हे शारदे माँ, हे शारदे माँ, अज्ञानता से हमें तार दे माँ...वंदना गीत-

ग्राम-गोरबहरी, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से त्रिलोकी सिदार एक वंदना सुना रहे हैं:
या कुंदेंदु तुषार हार धवला, या शुभ्र वास्त्राविता-
या वीणा वरदंडमंडित करा या श्वेत पद्मासना-
या ब्राम्हा चित शंकरा प्रभुति भी, देवय सदा वंदिता-
श्यामा पातु सरस्वती भगवती, निशेश जध्या पहा-
हे शारदे माँ, हे शारदे माँ, अज्ञानता से हमें तारदे माँ-
तू स्वर की देवी संगीत तुझसे, हर शब्द तेरा है, हर गीत तुझसे-
हम हैं अकेले, हम है अधूरे तेरे शरण में हमें तार दे माँ...

Posted on: Jul 29, 2018. Tags: SONG TRILOKI SIDAR VICTIMS REGISTER

नइयो रे तिना नामुर ना नो ये...गोंडी रेला गीत

ग्राम-वर्षाकला, तहसील-एटापल्ली, जिला-गढ़चिरौली, महाराष्ट्र से रानो वड्डे गाँव की महिलाओं द्वारा गाए जा रहे गोंडी गीत की रिकॉर्डिंग कर रही हैं. गीत शादी के समय लिंगो देव की स्तुति में गाया जाता है. गीत में बताया जा रहा है कि संसार में जो कुछ भी है सब लिंगो ने ही बनाया है...
नइयो रे तिना नामुर ना नो ये-
लिंगो र ने कुंगोर दोती रो रे लो रे पुन्गर सा लो ये...

Posted on: Jul 28, 2018. Tags: RANO WADDEY SONG VICTIMS REGISTER

देवगढ़ ता अजब ही कहानी रो कोयावंशी देवगढ़ ता अजब कहानी...गोंडी गीत

ग्राम-धनोरा, तहसील-पांढुरना, जिला-छिन्दवाड़ा (मध्यप्रदेश) से शशिकपूर धुर्वे एक गोंडी गीत सुना रहे है. इस गीत के माध्यम से बता रहे है कि देवगढ़ में गोंड राजा हुआ करता था जिसका नाम था जाटवा राजा| उसके महल में क्या-क्या हुआ करता था यह भी गीत में बताया गया है:
देवगढ़ ता अजब ही कहानी रो कोयावंशी देवगढ़ ता अजब कहानी-
गजब ही सुन्दर महल बनी माता उची पहाड़ी ते चण्डी माता-
कोएतुर राजा न यदा राजधानी रो कोया वंशी देवगढ़ ता-
हाथी खाना ते गौरी खाना मोती टाका ते ऐर उंदना अंजि कुन सभी उदना-
बादल महल ता काम निरालो कोटा पर कोटा अगा बना माता-
चंडी माता न दर्शन कि किट अपनों मन ता-
दुःख तान विहाकिट अपनों मनोकामना-
जीवन सफल आयल रो कोया वंशी देवगढ़ ता अजब कहानी...
शशिकपूर धुर्वे@9407805312.

Posted on: Jul 27, 2018. Tags: CHHINDWARA GONDI SONG SHASHIKAPUR DHURWEY

किसान स्वर : कोदो सुगर रोगियों के लिए बहुत उपयोगी-

ग्राम-तरहुल, तहसील-दुर्गकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़ ) से रामाराम चुरिया कोदो के फसल के बारे में जानकारी दे रहे हैं, वे बता रहे हैं कि कोदो की खेती करने के लिए तीन बार जोताई की जाती है उसके बाद बीज की बुआई की जाती है, ये हरेली त्यौहार के समय बोया जाता हैं, फसल के बढ़ने, पकने के बाद कटाई कर उसकी मिसाई की जाती है, इस सब के बाद उसे मिट्टी के जाता से दरते हैं, तब जाकर उसका चावल प्राप्त होता है, फिर उसे साफ़ कर बेचने के लिए तैयार कर लेते हैं, सुगर रोग के लिए कोदो उपयोगी है, सुगर के रोगी कोदो के चावल का उपयोग भोजन में करते हैं |

Posted on: Jul 27, 2018. Tags: RAMARAM CHURIYA SONG VICTIMS REGISTER

बारिश ता मंजा इमा येता नवा सांगो दा, लक इमा बाड़ी उतोनी...गोंडी बरसात गीत

ग्राम-पाठई, पोस्ट-कौड़िया, तहसील-पांढुर्ना, जिला-छिन्दवाड़ा (मध्यप्रदेश) से बस्तीराम नागवंशी एक गोंडी गीत सुना रहे है, इस गीत को बरसात के समय में गाया जाता हैं, जब हमारे यहाँ दांडिया या डंडार होता हैं और ढोल बजते है:
बारिश ता मंजा इमा येता नवा सांगो दा,लक इमा बाड़ी उतोनी-
बारिश ता मंजा इमा नवा सांगो दा, लक इमा बाड़ी उतोनी-
सुर-सुर-सुर वडी ताकी लाता,सुर-सुर-सुर वडी ताकी लाता-
रिमझिम-रिमझिम बरसात आयी लाता-
निवा पोंडिना,निवा पोंडिना इमा समले किम सांगो दा-
लक इमा बाड़ी उतोनी बारिश ता मंजा-
डम डम-डम डम ढोल नेकी लाता, डम डम-डम डम ढोल नेकी लाता-
कट कट-कट कट येनदी इमा लाता, कट कट-कट कट येनदी इमा लाता-
अणि दांदर ता पोल इमा सजी किम नवा सांगो दा,लक इमा बाड़ी उतोनी-
बारिश ता मंजा इमा येता नवा सांगो दा,लक इमा बाड़ी उतोनी...
बस्तीराम नागवंशी@9425648073.

Posted on: Jul 27, 2018. Tags: BASTIRAM NAGVANSHI CHHINDWARA GONDI SONG

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