मैं अमर शहीदों का चारण...कविता-
ग्राम-पोलमी, जनपद-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से चतुरराम साहू एक कविता सुना रहे हैं :
मैं अमर शहीदों का चारण, उनके गुण गाया करता हूँ-
जो कर्ज राष्ट्र ने खाया है, मैं उसे चुकाया करता हूँ-
यह सच है, याद शहीदों की हम लोगों ने दफनाई है-
यह सच है, उनकी लाशों पर चलकर आज़ादी आई है-
यह सच है, हिन्दुस्तान आज जिन्दा उनकी कुर्वानी से-
यह सच अपना मस्तक ऊँचा उनकी बलिदान कहानी से...
Posted on: Jul 25, 2019. Tags: CG CHATURRAM SAHU KABIRDHAM POEM SONG VICTIMS REGISTER
आजा न रे मैना मोर...छत्तीसगढ़ी गीत-
जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से महर सिंह यादव एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
आजा न रे मैना मोर, ये दीवाना बुलावथे तोर-
तोला देखे बर ओ, तोला पाये बर न-
केतका तरसों रोज-
आजा न रे मैना मोर, ये दीवाना बुलावथे तोर...
Posted on: Jul 25, 2019. Tags: CG KABIRDHAM MAHAR SINGH YADAV SONG VICTIMS REGISTER
आदिवासी महिलाओं गीत तेलंगाना से है|
गॉंव इप्पलागुम्पू ग्राम पंचायत बोतिगूडेम तहसील पिनपाका जिला भद्रादी कोत्तागूडेम राज्य तेलंगाना में है|पोडियम नरेन्द्र जी आदिवासी महिलाओं से गोंडी भाषा में गीत सुना रहे है|
रे रेला रेला रेला रेला ....रे रेला रेला रेला रेला....
रे रेला रेला रेला रेला ...रे रेला रेला रेला रेला ...
रेला रेला रेला रेला ....रेला रेला रेला रेला ...
रे रेला रेला रेला रेला ...रे रेला रेला रेला रेला ....
रे रेलायो रेला रेला ..रे रेलायो रेला रेला .......|
Posted on: Jul 25, 2019. Tags: NARENDRA PODIYAM
आदिवासी महिलाओं गोंडी भाषा में गीत सुना रही है|
गॉंव इप्पलागुम्पू ग्राम पंचायत बोतिगूडेम तहसील पिनापाका जिला भद्रादी कोत्तागूडेम राज्य तेलंगाना में है|नारायणा जी आदिवासी महिलाओं से गोंडी भाषा में गीत सुना रहे है|
नानो वै नानो......
वावो अल्ले अल्ले केल्ला नानो वै नानो .....
जुम जुम मुसुड वाया मिन्दे नानो वै नानो .....
एददु तरुसु मिन्दे नानो वै नानो....
अल्ले अल्ले केल्ला नानो वै नानो ...
लाली जुम जुम मुसुड वाया मिन्दे नानो वै नानो ...
नानो इद्दु बाता बत्काड नानो वै नानो ....|
Posted on: Jul 25, 2019. Tags: NARAYANA i
उन्हें हम क्या दे पाये...गीत
ग्राम-बटाई, पोस्ट-रेवटी, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल एक देश भक्ति गीत सुना रहे हैं :
माँ की हांथ की रोटी छीनी, जेल की रोटी खाई-
उन्हें हम क्या दे पाये-
उन्होंने लिखकर देदी अपनी जान, देश के लिये हुए कुर्बान-
माँ की हांथ की रोटी छीनी, जेल की रोटी खाई-
उन्हें हम क्या दे पाये-
उन्होंने लिखकर देदी अपनी जान, देश के लिये हुए कुर्बान...
