पारम्परिक वैद्य सम्मलेन का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर पाए जाने वाले वन औषधियों का उपयोग बढ़ाना
डोंगरगढ़ (छत्तीसगढ़) से दो दिवसीय राज्य स्तरीय परम्परागत वैद्य सम्मलेन में शामिल हुए वैद्य निर्मल कुमार अवस्थी बता रहे हैं कि आज दो दिवसीय राज्य स्तरीय पारम्परिक वैद्य सम्मलेन का यह दूसरा और आखरी दिन है, वहां पर लगभग 13 जिलो से वैद्य उपस्थित हुए हैं, सम्मलेन का मुख्य उद्देश्य प्राचीन चिकित्सा पद्धति का लोक व्यापीकरण करना है, लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और स्थानीय स्तर पर पाए जाने वाले वन औषधियों का उपयोग करें, यह सम्मलेन छतीसगढ़ राज्य पादप बोर्ड और राज्य सरकार के सहयोग से कराया गया, जिसमे अध्यक्ष रामप्रताप सिंह और उपाध्यक्ष एच.बी.शर्मा, क्षेत्रीय विधायक और कई अधिकारी शामिल हुए | एच डी गांधी@9111061399
Posted on: Aug 05, 2018. Tags: DONGARGARH CHHATTISGARH HD GANDHI NIRAMAL KUMAR AWASTHI SONG VICTIMS REGISTER
रोवत रहे दुवे हो नयना ढारे, रामगढे राम चन्दर सीता माई ला हरे...गीत-
ग्राम-कोटया, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक गीत सुना रहे हैं :
रोवत रहे दुवे हो नयना ढारे-
रामगढे राम चन्दर सीता माई ला हरे-
रोवत रहे दुवे हो नयना ढारे-
अंगना बहारे बढ़नी टूटी जाये-
ससुराली जाये नईहर छूटी जाये-
जय रघुनंदन पवन पिरीते, तुम्हार हमर जिन्दगी बहुत दिन बीते...
Posted on: Aug 05, 2018. Tags: HINDI MEWALAL DEWANGAN SONG VICTIMS REGISTER
परम पिता से प्यार नही रहे तो फिर व्यवहार नही...गीत-
ग्राम-रिमारी, जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से लालजी वैश्य एक संजीवनी गीत सुना रहे है :
परम पिता से प्यार नही रहे तो फिर व्यवहार नही-
इसीलिए तो आज देख लो कोई सुखी परिवार नही-
आम फूल-फल मेवा हमको समय-समय पर देता है-
लेकिन है इतना उधार बदले में कुछ नही लेता है-
देने में इंकार नही देत भाव तकरार नही-
ऐसे दानी का तू बंदे माने क्यों उपकार नही-
मानव के चोले में जाने कितने अंत लगाए हैं...
Posted on: Aug 05, 2018. Tags: HINDI SONG LALJI WAISHY SONG VICTIMS REGISTER
एक दल रेंगे हांथी और घोड़ा एक दल रेंगे ऊंट...शादी गीत-
ग्राम-तरहुल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से ज्योति कुरटिया एक शादी गीत सुना रही हैं:
एक दल रेंगे हांथी और घोड़ा, एक दल रेंगे ऊंट गा भईया एक दल रेंगे ऊंट-
घोड़वा मा नाचे गणेश कुमारी, चमके चारो खूंट गा भईया चमके चारों खूंट-
चाँदी, चाँदी के खंभा गड़े हे, सोना के लगे केंवार गा भईया-
हीरा-मोती के झूला गड़े है, झूले यशोदा के लाल गा भईया-
झूले यशोदा के लाल...
Posted on: Aug 05, 2018. Tags: CULTURE SONG JYOTI KURATIYA KANKER SONG VICTIMS REGISTER
लिखी लिखी पतिया, पाठावे परदेशवा...विरह गीत-
ग्राम-कोट्या, विकासखंड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर, (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक विरह गीत सुना रहे है:
लिखी लिखी पातिया, लिखी लिखी पातिया-
लिखी लिखी पतिया, पाठावे परदेशवा-
अब घर आजा हो सजनवा-
महुहा कुचाई गईली आमा बौउराई गईली-
लिखी लिखी पतिया, पाठावे परदेशवा...
