सेवा जोहारो रे, मोर धरती दाई, सेवा जोहारो रे...गोंडवाना गीत
ग्राम-धूमाढाड, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से राजपाल मरावी एक पारम्परिक गोंडवाना गीत सुना रहे है:-
सेवा जोहारो रे, मोर मात पिता ला सेवा जोहारो रे-
नौअ महीने से गर्भ में पाले, दस में दुनिया दिखाये-
उंगली पकड़ कर चलना सिखाये,हसना बोल सिखाये-
सेवा जोहारो रे, मोर मात पिता ला सेवा जोहारो रे-
सेवा जोहारो रे, मोर धरती दाई सेवा जोहारो रे...
Posted on: Mar 20, 2018. Tags: RAJPAL MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
तितली रानी तितली रानी यह कह सभी बुलाते हैं...बाल कविता
ग्राम पंचायत-चंदौरा, थाना-चंदोरा, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर, (छत्तीसगढ़) से कमला प्रसाद पैकरा एक कविता सुना रहे हैं :
तितली रानी तितली रानी यह कह सभी बुलाते हैं-
पास क्यों नही आते हो दूर-दूर क्यों रहती हो-
फुल-फुल के कानो में, जा जा के तुम क्या कहती हो-
तितली रानी तितली रानी यह कह सभी बुलाते हैं...
Posted on: Mar 20, 2018. Tags: KAMLA PRASAD SONG VICTIMS REGISTER
दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए छात्रावास...
ग्राम-कमतरी पंचमपुरा, तहसील-अम्भा, जिला-मुरैना (मध्यप्रदेश) से कालीचरण आओ चले जीवन की ओर मंच के माध्यम से दृष्टि बाधित लोगो के लिए काम करते है जहां पर ऐसे लोग जो पढ़ाई करना चाहते है पर रहने की कोई व्यवस्था नहीं है तो उनके लिए वहां रहने खाने की व्यवस्था भी है, वे कह रहे हैं कि अध्ययन करने वाले और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालो के लिए यह सुनहरा अवसर है,किसी भी शिक्षण संस्थान में पढाई करने वाले हो उनके लिए छात्रावास की सुविधा है, वहां काम करने योग्य साथी काम भी कर सकते है, वहा रहकर जीवन यापन करने का भी अवसर है| अधिक जानकारी के लिए आप इस नम्बर का उपयोग करे@8382970459. कालीचरण@9406723752.
Posted on: Mar 20, 2018. Tags: KALICHARN MURAINA SONG VICTIMS REGISTER
बांसुरी में बीन की धुन...
मुड़गीचक, ग्राम-सुमेरा, मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार अपने मित्र मो. मुर्तुजा के सांथ हैं वे बांसुरी बनाते है इतना ही नहीं बांसुरी बजाने की भी कला रखते और आज वे सीजीनेट के सभी सुनने वाले संथियों को बांसुरी से बीन की मधुर ध्वनि सुना रहे हैं...
Posted on: Mar 20, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
लहरों से डरकर, नौका पार नही होती, कोशिश करने वालो की हार, नही होती...कविता
ग्राम-पंचायत, गटगँवा जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़ से रवीना एक प्रेरक कविता सुना रहे है:-
लहरों से डरकर, नौका पार नही होती-
कोशिश करने वालो की हार नही होती-
नन्ही चीटी जब दाना, लेकर चढती है-
चढती दीवारों पर सौ बार फिसलती है-
मन का विश्वास रघों में, साहस भरता है-
लहरों से डरकर, नौका पार नही होती-
कोशिश करने वालो की हार नही होती...

