हमारे अलवरखुर्द गांव से कैसे दूसरा गांव अलवरकला बना...एक गाँव की कहानी

ग्राम-अलवरखुर्द, पंचायत-सोनेकान्हार, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सुखलाल सलाम बता रहे हैं कि पहले अलवरखुर्द और अलवर कला एक ही गांव था लेकिन बाद में दोनों को अलग कर दो गांव बना दिया गया उनका कहना है कि 1945 से पहले वहां मुस्लिम परिवार रहता था इन लोगो ने उस जगह का नाम अलवर खुर्द रखा था, लेकिन फिर वे चले गए, और अब वहां पूरी आदिवासी बस्ती है. कई वर्ष पूर्व गांव के एक व्यक्ति ने अपनी बेटी की शादी की और गांव को अलग कर अपनी बेटी को दहेज़ में दिया जिसका नाम अलवरकला पड़ा तब से वहां दो गांव है| अंकित पडवार@9993697650.

Posted on: Jun 20, 2018. Tags: SONG SUKHLAL SALAM VICTIMS REGISTER

माटी के घर ला फोड़ के मनात है तिहार...छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे है:
माटी के घर ला फोड़ के-
मनात है तिहार-
ईटा सीमेंट कुदरू गिट्टी के-
हो गए है भरमार-
बैला गाडी भैसा गाडी नंदा गए-
ट्रेक्टर डम्पर के आगे बहार-
पटपटी में चढ़ के बेटा-
चले है मनाये दशहरा त्यौहार-
आगू पीछे हावे उदा-उदा-
दोस्त और संगवारी यार-
दाई दादा के बेच के गुदा-
खावत आवे जेहरिले खुसियात...

Posted on: Jun 20, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

कलपे-कलपे मैना रोये ओ नोनी तोर बिना...सरगुजिहा गीत

ग्राम-कोट्या, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक सरगुजिहा गीत सुना रहें हैं:
कलपे-कलपे मैना रोये ओ नोनी तोर बिना-
पाव के पयरि ला देदा चिन्हा-
बने हैं मोहला ते दुवारी नही है ओ-
घर हवे सनाते सुवारी नई है ओ-
कलपे-कलपे मैना रोये ओ नोनी तोर बिना-
बने हैं मोहला ते दुवारी नही है ओ...

Posted on: Jun 19, 2018. Tags: MEWALAL DEVANGAN SONG VICTIMS REGISTER

कुर्र्खुसेग वाहिंग वाय बाई,लयोर किनेग वायेन...गोंडी विवाह गीत

ग्राम-लामकन्हार पंचायत-बड़ेतोपाल, तहसील-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से जयलाल दुग्गा एक गोंडी विवाह गीत सुना रहे है:
रे रे रे लोयों रे रे रेला रे रे रे लोयों रे रे रेला रे रे ला-
कुर्र्खुसेग वाहिंग वाय बाई,लयोर किनेग वायेन-
कुर्र्खुसेग वाहिंग वाय बाई लयोर किनेग वायेन-
मंडोड इला वाहिंग वाय बाई,मंडोड इला वाहिंग वाय बाई-

Posted on: Jun 17, 2018. Tags: JAILAL DUGGA GONDI

आमा चानी आमा चानी जसपुर के माहदानी...डोमकच गीत

ग्राम-कोट्या, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक डोमकच गीत सुना रहें हैं:
आमा चानी आमा चानी जसपुर के माहदानी-
शंकरगढ़ के मानल दरहा मागे लोटा पानी-
मया से बलाबे होल तोरे घरे जबों नि मया से बुलाबे-
तोर घरे जाबों निगे आखी ला दिखाबे तोरों से बयमनी-
शंकरगढ़ के मानल दरहा मागे लोटा पानी-
आमा चानी आमा चानी जसपुर के माहदानी...

Posted on: Jun 17, 2018. Tags: MEWALAL DEVANGAN SONG VICTIMS REGISTER

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