना चाहते है और बड़ी बहन को देखने के लिए लड़के वाले आते है| लोगो को देखकर छोटी बहन बहुत खुश होती है और आजू बाजू के घरो में जाकर बोलती है मेरी बहन को देखने के लिए लोग आये है और उसी से सम्बंधित एक गीत गाती है:वातेर वातेर हो बाईन सुडा वातेर हो-
श्यामराव उइके@9763811357.
Posted on: Aug 01, 2018. Tags: GONDI SHAYAMRAO UIKYE
ऐ सिलोरा सलोरोय ऐरे लोयो रे रेलो रेलो सिलोय रे सलोरे...गोंडी शादी गीत
ग्राम-चह्चड, पंचायत-मेड़ो, तहसील-दुर्गुकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से राको बाई, वीरो बाई, रीता बाई गोंडी भाषा में एक शादी गीत सुना रहे हैं :
ऐ सिलोरा सलोरोय ऐरे लोयो रे रेलो रेलो सिलोय रे सलोरे-
रे रे लोयो रेलो रेला सिलो रे सलोय-
सिलोरा सलोरोय हिंडो रजो राज हेलो सिलोर सलो-
डिंडो रजो राज हेलो सिलोर सलो-
सिलोरा सलोरोय हिंडो रजो राज हेलो सिलोर सलोर...
Posted on: Aug 01, 2018. Tags: GONDI KANKER SONG
हम सब सुमन एक उपवन के, एक हमारी धरती सब की...दोहा
ग्राम-केरकेटा, पोस्ट-जोगा, थाना-उटारी रोड, जिला-पलामू (मध्यप्रदेश) से अखलेश कुसवाहा एक दोहा सुना रहे है:
हम सब सुमन एक उपवन के, एक हमारी धरती सब की-
जिसकी मिटटी में जन्मे हम, मिली हम एक ही धूप हमें है-
जिनके गये अब जल से हम पले हुये है झूम-झूमकर-
पन्नो में हम एक पवन के, हम सुमन एक उपवन के-
हम सुमन एक उपवन के, रंग रंग के रूप हमारे-
हम सब सुमन एक उपवन के, एक हमारी धरती सब की...
Posted on: Jul 31, 2018. Tags: AKHLESH KUSHWAHA POEM SONG VICTIMS REGISTER
श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुल सुधार...आरती गीत-
ग्राम-नवगोई, थाना-चांदनी बिहारपुर, तहसील-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से बृजभान जायसवाल एक आरती गीत सुना रहे हैं :
श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुल सुधार-
बरनऊ रघुवर विमल जस, जो दायक फल चार-
बुद्धहीन तनु जान के सुमिरौ पवन कुमार-
बल बुद्धि विद्या देहि मोहि हरहूँ कलेस विकार-
भक्त-भक्त भगवंत गुरु, चारू नाम वपुरी-
जिनकर पद बंधन करए, आश ही देतै नीत...

