मुझे तेरे होली के रंग में रंग लो श्याम...होली गीत-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक भजन सुना रहे हैं:
मुझे तेरे होली के रंग में रंग लो श्याम-
मै तेरी प्रेम पुजारी-
न जानू मै भक्ति न कर सकूं, पूजा पाठ-
मै तो गृहस्थी घेर रखा है, मुझे माया जाल-
नित कमाता हूँ तो खाता हूँ-
ये माया की ही है, संसार...

Posted on: Mar 21, 2019. Tags: CG HOLI KANHAIYALAL PADIHARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

जिस नाव से तुम पार हुए, उस नाव को लेकर आ जाना...भजन-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक स्वरचित भजन सुना रहे हैं :
जिस नाव से तुम पार हुए, उस नाव को लेकर आ जाना-
प्रभु आ जाना-
मै नाविक थक हार गया प्रभु-
तुम नाविक बन कर पार लगा जाना-
गहरी है समुंदर नाव पुरानी-
मै नाविक थक हार गया...

Posted on: Mar 21, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर : उच्च रक्तचाप का घरेलू उपचार...

प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से एच डी गांधी होली की शुभकामनाओ के सांथ सभी श्रोताओं को उच्च रक्तचाप या हाई ब्लड प्रेशर का घरेलू उपचार बता रहे हैं| सर्प गंधा 150 ग्राम, अर्जुन छाल 150 ग्राम, अस्वगंधा 150 ग्राम लें| इन सभी को साफ कर कूट-पीसकर चूर्ण बनाकर सुरक्षित रख लें| आधा-आधा चम्मच चूर्ण खाली पेट दिन में दो बार गुनगुने पानी से सेवन करें| इससे लाभ हो सकता है| भोजन में मिर्च, मसाला, तेल, खटाई का प्रयोग कम करें| नशा न करें| देर रात तक न जागें | अधिक जानकारी के लिये दिये गये नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : एच डी गांधी@9111061399.

Posted on: Mar 20, 2019. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER

बाल बाल को सवारिय, बाल नही तो बेहाल...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
बाल बाल को सवारिय, बाल नही तो बेहाल-
बाल को ऐसा सवारिये जैसे गुत्थे बाल-
बाल होत तन की शोभा, बाल होत घर की आभा-
बाल को ऐसा बांधिये कही बिखर न जाये-
बाल को ऐसा तानिये, कंचन जैसा निखर जाये...

Posted on: Mar 20, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

मेरी मम्मी प्यारी मम्मी, मुझको बहुत है भाती...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
मेरी मम्मी प्यारी मम्मी, मुझको बहुत है भाती-
अपने आंचल के छांव में लोरी सुनाकर सुलाती-
अपने तन से दूध पान कराकर-
अपने आंचल से ढक लेती-
गीले में खुद सोती पर, मुझे सूखे में सुलाती-
थोड़ी भी अस्वस्थ होने पर झट अस्पताल ले जाती...

Posted on: Mar 20, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

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