नेताओं की गोद में खेल रहा भारत महान...व्यंग्य कविता
कन्हैयालाल पड़ीयारी, ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से एक राजनैतिक व्यंग्य कविता सुना रहे हैं :
नेताओं की गोद में खेल रहा भारत महान-
जनता मूर्ख देख कर भी कर रहा उनका सम्मान-
खून की होली खेल रहे हो रहा कत्लेआम-
चीर हरण हो रहे यहाँ देखो खुले आम ....
Posted on: Aug 19, 2018. Tags: HINDI POEM KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH CG SONG VICTIMS REGISTER
हाय रे करन सुवा, सुई लगा के नैना मार देहि रे...सुवा गीत
अमर मरावी सीजीनेट के सभी साथियों को एक सुवा गीत सुना रहे है:
हाय रे करन सुवा,सुई लगा के नैना मार देहि रे-
आमा के डारा मा बैठे रे चिरैया ओ-
आमा के डारा मा बैठे रे चिरैया ओ-
कजरा लगा के नैना मार देहि रे-
हाय रे करन सुवा,सुई लगा के नैना मार देहि रे-
पीपर के पाना में बैठे रे चिरैया ओ-
कजरा लगा के नैना मार देहि रे-
हाय रे करन सुवा,सुई लगा के नैना मार देहि रे...
Posted on: Aug 18, 2018. Tags: AMAR MRAVI SONG SUVA VICTIMS REGISTER
मोर मन मोहनी अंबिकापुर मै दिखाहूँ...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-कोटया, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
मोर मन मोहनी अंबिकापुर मै दिखाहूँ-
रंग-रंग के चीज मिलथे बड़े-बड़े दुकान-
होटल में मिठाई बेचाथे, बैठाले गोफन-
मोर मन मोहनी अंबिकापुर मै दिखाहूँ...
Posted on: Aug 18, 2018. Tags: CHHATTISGARHIA MEWALAL DEWANGAN SONG SURGUJA CHHATTISGARH VICTIMS REGISTER
मेरा शौचालय बना है पर सेप्टिक टंकी नहीं बना है इसलिए शौचालय का उपयोग नहीं कर पा रही हूँ...
राउतपारा, ग्राम पंचायत-माठपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से मिथलेश मानिकपुरी के साथ में रामबाई बता रही है कि उनके घर का शौचालय बने 4 महीने से ज्यादा हो चुका है लेकिन उसका सेप्टिक टंकी नही बना है शौच के लिए दूर जाना पड़ता है इसके लिए सचिव सरपंच को आवेदन किये हैं तो बोलते है बन जायेगा लेकिन आज तक कोई ध्यान नही दे रहे है तो उनका कहना कि सेप्टिक टंकी बनेगा तभी ही शौचालय का उपयोग कर सकते है| इसलिए सीजीनेट के सांथियो से मदद की अपील कर रहे हैं कि दिए गए नंबरो पर अधिकारियों से बात कर शौचालय का सेप्टिक टंकी बनवाने में मदद करे: सरपंच@9174450972, रामबाई@7771961633.
Posted on: Aug 18, 2018. Tags: CG KABIRDHAM RAMBAI SONG TOILET VICTIMS REGISTER
किसीम-किसीम के नवा-नवा धान आगे, ओला खाके गवाबो प्राण...छत्तीसगढ़ी कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ीयारी एक कविता सुना रहे है:
किसीन-किसीन के नवा-नवा धान आगे ओला खाके गवाबो प्राण-
सचाई गुरमटिया बाशा भोर कि जमो ला लागिस रोग-
दुबराज भाढा दुबराज लक्ष्मी येमन ला छोड़ीन आज के लोग-
सफरी भाढा सफरी जो फुल ओला हम गहन भूल-
तुलसी फुल तुलसी मंजरी गुरमटिया ओहर कहा चल गिस यार-
बुढा बूढी कूड़ा खीरा साग ओला होगिस मलेरिया बुखार-
किसीन-किसीन के नवा-नवा धान आगे ओला खाके गवाबो प्राण...


