जहाँ डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा, वो भारत देश है मेरा...देशभक्ति गीत

ग्राम-राजापुर, पोस्ट-लड़वारी, जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से मनोज कुशवाहा एक देशभक्ति गीत सुना रहे हैं:
जहाँ डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा, वो भारत देश है मेरा-
जहाँ सत्य अहिंसा और धरम का पग-पग लगता डेरा-
जहाँ सूरज सबसे पहले आकर डाले अपना डेरा-
जहाँ राग रंग और खुशी का चारो ओर है घेरा-
किसी नगर में किसी द्वार में न ताला डाले-
प्रेम की बंसी जहाँ बजाता आये शाम सवेरा...

Posted on: Mar 16, 2018. Tags: MANOJ KUSHWAHA SONG VICTIMS REGISTER

ऐ मेरे वतन के लोगो तुम खूब लगा लो नारा...गीत

ग्राम-राजापुर, पोस्ट-लड़वारी, जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से मनोज कुशवाहा एक देशभक्ति गीत सुना रहे हैं :
ऐ मेरे वतन के लोगो तुम खूब लगा लो नारा-
यह शुभ दिन है हम सबका लहरा लो तिरंगा प्यारा-
पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गवाये-
कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आये-
ऐ मेरे वतन के लोगो जरा आंख में भर लो पानी-
जो शहीद हुए है उनकी जरा याद करो कुर्बानी...

Posted on: Mar 13, 2018. Tags: MANOJ KUSHWAHA SONG VICTIMS REGISTER

हर्ष न्यौछावर कर दे सर्वस्व, हमारा प्यारा भारत वर्ष...

ग्राम-राजापुर, पोस्ट-लड़वारी, जिला-टीकमगढ़, (मध्यप्रदेश) से मनोज कुशवाहा कह रहे हैं, कभी अपने देश की बुराई नही करना चाहिये, भारतीय समाज को जातियों में नही बांटा जा सकता, हमारा देश अनेकता में एकता का प्रतीक है| भरतीय समाज में नारियों का बहुत बड़ा योगदान रहा है रानी लक्ष्मी बाई, अवंती बाई, कल्पना चावला देश के लोगो के लिए एक प्रेरणा है| संगीत के क्षेत्र में भी भारत विश्व में किसी से कम नही है, यह देश एक हीरे के सामान है, जिसमे न्योछावर होने वाले अनेको देश भक्त है:
जियें तो सदा इसी के लिए यही सदा अभिमान रहे यह – हर्ष न्यौछावर कर दे सर्वस्व, हमारा प्यारा भारत वर्ष...

Posted on: Mar 13, 2018. Tags: MANOJ KUMAR KUSHWAHA SONG VICTIMS REGISTER

इंसाफ की डगर पे बच्चो दिखाओ चल के...देशभक्ति गीत

ग्राम-राजापुर, पोस्ट-लड़वारी, जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से मनोज कुशवाहा एक देशभक्ति गीत सुना रहे हैं :
इंसाफ की डगर पे बच्चो दिखाओ चल के-
यह देश है तुम्हारा नेता तुम्ही हो कल के-
दुनिया के रंज सहना और मुह से कुछ ना कहना-
सच्चाइयों के बल पे आगे तुमको बढ़ते रहना-
रख दोगे एक दिन संसार को बदल के-
अपने हो या पराये सबके लिए हो न्याय...

Posted on: Mar 13, 2018. Tags: MANOJ KUSHWAHA SONG VICTIMS REGISTER

दहेज निषेध क़ानून 1961 में बना पर अब भी जारी, इसे नष्ट करने के लिए कानून बनाना काफी नही...

ग्राम-राजापुर, पोस्ट-लड़वारी, जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से मनोज कुशवाहा बता रहे हैं, दहेज प्रथा हमारे समाज में प्राचीन समय से व्याप्त एक संक्रामक बीमार की तरह है, जो हमारे समाज को नष्ट कर रहा है, गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरित मानस के अनुसार में उस समय दहेज़ का स्वरुप ऐसा नही था, बल्कि यह कन्या पक्ष द्वारा खुशी से वर पक्ष को दिया गया उपहार होता था, इस पर कोई दबाव नही होता था, सन 1961 के दहेज विरोधी अधिनियम के अनुसार दहेज़ लेना और देना दोनों ही दण्डनीय अपराध है लेकिन आज भी ये कुप्रथा चल रही है उनका कहना है कानून बनाने मात्र से सामाजिक बुराई खत्म नही हो सकती इसके लिए समाज को स्वयं ही आगे आना होगा| मनोज कुशवाहा@9516058859.

Posted on: Mar 12, 2018. Tags: MANOJ KUSHWAHA SONG VICTIMS REGISTER

« View Newer Reports

View Older Reports »