उपस्वास्थ्य केंद्र नही होने से हम 7 गाँव के लोग 6 किलोमीटर किसी भी इलाज के लिए पैदल जाते हैं...
ग्राम-ताड़वेली, प्रखंड-कोयलीबेड़ा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर, (छत्तीसगढ़) से मंगू राम, कुम्मा राम, तेका कवाची और नडगू उइके बता रहे हैं कि उनके क्षेत्र में लगभग 6-7 गाँव पड़ते हैं, जहां उप स्वास्थ्य केंद्र नही होने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लोग 5-6 किमी इलाज के लिए पैदल और साइकिल से जाते हैं, डाक्टर गाँव में नही आते, पहले लोग जंगली जड़ी -बूटी से इलाज करते थे पर जिसका असर धीरे से होता है, वर्तमान समय में लोग आधुनिक दवा का उपयोग करने लगे है, कभी कभी आधुनिक दवा न रहने पर जड़ी बूटी का उपयोग आज भी लोग करते है l इसकी शिकायत लिखित रूप में भी किया,पर बन जाएगा बोलकर आज तक टाल रहें हैं : कलेक्टर@9425263044. संपर्क नम्बर ग्रामीण@9479104296.
Posted on: Aug 31, 2018. Tags: AMAR MARAVI CG HEALTH HOSPITAL KANKER KOYALIBEDA PROBLEM SONG VICTIMS REGISTER
हम लोगों ने मनरेगा में 2015-16 में काम किया था उसका मजदूरी भुगतान आज तक नहीं मिला है...
ग्राम पंचायत-कटरा, पोस्ट-बेलझरिया, ब्लाक-मरवाही, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से चैनसिंह मरकाम और सुरेश बता रहे है कि मनरेगा के तहत समतलीकरण में 2015-16 में 4 दिन काम किये है रजिस्टर में 5 दिन का हाजरी लगाये है| 3 साल हो गया है लेकिन अभी तक मजदूरी भुगतान नहीं मिला है उसके लिए रोजगार सहायक को जानकारी दिया लेकिन आज तक नही मिला है इसलिए साथी सीजीनेट के साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि इन नम्बरों में बात कर उनका मजदूरी भुगतान दिलवाने में मदद करें: कलेक्टर@07752223644, सरपंच@7697507040, रोजगार सहायक@9575270648, डाकिया@8462000920, C.E.O.@7693915855. पतराज मरकाम@8959903256.
Posted on: Aug 31, 2018. Tags: BILASPUR CG CHHATTISGARH NREGA PATRAJ MARKAM PAYMENT SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर: पहले आदिवासी जंगल से सब्जी लाते थे, अब बाज़ार से लाते हैं और बीमार पड़ते हैं...
ग्राम-पाडेनगा, तहसील-पखांजूर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से नागेबाई गोंडी भाषा में बता रही हैं,पहले बस्तर के आदिवासी जंगलो से सब्जी ढूढ कर खाते थे|अभी के आदिवासी हर घर में सब्जी ख़त्म होने से सब्जी के लिए बाजारों में जा कर केमिकल सब्जी ख़रीद कर खा रहे हैं इसलिए अभी के लोगों को जल्दी बीमार पकड़ता हैं,और ज्यादा उम्र तक भी नहीं रह पाते. जंगलो में पाए जाने वाले सब्जिया: बांस की बस्ता,चरोटा बाजी,कोल्यारी बाजी, पहले के आदिवासी ये सब खा के अच्छे रहते थे, लेकिन अब सभी लोगों की खान पान में बदलाव आ गया है.बाजार से लाकर खाते है,पहले के लोग गोबर खाद बनाकर खेतो के लिए इस्तेमाल करते थे,और अभी दुकानों में पाए जाने वाले खाद का इस्तेमाल करते है-जिसके कारण लोग बीमार पड़ जाते है...
Posted on: Aug 31, 2018. Tags: CG FOREST GONDI KANKER PAKHANJUR RANO WADDE VANANCHAL SWARA
तिमा नामोर नानोरे नानो रे तिमा नामोर नानो रे...गोंडी हुलकी गीत -
ग्राम-आमगाव, तहसील-अंतागढ, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से मंगलदाई और गंगाबाई एक गोंडी हुलकी गीत सुना रहे हैं :
तिमा नामोर नानोरे नानो रे तिमा नामोर नानो रे – गायतन लोनी वेहट रा पेकोरिट – गायतन लोनी वेहट रा लेयोर-
पुनवा मिह्नेक आयो रा लेयोरिट – पुनवान पूछे मायतोरोम पेकोरिट – अदे गायतन लोनु रा लेयोरिट – तेद्का तेदोर इनता रा लेयोरिट...
Posted on: Aug 31, 2018. Tags: ANTAGARH BASTIRAM CG GONDI HULKI KANKER SONG
वनांचल स्वर : दाल मखाना के पौधे के औषधीय गुण...
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय दाल मखाना के औषधीय गुण के बारे में बता रहे हैं: दाल मखाना का पौधा अधिकतर तालाबों में मिलता है, इस पौधे की अधिकतम लम्बाई 2 फीट होती है इसकी पत्ती हल्की, लम्बी और चौड़ी होती है, जोड़ों में दर्द में इन पत्तियों को अच्छी तरह से पीसकर लेप करने से लाभ मिलता है, ताकत के लिए इसके बीजों के साथ कोंचबीज (फल) को शुद्ध करके चूर्ण बनाकर 3 ग्राम शक्कर या मिश्री के साथ मिला कर दूध के साथ सेवन करने से शक्ति मिलता है, कोंच के बीजो को गाय के दूध में गर्म करके शुद्ध किया जा सकता है, ये उपचार निशुल्क घर में बिना कोई पैसे दिए कर सकते हैं | संपर्क नम्बर@9424759941.

