स्वास्थ्य स्वर: हड्डी में बुखार (ज्वर) का घरेलू उपचार...
ग्राम-रहंगी, पोस्ट-लोरमी, जिला मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य चन्द्रकान्त शर्मा आज हमें हड्डी में बुखार (ज्वर) का एक घरेलू उपचार बता रहे हैं: वे कह रहे हैं कि जवा क्षार, यह सभी दवाई दुकानों में उपलब्ध होता है, जो आसानी से आप के आसपास मिल जाता है, हड्डियों में बुखार होने से, जवा क्षार 1-2 रत्ती की मात्रा में नीम के पत्ती के रस के साथ लगातार सुबह शाम सेवन करने से बुखार पसीने के रूप में बाहर होकर बुखार कम हो जाता है, इसके साथ चन्दन का तेल पांच बूंद, बतासे के साथ सेवन कर उपर से ताजा पानी पीने से भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है, यह उपचार घर में ही कर सकते हैं जिसका कोई शुल्क नही लगता है: वैद्य चन्द्रकान्त शर्मा@9893327457.
Posted on: Sep 01, 2018. Tags: CG CHANDRAKANT SHARMA HEALTH MUNGELI SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर: गूमा (द्रोण पुष्पी) के पौधे के औषधीय गुण...
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय आज हम सभी को गूमा या द्रोण पुष्पी के पौधे के औषधीय गुण बता रहे हैं: गूमा (द्रोण पुष्पी) का यह औषधीय पौधा हमारे प्राकृतिक वातावरण में ही हमारे आसपास पाया जाता है, यह औषधि आधे सिर दर्द होने पर (यह दर्द प्रातः काल से शुरू होकर दिन ढलने तक होता है) में काफी उपयोगी है यह तकलीफ होने पर गूमा के पत्ते के कर्क (काढ़ा) बनाकर कपाल (माथा) लेप करने से आराम मिलता है| इसके अतिरिक्त गूमा के पत्तों के रस को 1-1 बूंद नासिका में डालने से भी लाभ मिलता है, यह सरल एवं सुखद घरेलु उपचार है जो सभी कर सकते हैं बहुत प्रभावकारी होता है:वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.
Posted on: Sep 01, 2018. Tags: HEALTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI SONG TIKAMGARH VICTIMS REGISTER
उपस्वास्थ्य केंद्र नही होने से हम 7 गाँव के लोग 6 किलोमीटर किसी भी इलाज के लिए पैदल जाते हैं...
ग्राम-ताड़वेली, प्रखंड-कोयलीबेड़ा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर, (छत्तीसगढ़) से मंगू राम, कुम्मा राम, तेका कवाची और नडगू उइके बता रहे हैं कि उनके क्षेत्र में लगभग 6-7 गाँव पड़ते हैं, जहां उप स्वास्थ्य केंद्र नही होने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लोग 5-6 किमी इलाज के लिए पैदल और साइकिल से जाते हैं, डाक्टर गाँव में नही आते, पहले लोग जंगली जड़ी -बूटी से इलाज करते थे पर जिसका असर धीरे से होता है, वर्तमान समय में लोग आधुनिक दवा का उपयोग करने लगे है, कभी कभी आधुनिक दवा न रहने पर जड़ी बूटी का उपयोग आज भी लोग करते है l इसकी शिकायत लिखित रूप में भी किया,पर बन जाएगा बोलकर आज तक टाल रहें हैं : कलेक्टर@9425263044. संपर्क नम्बर ग्रामीण@9479104296.
Posted on: Aug 31, 2018. Tags: AMAR MARAVI CG HEALTH HOSPITAL KANKER KOYALIBEDA PROBLEM SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : दाल मखाना के पौधे के औषधीय गुण...
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय दाल मखाना के औषधीय गुण के बारे में बता रहे हैं: दाल मखाना का पौधा अधिकतर तालाबों में मिलता है, इस पौधे की अधिकतम लम्बाई 2 फीट होती है इसकी पत्ती हल्की, लम्बी और चौड़ी होती है, जोड़ों में दर्द में इन पत्तियों को अच्छी तरह से पीसकर लेप करने से लाभ मिलता है, ताकत के लिए इसके बीजों के साथ कोंचबीज (फल) को शुद्ध करके चूर्ण बनाकर 3 ग्राम शक्कर या मिश्री के साथ मिला कर दूध के साथ सेवन करने से शक्ति मिलता है, कोंच के बीजो को गाय के दूध में गर्म करके शुद्ध किया जा सकता है, ये उपचार निशुल्क घर में बिना कोई पैसे दिए कर सकते हैं | संपर्क नम्बर@9424759941.
Posted on: Aug 31, 2018. Tags: HEALTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI SONG TIKAMGARH VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर: प्रातः काल ताजे गाय का मूत्र पान करना चाहिए...
सेतगंगा, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य रमाकांत सोनी गौमूत्र के सम्बध में बता रहे है:
गौमूत्र से चिकित्सा का वर्णन प्राचीन धर्मग्रंथों में मिलता है l गाय के मूत्र में रोग नाश करने की शक्ति हैl आज के आधुनिक विज्ञान ने भी रिसर्च से यह सिद्ध किया है, कि गौमूत्र से रोगों का निवारण होता हैl कैंसर जैसी घातक जान लेवा रोग भी गौमूत्र से दूर होता है, ऐसे उदाहरण हैं l गौ मूत्र में कैल्सियम सोडियम पेटोसियम एन्जाइम तथा सभी विटामिन का समावेश होता हैl इससे थायराईड टी.बी.ब्लड प्रेशर सुगर चर्म रोग तथा कैंसर जैसे रोगों का भी नाश होता हैl अतः सत्य हो या असत्य सभी लोगो को प्रातः काल ताजे गाय का गौमूत्र पान करना चाहिए| सम्पर्क नम्बर@9589906028.
