Adivasi Bultoo (Bluetooth) Radio in Gondi and Hindi languages : 28July 2019
Today Sanjit Kumar presenting Bultoo Radio Program in Gondi and Hindi language, In this latest edition of Bultoo radio discussing issues from Telangana and Chhattisgarh. Villagers use their mobile phones to record these songs and reports. They call 08050068000 to record. Now, this program can be downloaded by people from their Gram Panchayat office if it has Broadband or from a download center nearby. They can also get it from someone nearby with smartphone and internet and then via Bluetooth.
Posted on: Jul 29, 2019. Tags: BULTOO RADIO SANJIT KUMAR
स्वास्थ्य स्वर : गठिया वात बीमारी का घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी गठिया वात बीमारी का घरेलू उपचार बता रहे हैं| मेथी 250 ग्राम, सोंठ 250 ग्राम, बादाम 250, हल्दी 1 चम्मच ग्राम, गुड 250 ग्राम लें| गुड़ को छोड़कर सभी को पीस का चूर्ण बना लें| उसके बाद गुड़ में मिलाकर छोटे लड्डू बना लें| एक-एक लड्डू दिन में दो बार गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से लाभ होता है| ठण्ड से बचे| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : एच डी गांधी@9111061399.
Posted on: Jul 28, 2019. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
मोर गाँव के गली मा हवय पीपर छांव...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-पोलमी, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से महर सिंह यादव एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
मोर गाँव के गली मा हवय पीपर छांव-
मोर मयारू रे, मोर पिरोहिन रे-
तै पूछत आबे रानी मोर नाव-
मोर गाँव के गली मा हवय पीपर के छांव-
मोर मयारू रे, मोर पिरोहिन रे...
Posted on: Jul 28, 2019. Tags: CG KABIRDHAM MAHAR SINGH YADAV SONG VICTIMS REGISTER
मेरे मन में बसे है राम...वंदना गीत-
आदर्ष कला केंद्र, मुस्थपागंग बाजार, मुजफ्फरपुर (बिहार) से राकेश कुमार एक वंदना सुना रहे हैं :
छाती चीर के हनुमान ने बता दिए श्री राम-
मेरे मन में बसे हैं राम, मेरे तन में बसे हैं राम – सिया राम मेरे राम – जिस वस्तु में राम नहीं, वह वस्तु न आये काम – राम नाम तुम रंक्त समन्दर पार गये हनुमान...
Posted on: Jul 28, 2019. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR RAKESH KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
सुवा मैना कैसन अपने बोली बोलथे...बाल कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक बाल कविता सुना रहे हैं :
सुवा मैना कैसन अपने बोली बोलथे-
उलवा-उलवा डार पान देखो कैसन डोलथे-
महुवा और आमा हर महुआ कुची आवथे-
सेमर हर फुलथे, अउ परसा लालिआवथे-
सरसों मा पियर-पियर फूल घलो आवत हे-
बसंत के जादू भुईया भुइया मनला ललचावथे...
