जारे केरे रातर तोतर मोटा भैया ला...बैगा आदिवासी गीत -
ग्राम-घाटकुपरिया, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से बैगा आदिवासी राम सिंह और प्रेम सिंह अपनी बैगानी भाषा में एक बैगा आदिवासी गीत सुना रहे है:
जारे केरे रातर तोतर मोटा भैया ला...
Posted on: Jan 26, 2018. Tags: RAMSINGH PREMSINGH SONG VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : मौसम के अनुसार आहार विहार से लाभ -
जिला-बडवानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार मौसम के अनुसार आहार-विहार के बारे में बता रहे हैं कि वर्षा ऋतु में स्वास्थ्य की रक्षा करने व् स्वस्थ बने रहने का मूल मंत्र है कि पेट में अपच और कब्जो की स्थिति न बनने दी जाए पर त्वचा साफ़ रखी जाए किसी ऋतु में जो मौसमी पदार्थ उपलब्ध होते है उनकी उचित विधि के अनुसार सेवन करना बहुत लाभकारी है भोज्य पदार्थ में दूध घी मक्खन मिश्री सहद के मेवे दूध चावल या उड़द, मूंगफली, चना, गुड, केसर या वितरी तेल गाजर,अन्दिर, अखरोट, आंवला, पका लाल टमाटर, सलज्म, चकुंदर, लहसुन व् चिल्का सहित चने के दाल हरी साग सब्जी अपने आहार में जरुर लेना चाहिए. सुरेश कुमार@7694046301.
Posted on: Jan 26, 2018. Tags: SONG SURESH KUMAR VICTIMS REGISTER
कचारगढ़ गोंडवाना मेले में आने वाले साथी अपना पहचान पत्र साथ लाएं, स्वच्छता बनाये रखे...
मंगला ताई उइके, अध्यक्ष महाराष्ट्र राज्य कचारगढ़, जिला-गोंदिया (महाराष्ट्र) से बोल रही है कि अगले हफ्ते के कचारगढ़ गोंडवाना मेले में आने वाले सभी साथियों को अनुरोध है किअपना पहचान पत्र साथ में रखे और अपने बच्चो और अपने सामान की स्वयं सुरक्षा करें | कचारगढ़ में गन्दगी न हो उसके लिए सहयोग करें| कोया पुनेम महोत्सव में भारी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज करें| गाड़ियाँ गोंदिया से कचारगढ़ कालाचौका के लिए उपलब्ध है और आप लोग गोंदिया से धनेगाँव भी जा सकते है और धनेगाँव से ही कचारगढ़ शुरू होता है| अगर कोई दिक्कत हो तो कृपया मुझसे संपर्क नंबर मंगला ताई उइके, आयोजन समिति की और से@8888350738.
Posted on: Jan 26, 2018. Tags: MANGLA TAI UIKEY SONG VICTIMS REGISTER
री री लोयो रे रेला रे रेला...गोंडी गीत -
ग्राम-रिचुआ, पोस्ट-कुरुटोला, ब्लाक-चारामा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से अमिता बाई दर्रो एक गीत सुना रही है:
री री लोयो रे रेला रे रेला-
देत माला सगुनगा सदा श्रीस्टंम-
गुदुम बूटा चरोटा नकटी बन्दोरा-
कपस कुटी धनोरा अलग मडुआ-
अगरा की डगरा कोड्मी डगरा-
कनोजि के सागला नाक में लागला...
Posted on: Jan 26, 2018. Tags: AMITA BAI DARRO SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर: जंगल से मिलने वाले महुआ, बेलवा, हर्रा, लाख बहुत सस्ते दामो में बेच देते है...
रामेश्वर कुमरा (सरपंच) ग्राम-अमोड़ी, ब्लाक-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से बता रहे है कि उनके गाँव के आसपास जंगल है उनसे उनको महुआ, तेंदू, लाख, कोशुम, सरई, बेलवा, हर्रा आदि मिलते है और लाख को साल में दो बार तोडा जाता है जून और दिसंबर माह में और उनको दुर्गकोंदल बाजार में ले जाकर बेच देते है, लाख को 200 रूपये किलो और महुआ को 15-20 रूपये किलो बेचते है और बेलवा और तेंदू बिक्री भी करते है और वे लोग लाख का बीज नहीं लाते है पेड़ से ही उत्पन होता है| महुआ, तेंदू, लाख, सरई, बेलवा, हर्रा को दुर्गकोंदल बाजार में सस्ते दामो में बेच देते है और अधिक जानकारी के लिए संपर्क@9294651617.


