गोडे कर बिछिया में मंजूर झाल झलके...डोमकच्छ गीत-
ग्राम पंचायत-भाडी, विकासखण्ड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से राजपति एक डोमकच्छ गीत सुना रही हैं, जिसे शादी के समय गया जाता है :
गोडे कर बिछिया में मंजूर झाल झलके-
गोडे कर बिछिया में मंजूर झाल झलके-मलके-
गोडे कर बिछिया में मंजूर झाल झलके...
Posted on: Feb 18, 2019. Tags: CG DOMKACHH SATWANTI SHYAMLE SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
राह नही मिली है, अब चलने को...कविता
ग्राम-भातखावा चाय बागान, जिला-आलीपुरद्वार (पश्चिम बंगाल) से सोनाली महाली
लडकियों को केन्द्रित रखते हुए ‘मेरी राह’ कविता सुना रही है :
राह नही मिली है, अब चलने को-
चलती जा रही हूँ, अब मै कभी न रुकने को-
आरजू मिली नही है,अब मचलने को-
ज़ोश नही चड़ी अब, कुछ करने को-
पंछी बनके उड़ने लगी हु मै-
आशमा को अब छुने लगी हूँ मै-
ऐसा लगता है हर राह को, इंतज़ार है मेरा...
Posted on: Feb 18, 2019. Tags: SONALI MAHALI SONG VICTIMS REGISTER
स्कूल के गोले गोले, घुरता पुलिसया दीदी जी...गीत
ग्राम-करकेटा, पोस्ट-जोगा, जिला-पलामू (झारखण्ड) से अंजनी कुमारी एक गीत सुना रही है :
स्कूल के गोले गोले, घुरता पुलिसया दीदी जी-
करी रउआ जल्दी से पढईया-
नइत खाएब जेल की खिचड़ीया दीदी जी-
नही चाहिए दिल, दुखाना किसी का-
आयेगा बुलावा तो, जाना पड़ेगा-
आगे ही आगे शीस, झुकाना पड़ेगा-
सोहरत तुम्हारी, रह जायेगी-
नही चाहिए दिल, दुखाना किसी का...
Posted on: Feb 18, 2019. Tags: ANJNI KUMARI SONG VICTIMS REGISTER
काली पत पो रे निर्बा रे, बांधा बांधे रे समुन्द्र में मैया मोर...गीत
ग्राम-रिहानटोला, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से सुरेश कुमार श्याम साथ में शुदो सिंह और बुददो है जो एक गीत रहे है :
काली पत पो रे निर्बा रे, बांधा बांधे रे समुन्द्र में मैया मोर-
जाइके पूछे सीता ला, सीता पर गए शंका म सुनले रावण चोर-
लंकापुरी में जाइके, रावण गर्ज़ण लागे रे-
राम राम से बस ते रखों, मन में रखों दिन-
जाइके पूछे सीता ला, सीता पर गए शंका म सुनले रावण चोर-
लंकापुरी में जाइके, रावण गर्ज़ण लागे रे...
Posted on: Feb 18, 2019. Tags: SONG SURESH KUMAR SHYAM VICTIMS REGISTER
तुम भी चलो अपने घर हम भी चले अपने घर...गीत
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक गीत सुना रहे हैं:
तुम भी चलो अपने घर हम भी चले अपने घर-
रौशन करे अब सब घर घर-
प्यार मुहब्बत से जग को बनाये-
दोस्ती भाईचारा को अपनाये-
भूखे रहे न कोई शाम तक ,रोशन करे.....
जात पात के झगड़ो को अब हम मिटाये-
सुख दु:ख मे अब सब काम आये-
न कोई बारूद हो न बम की धमक, रोशन करे...
सब धर्मो को हम अपनाये-
मजहब की दिवार को अब हम गिराये-
अब न बुझे कोई घर का दीपक ,रोशन करे...
