वनांचल स्वर : नेत्र ज्योति बढ़ाने का घरेलू नुस्खा-
सेत गंगा, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य रमाकांत सोनी नेत्र ज्योति वर्धक एक घरेलू नुस्खा बता रहे हैं, जिन व्यक्तियों के आँखों में कमजोरी आ रही हो, कम दिखाई देता हो वे आधा चम्मच पिसी काली मिर्च, आधा चम्मच पिसी मिश्री और एक चम्मच शुद्ध पिसी गो घृत मिलाकर सुबह खाली पेट सेवन करें, उसके बाद दूध पी लें, ऐसा 6 माह तक लगातार करने से नेत्र ज्योति बढ़ाने में लाभ मिल सकता है, अधिक जानकारी के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते है. हमारे आसपास पाए जाने वाले वनस्पतियों की मदद से हम स्वस्थ रह सकते हैं, इसके बारे में हमें यदि जानकारी हो तो हम दूकान की दवा पर लगने वाला धन भी बचा सकते हैं : संपर्क नंबर@9165400513.
Posted on: Aug 16, 2018. Tags: HEALTH MUNGELI CHHATTISGARH RAMAKANT SONI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : वात रोग का घरेलू उपचार-
जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य रमाकांत सोनी आज हम लोगो को सामान्य रूप से लगभग हर घर में पाए जाने वाले वात रोग का एक घरेलू उपचार बता रहे हैं वे कह रहे हैं सामान्यत: वात रोग में कमर दर्द और पैर दर्द आदि होता है, उस स्थिति में हर घर में पाए जाने वाली हल्दी 50 ग्राम, 50 ग्राम मेथी दाना, सोठ 50 ग्राम, अश्वगंधा चूर्ण 50 ग्राम सभी को कूट पीसकर के चूर्ण बना लें, उसके बाद तीन बार छान लें, और एक-एक चम्मच सुबह और रात को सोते समय खाली पेट गर्म दूध या पानी के सांथ एक सप्ताह तक सेवन करें, इससे दर्द से आराम मिल सकता है, अधिक जानकारी के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : संपर्क रमाकांत सोनी@9589906028.
Posted on: Aug 15, 2018. Tags: HEALTH MUNGELI CHHATTISGARH RAMAKANT SONI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर: 5 कली मिर्च, 5 तुलसी, 5 नीम की पत्ती का सेवन कर पूरे वर्ष भर स्वस्थ रह सकते हैं...
जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य रमाकांत सोनी बता रहे हैं, भारतीय सभ्यता, संस्कृति में त्यौहारों का अपना अलग ही महत्व है, सर्वधर्म संभाव की भावना लिए हुए, यहां अनेक जाति और सम्प्रदाय के लोग निवास करते है, सभी धर्म का त्यौहार मानते हैं, इसी तरह से हिन्दू धर्म में हरेली त्यौहार का भी विशेष महत्व है, जो सावन के महीने में मनाया जाता है, इस मौसम में सभी तरफ हरियाली होती है, सुन्दर दृश्य होता है, इस पर्व के दिन किसान खेती नही करते, केवल देख रेख करते हैं, और सभी मिलकर ये त्यौहार मनाते हैं, एक मान्यता के अनुसार परंपरागत वैद्य अपनी विधा को कारगर बनाने के लिए औषधियों की पूजा करते हैं, यदि स्वस्थ व्यक्ति इस ऋतु में 21 दिन तक 5 कली मिर्च, 5 तुलसी और 5 नीम की पत्ती का सेवन करे तो पूरे वर्षभर स्वस्थ रह सकता है |
Posted on: Aug 14, 2018. Tags: CULTURE HEALTH MUNGELI CHHATTISGARH RAMAKANT SONI SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : बवासीर बीमारी का घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच.डी.गांधी आज हमें बबासीर बीमारी का एक घरेलू उपचार बता रहे हैं, भुना जीरा 50 ग्राम, काली मिर्च 20 ग्राम, बकायन की पत्ती या महानीम 50 ग्राम, सेंधा नमक 20 ग्राम, भुनी हुई सनाय की पत्ती 30 ग्राम इन सभी को पीसकर चूर्ण बना लें और सुरक्षित रख लें, एक-एक चम्मच चूर्ण खाली पेट दिन में दो बार छाछ, मही या पानी के साथ सेवन करने से लाभ मिल सकता है, मिर्च, मसाला, तेल, खटाई, गरिष्ठ भोजन का प्रयोग कम करें, नशा न करें, पेट साफ रखें, पानी का ज्यादा सेवन करें, देर रात तक न जागे, अधिक जानकारी के लिए दिए गए नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9111061399.
Posted on: Aug 12, 2018. Tags: CG HD GANDHI HEALTH SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : सेम के पत्ते से चर्म रोग का घरेलू उपचार-
ग्राम-रौचन, पोस्ट-राजा नवागाँव, तहसील-बोडला, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से खेलनराम साहू चर्म रोग का एक घरेलू उपचार बता रहे हैं, चर्म रोग साफ सफाई पर ध्यान नही देने, ब्लड इन्फेक्सन, दूषित पानी में नहाने से हो जाता है, इसमें दाद, खुजली, फोड़े आदि आते हैं, ऐसी स्थिति में घरो में लगाई जाने वाली सब्जी सेमी या सेम के पत्ते को लगातार पांच दिन तक मसलकर लगाने से लाभ मिल सकता है, ये बारिश के मौशम में आसानी से मिल जाता है, इस तरह हमारे आसपास पाए जाने वाले वनस्पतियों से हम हमारे बहुत से रोगों का निदान कर सकते हैं, इससे पैसे की भी बचत होती है. अधिक जानकारी के लिए संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@7566279950.
