माँ की गोंद पिता का आश्रय, मेरा मध्यप्रदेश है...राज्य गीत
ग्राम-छतरपुर, तहसील-घुघरी, जिला-मंडला, मध्यप्रदेश से मोहन मरावी राज्य के स्थापना दिवस के अवसर पर एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
सुख का दाता सबका साथी शुभ का यह सन्देश है-
माँ की गोंद पिता का आश्रय मेरा मध्य प्रदेश है-
विन्ध्याचल सा भाल नर्मदा जल इसके पास है-
यहाँ ज्ञान-विज्ञान-कला का लिखा गया इतिहास है-
उर्वर भूमि सगुन रिक्त संपदा जहां अशेष है-
सुर-सौरभ सुष्मान से मंडित मेरा मध्य प्रदेश है-
सुख का दाता सबका साथी शुभ का यह सन्देश है-
माँ की गोंद पिता का आश्रय मेरा मध्य प्रदेश है...
Posted on: Jul 15, 2018. Tags: MOHAN MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
बार इंगा रोइका ड़े...गोंडी गोटुल गीत
ग्राम-ताड़वेली, पंचायत-गेंदा, तहसील-एटापल्ली, जिला-गढ़चिरौली, महाराष्ट्र से मोहन कुमरा गोटुल में युवक-युवतियों द्वारा नृत्य करते हुए गाए जा रहे गोंडी भाषा के गीत की रिकॉर्डिंग कर रहे हैं. गीत में यह बताया जा रहा है कि-हमारे आदिवासी समाज में जब भी कोई नया फल, अनाज या साग-सब्जी होता है तब हम बिना पूजन किए उसका उपयोग नहीं करते:
बार इंगा रोइका ड़े-
बलि यो ले बरा धूर ते ये लो ले...
Posted on: Jun 28, 2018. Tags: Mohan Kumra
तेंदू ज्यादा फलने पर बारिश कम, ज़्यादा पत्ते और कम फल होने पर बारिश अधिक होती है...
ग्राम-खोहिर, ब्लाक-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मोहन यादव के साथ एक साथी मरावी जी है | उनके गाँव में टीवी और रेडियो नहीं है वे मौसम में होने वाले बदलाव को प्रकृति से कैसे जानते है उनके बारे में बता रहे है. वे बता रहे हैं कि इस साल बारिश कम होने वाली है या ज्यादा वो लोग कैसे अनुमान लगाते है. पशु पक्षी और पेड़ पौधो को देखकर भी गाँव के लोग अनुमान लगा लेते है जैसे तेंदू का फल जंगल में ज्यादा लगता है तो बारिश कम होने की आशंका होती है और अकाल पड़ने की आशंका होती है और ज्यादा बारिश होने की संभावना तब होती है जब पेड़ो में पत्तियां ज्यादा लगती है और फल कम लगते है| मोहन यादव@8224946705.
Posted on: Jun 12, 2018. Tags: MOHAN YADAV SONG VICTIMS REGISTER
हमारे मोहल्ले में एक भी हैण्डपम्प नहीं, हम एक किलोमीटर दूर कुएं से पानी लाकर पीते हैं...
ग्राम पंचायत-पंडरी, ब्लॉक-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से मोहनलाल मरावी बता रहे है कि वार्ड क्रमांक 12 में 25 घर की बस्ती है और एक भी हैण्डपम्प नहीं है और वे लोग 1 किलोमीटर दूर कुएं से पानी लाकर पीते है | हैण्डपम्प खुदवाने के लिए उन्होंने सरपंच सचिव के पास शिकायत किये थे तो हो जायेगा-हो जायेगा बोलते है लेकिन अभी तक नहीं हुआ है| उनका कहना हैण्डपम्प खुद जाता तो हम लोगो को पानी की सुविधा हो जाती | इसलिए साथी सीजीनेट के साथियों से मदद की मांग कर रहे है कि इन नम्बरों में बात करके हैण्डपम्प खुदवाने में मदद करें: P.H.E.विभाग@9826603461. संपर्क@9679189891.
Posted on: Jun 04, 2018. Tags: MOHANLAL MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
हाय रे हाय रे, मेला में अकेली भयली...नागपुरी गीत
ग्राम-धेलकच्छ, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सीता नागपुरी भाषा में एक गीत सुना रही है:
हाय रे हाय रे, मेला में अकेली भयली, अरे रहे मेला रहे मेला, अगम ठेला, ठेला रे-
हाय रे मेला में अकेली भयली-
चारों ओर दीदी संगी, चारों ओर पिया संगी, दीदी को कहा ना मेला में अकेली भयली-
रहे मेला रहे मेला, अगम ठेला, ठेला रे, हाय रे मेला में अकेली भयली-
हाय रे हाय रे, मेला में अकेली भयली...
