मोदी सरकार किया विचार, लाया जोड़ जाड...गीत
चन्द्रसाय, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) तहसील-वाड्रफनगर, पोस्ट-काला बरसी, ग्राम-ओदारी नसवा पारा, से एक गीत सुना रहे है:
मोदी सरकार किया विचार, लाया जोड़ जाड-
काला धन लौटाया भ्रष्टाचार लौटाया-
पान सौ हजार बंद किया दो हजार लाया-
ओदारी बाजार लगे सम्मार बाजार-
चल गुहिया धर लेबे दो-दो के हजार-
लेने दो वो साया साड़ी और सलवार-
कहाबे लाइन देबो जिला मोतिहार-
मोदी सरकार किया विचार लाया जोड़ जाड...
Posted on: Feb 11, 2018. Tags: CHANDRASAAY BALRAMPUR SONG VICTIMS REGISTER
जगमग दीया जल उठे द्वार-द्वार चमकी दिवाली...गीत
विवेक कुमार अहिरवार, ग्राम सरईमाल, पोस्ट-चांदवानी, जिला-डिंडोरी (म.प्र.) से एक गीत सुना रहे है:
जगमग दीया जल उठे-
द्वार-द्वार चमकी दिवाली-
खीर बतासा बांट रहे है-
अम्मा सबको भर-भर थाली-
झूम-झूम के हँसते गाते-
दौड़-दौडकर दीप जलाते-
सबको फुलजड़ी खिलौने-
बच्चे बाजारों से लाते...
Posted on: Feb 11, 2018. Tags: SONG VICTIMS REGISTER VIVEK KUMAR AHIRWAR
मन करेला मन के मन्दिर बनाई हो...भोजपुरी शिव गीत
ग्राम-पलढा, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से राजराकेश यादव एक शिव रात्रि गीत सुना रहें हैं:
मन करेला मन के मन्दिर बनाई हो-
शिव के मूरत बसोले रहि-
तोहर भक्ति में जिंदगी बिताई हो-
में तू से लगुले रही कोनो दिना तोहरा बिन-
अपना भक्त करा जबान कहें-
नामा सुरत मिली न नजाकत मिली...
Posted on: Feb 11, 2018. Tags: RAJ RAKESH YADAV SONG VICTIMS REGISTER
हरे भरे खेतो में देखो, कैसा तनकर खड़ा बिज्जुका...कविता
ग्राम-करकेटा, पोस्ट-जोगा, थाना-उटारी रोड़, जिला-पलामू (झारखंड) से अखिलेश कुशवाह एक कविता सुना रहे हैं:
हरे भरे खेतो में देखो कैसा तनकर खड़ा बिज्जुका-
सिर पर काली वाली हाड़ी है चुने का टिक्का-
कुर्ता टीला फटा चिथडा तनिक ना इसे सलीका-
हांथ पांव लकड़ी के इसके पर मन का है कड़ा बिज्जुका-
देख बिज्जुकी मिल गाए भैस और साड़ भड़कते – पास ना फटे कोई पक्षी सूरत देख हडकते...
Posted on: Feb 11, 2018. Tags: AKHILESH KUSWAHA SONG VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : दोतो कांदा से जानवरों के घाव का उपचार
ग्राम-बिरोल, जिला-गरियाबंद (छत्तीसगढ़) से महादेव मरकाम जानवरों को जब घाव हो जाता है तब उनका इलाज कैसे किया जाता है उसके बारे में बता रहे है कि वे लोग जंगल में रहते है और जानवर के शरीर में घाव हो जाता है तो वे लोग अस्पताल नहीं ले जाते है बल्कि खुद से इलाज करते है उनके क्षेत्र में एक बेल होता है उसको पुन्गार कहते है और उनके क्षेत्र में उसको दोतो कांदा कहते है उसको जानवर को खिला देते है और पतला कटा हुआ को गला में रस्सी के साथ बाँध देते है और जो कीड़े मकोड़े होते है वो कट कटकर गिर जाते है और घाव सूख जाते है उससे जानवर को आराम मिल जाता है. भान साहू@8602007333.
