ये धरती चांद सितारे, ये नदिया पवन घटा रे...छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम पंचायत, पोस्ट-आलोर, थाना, तहसील-परसगांव, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से लालजी कोर्राम एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
ये धरती चांद सितारे, ये नदिया पवन घटा रे-
ये सारी दुनिया जहां रे, बस माया रहेगा यहां रे-
पिंजरा ले बोले मैना सुन ले न मोरो कहना-
जिनगी के नईये रे ठिकाना, कहां ले आना कहां ले जाना-
मानुष के तन ला पा के तै झन इतराबे-
आये हस ये दुनिया मा तै तहूं एक दिन जाबे...
Posted on: Jun 08, 2018. Tags: LALJI KORRAM SONG VICTIMS REGISTER
रे रे लोयो रे रेला रे रे लोयो रे रे लो...गोंडी गीत
ग्राम-मंडागाँव, तहसील-परसगाँव, जिला-कोंडागाँव (छत्तीसगढ़) से देवलाल पोटाई, सोमाराम कडियाम एक गोंडी गीत सुना रहे है:
रे रे लोयो रे रेला रे रे लोयो रे रे लो-
राजा रो धरती रा नावा पांडो पेरते रो याले-
होय बोरा जरोंदा ते नावा पांडो पेरते-
रे रे लोयो रे रेला रे रे लोयो रे रे लो...
Posted on: Jun 08, 2018. Tags: DEVLAL POTAI SOMARAM KADIYAM SONG VICTIMS REGISTER
हैण्डपंप न होने से हम गांव के लगभग 200 लोग कुएं का गंदा पानी पीते हैं, कृपया मदद करे...
ग्राम-रूपपुर, ब्लाक-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से चंद्रमणी यादव बता रहे हैं, उनकें गांव के वार्ड क्रमांक 9 में पानी की समस्या है,जिसके लिए लोक सुराज अभियान के तहत हैण्डपंप के लिए आवेदन किये थे, लेकिन अभी तक कुछ नही हुआ, गांव की लगभग 200 जनसंख्या है, पीने के पानी के लिए अर्धनिर्मित कुंए का उपयोग करते हैं, जिसका पानी गंदा हैं, अधिकारी आश्वासन देकर भूल जाते हैं, इसलिए वे सीजीनेट के सभी सांथियो से अपील कर रहे हैं कि दिए गए नंबरों पर अधिकारियों से बात कर हैण्डपंप लगवाने में मदद करे: कलेक्टर@9425253380, PHE@9826603461. चन्द्रमणी@8225833825.
Posted on: Jun 08, 2018. Tags: BABULAL NETI SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : पुराने ज़माने में जब धान कोदो पैदा नहीं होता था लोग महुआ आदि ही खाते थे...
ग्राम-पेंडारी, ब्लाक-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से ब्रेजलाल कुशवाह बता रहे है कि उनका गाँव जंगल के किनारे बसा हुआ है वहां से उनको जलाऊ लकड़ी मिलता है, आंवला, तेंदू, छार, बेलवा भी मिलती है पर्याप्त मात्रा में साल की लकड़ी मिलती है और उसके अलावा महुआ भी मिलता है उसका उपयोग दारु बनाने और उसको पीसकर लाटा बनाकर भी खाया जाता है और ढेकी से कूटकर लड्डू बनाकर सुखाया जाता है और फिर खाया जाता है| पुराने ज़माने जब धान कोदो पैदा नहीं होता था उस समय लोग महुआ खाकर जीवित रहते थे| महुआ का उपयोग आज भी किया जाता है. बाबूलाल नेटी@9669083404.
Posted on: Jun 07, 2018. Tags: BRIJLAL KUSHWAH SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
नदी चर भला लके मोरे जीवा जरत हे...डोमकच गीत
ग्राम-कोट्या, जिला-सरगुजा (छतीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक डोमकच गीत सुना रहे है:
नदी चर भला लके मोरे जीवा जरत हे-
काटले डहुरा लके मन कुमला लक-
मन कुमलालख सोना मन कुमला लके-
नदी कर बाला लखे मोरे जीवा जरत हे...

