पर्वतो के गोद से निकलकर मैं नदी नाला बन जाती हूँ...प्रकृति कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी प्रकृति पर एक कविता सुना रहे हैं :
पर्वतो के गोद से निकलकर मै नदी नाला बन जाती हूँ-
आसमान से धरती पर गिर कर मैं पानी कहलाती हूँ-
इतनी उचाई से गिरकर भी मै शुद्ध स्वच्छ रहती हूँ-
चट्टान को भी काटकर अपनी राह बना लेती हूँ-
टेढ़ी मेढ़ी बहकर भी मै बड़ी भोली भाली हूँ-
सबकी प्यास बुझकर भी मै गंदगी कहलाती हूं...

Posted on: Sep 26, 2018. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

दुर्गा माटी ला घलो कभू ना समझय नीत...कविता-

ग्राम-बरभंवा, पंचायत-सरेखा, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से लक्ष्मण श्रीवास के साथ आजमी और यासमीन छत्तीसगढ़ी भाषा में एक कविता सुना रही हैं :
दुर्गा माटी ला घलो कभू ना समझय नीत-
पालन पोषन येही करय, कमल फुलए येही कीत-
टीका बना के धरे, होत ना कोनो संत-
पीकर तो महुरा बरे, चारी चारी चुगली ला समाज-
खजरी खसरा रोग, खाजुवावत दुःख होत है पाछू दुःख ला भोग
जउन गांव जाना नही पूछे के का काम...

Posted on: Sep 22, 2018. Tags: CG CHHATTISGARHI KABIRDHAM LAKSHMAN SHRIWAS POEM SONG VICTIMS REGISTER

अपनों से अलग होने से हमारी कीमत कम रह जाती है, कृपया अपने परिवार, मित्रों से हमेशा जुड़े रहें...

हरिशंकर रजक एक कहानी सुना रहे है: जब अंगूर खरीदने बाजार गया, उसका क्या भाव है पूछा तो बोला 80 रूपये किलो। पास ही कुछ अलग-अलग टूटे हुए अंगूर दाने पड़े हुए थे पूछा क्या भाव है बोला 30 रूपये किलो। मैंने पूछा इतना कम दाम क्यों ओ बोला साहब है तो अभी बहुत बढिया लेकिन अपने गुच्छे से टूटे गये है इसलिए। मैं समझ गया कि अपनों से अगल होने पर हमारी कीमत आधे से भी कम रह जाती है कृपया आपने परिवार मित्रो से हम हमेशा जुड़े रहे:
दूसरा एक चुटकुला : एक पढ़ा लिखा आदमी एक अनपढ़ ग्वार दोनों दोस्त है अनपढ़ बोलता है पढ़ा लिखा से घड़ी और बीबी में क्या अंतर है पढ़ा लिखा आदमी बोलता है घडी बिगड़ जाती है तो बंद हो जाती जब बीबी बिगड़ जाती है तो शुरु हो जाती है...

Posted on: Sep 20, 2018. Tags: BODLA CG HARISHANKAR RAJAK JOKE KABIRDHAM SONG STORY VICTIMS REGISTER

20 साल से सार्वजनिक रूप से मछली पालन करते हैं, गाँव के लोगों को जरुरत पड़ने पर बेचते हैं...

ग्राम-मुरावन्डी, तहसील-पखांजुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर से भगवत राम कुंजाम सीजीनेट स्वर जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा के राजू राणा को बता रहे हैं कि उनके गाँव में एक तालाब है, जहां वे लोग लगभग 20 साल से परम्परा के अनुसार सार्वजनिक रूप से मछली पालन करते हैं, इसके अलावा गाँव के सभी लोगों का नहाना, कपड़े साफ करना, पशुओं को पानी पिलाना आदि कार्य भी वहां होते हैं, वर्तमान में वे 12 किलोग्राम मछलियों का बीज तालाब में डाले हैं, ये अनुमान नही है कि उनसे कितना वृद्धि होगी ये लोग मछलियों को बाजार में बेचते नहीं है, गाँव के लोगों को जरुरत पड़ने पर निश्चित भाव लगाकर उन्हें ही दिया जाता है|पड़ोसी गाँव वाले मांगने पर उनको भी मछली देते हैं...

Posted on: Sep 19, 2018. Tags: CG FISHRIES KANKER PAKHANJUR RAJU RANA SONG VICTIMS REGISTER

सकालू मांझी हर बड़खा लकड़ी ला फ़ोरत रहिस...छत्तीसगढ़ी कहानी

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक छत्तीसगढ़ी कहानी सुना रहे है : सकालू मांझी हर बड़खा लकड़ी ला फ़ोरत रहिस, ओहर लकड़ी के माझरे-माझर मोट ला मारे लकरी कभूच नई फूटे ओहार टूटकाये-टूटकाये फोरेच भर धरिस तबोच ले नई फुटिस अउ डोकरी दाई हर होहिच करा धान ला बगराये रहिस ओला कुकरी मन खाए बर आये डोकरा दादा हर टगनी का धर के होहिच करा बेठे एहिस अउ सारे कुकरी सा सारे कुकरी सा तीर-तीर ला खा डोकरा दादा भगाए बर लगे है ओ लकरी ला फोरेच है तबो ले नई फूटे फिर डोकरा दादा कहे सा सारे कुकरी सा तीर-तीर ला खा...

Posted on: Sep 19, 2018. Tags: CG CHHATTISGARHI KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG STORY VICTIMS REGISTER

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