ऐ भगतसिंह तू जिंदा है...देशभक्ति गीत-

ग्राम-सुरनार ,जिला -दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़ )से गोपीनाथ मंडावी देशभक्ति गीत सुना रहे है:
ऐ भगतसिंह तू जिंदा है-
ऐ भगतसिंह तू जिंदा है-
हर एक लहू के कतरे में-
हर एक लहू के कतरे में-
इंकलाब के नारे में-
तूने तब भी बोला था-
यह आजादी नहीं धोखा है...(182958) GM

Posted on: Dec 19, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER

तुम जाओ पवन सुत बजरंगी...भजन-

जिला-पुर्णियां (उत्तरप्रदेश) से सोनू कुमार एक भजन गीत सुना रहे हैं:
तुम जाओ पवन सुत बजरंगी-
अब रात गुजरने वाली है-
वो सीता हमसे रूठ गयी-
मंदिर में जाकर बैठ गयी-
जाके मनाना बजरंगबली-
अब रात गुजरने वाली है-
जुड़ जाओ पवन सत बजरंग...(181800) GT

Posted on: Dec 19, 2020. Tags: BHAJAN SONG SONG VICTIMS REGISTER

सहकार रेडियो : जन-मन की बात

श्रोताओं, सीजीनेट पर आप सुन रहे हैं, सहकार रेडियो का कार्यक्रम “जन-मन की बात” किसान आन्दोलन के ऊपर| “मज़दूर बिगुल” अखबार के संपादक अभिनव का फ़ोन पर साक्षात्कार लिया है पवन सत्यार्थी ने, जिसमे उन्होंने इस आन्दोलन के वर्ग-चरित्र का मूल्यांकन करते हुए इसे कुलकों और धनी किसानों की नुमाइंदगी करने वाला आन्दोलन बताया जो कि कुल किसान आबादी का बहुत छोटा हिस्सा हैं| उन्होंने कहा कि “छोटे किसानों और खेतिहर मज़दूरों की बहुसंख्यक आबादी को उनकी वर्ग मांगों पर संगठित करने की ज़रूरत है, जिसमे कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की मांग कत्तई नहीं हो सकती”| इसके अलावा, किसान आन्दोलन से जुड़े अन्य विभिन्न पहलुओं पर भी उनसे विस्तार से बात हुई| https://www.sahkarradio.com

Posted on: Dec 18, 2020. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER

स्वर्णमयी लंका न मिले माँ...भक्ति गीत-

ग्राम-उरुमदुगा, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से पूनम देवांगन एक गीत सुना रहे हैं:
स्वर्णमयी लंका न मिले माँ-
अवधपुरी की धूल मिले-
सोने में कांटे चुभते हैं-
मिट्टी में हैं फूल खिले-
इन्द्रासन वैभव नहीं प्यारा-
माता की गोदी प्यारी-
स्वर्णमयी लंका न मिले माँ...(AR)

Posted on: Dec 18, 2020. Tags: BHAKTI SONG SONG VICTIMS REGISTER

सैट जन अगर पिछ्ड़ेगे तो जनता कहलायेंगे-

राज्य-मध्यप्रदेश बड़वानी से सुरेश कुमार सिख बता रहे है,एक बार गुरु और शिष्य गाँव में गए तो गाँव वालो ने उनका स्वागत स्वीकार किया, तथा उन्हें भोजन कराया तो गुरु ने उन्हें आशीर्वाद दिया की तुम पिछड़ जाओ, अलग-अलग गाँवो में चले जाओ, उनके शिष्य गुरु पर क्रोधित हुई परन्तु उन्होंने वह बिना कुछ कहे गुरु के साथ आगे चले गए, जब वे दुसरे गाँव पहुचे गाँव वाले उनके साथ दासता की गुरु ने हँसते हुए आशीर्वाद दिया की तुम कभी भी नहीं पिछड़ो और इसे गाँव में बने रहो परन्तु सुन कर शिष्य से रहा नहीं गया, और उन्होंने पूछा की आपने आशीर्वाद क्यों दिया, सैट जन अगर पिछ्ड़ेगे तो जनता कहलायेंगे, दुष्ट अगर नहीं पिछड़गे तो एक गाँव में सिमित रहेंगे ID(182833)GM

Posted on: Dec 18, 2020. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER

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