ये भगवान तुझे प्रणाम तुझे प्रणाम...गीत -
ग्राम-कोटेला, ब्लाक-चारामा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से दिव्या भारती एक गीत सुना रही है:
ये भगवान तुझे प्रणाम तुझे प्रणाम-
सबको करते है नमस्ते-
हँसते-हँसते सबको-
फूलो से हम हसना सीखे-
सबको करते टाये-टाये...
Posted on: Jan 19, 2018. Tags: DIVYA BHARTI SONG VICTIMS REGISTER
आंगनवाडी दूर है, जाना जरुर है...आंगनवाडी कविता -
ग्राम-तेलंमा, ब्लाक-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से मोना पटेल, दामिनी पटेल एक कविता सुना रहे है:
आंगनवाडी दूर है जाना जरुर है-
मम्मी को टाटा पापा को बाय-बाय-
आंगनवाडी जाउंगी अच्छी बच्ची कहलाउंगी-
कुए में पानी मम्मी मेरी रानी-
पापा मेरे राजा फल खाए ताजा-
सोने की खिड़की चांदी का दरवाजा-
उसमे से निकला मेरा भैया राजा...
Posted on: Jan 18, 2018. Tags: MONA PATEL DAMINI PATEL SONG VICTIMS REGISTER
पापा मुझको वीर भगत या खुदीराम बना दो ना...रचना -
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार राजेश चौधरी की रचना सुना रहे है:
पापा मुझको वीर भगत या खुदीराम बना दो ना-
आजादी के लिए मरुंगा मैं-
मुझे शहीद बनादो ना-
कास मुझे भी फाँसी मिलतीं-
कालापानी मुझको मिलता-
कहलाता मैं वीर सेनानी-
यह हक मुझे दिलादो ना-
आंग्रेज़ो को मार भगाता-
गोरों पर आतंक मचाता-
सीना में बारूद छूपाये-
दुश्मनों का महल उड़ाता-
ऐसा सबक सिखादो ना-
धरती माँ के काम मैं आउ-
दुश्मन को मैं मार गिराऊं-
वह ब्रामस्त्र दिलादो ना – देश के खातिर मेरे सर को-
सीमा पर चढ़ा दो ना-
चंद्रशेखर आजाद हमारे-
पुण्यभूमि को प्राप्त हुये-
राजगुरू और बिश्मिलाखां-
हँसते हँसते प्राण दिए-
मैं भी चाहू उनसा बनना-
पापा मुझे बना दो ना...
Posted on: Jan 18, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
रेला रे रेला रे रे रेला रे रेला...गोंडी गीत -
ग्राम-कुडाल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से रमती दर्रो एक गोंडी गीत सुना रही है:
रेला रे रेला रे रे रेला राला रे रेला-
साय रे रे रेला साय रे रे रेला-
एन्देना गर्सेना नाटे गुटुक वायेना-
साय रे रे रेला साय रे रे रेला...
Posted on: Jan 18, 2018. Tags: RAMTI DARRO SONG VICTIMS REGISTER
घर-घर अलख जगायेंगे हम बदलेंगे जमाना...जागरूकता गीत -
जिला-बडवानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक जागरूकता गीत सुना रहे है:
घर-घर अलख जगायेंगे हम बदलेंगे जमाना-
बदलेंगे जमाना भाई बदलेंगे जमाना-
निश्चय हमारा द्रंडता अटल है-
काया की रग-रग में निष्ठा का बल है-
जाग्रति शंक बजायेंगे हम बदलेंगे जमाना-
घर-घर अलख जगायेंगे हम बदलेंगे जमाना...

